क्‍यूं न करें बच्‍चे की हद से ज्‍यादा तारीफ

By Super

बच्‍चे की तारीफ करना आवश्‍यक होता है और इसे करने से उसका मनोबल बढ़ता है। बच्‍चे की तारीफ या प्रशंसा करने से उस और बेहतर करने के लिए प्रेरणा मिलती है। लेकिन अगर आप बच्‍चे का एक हद से ज्‍यादा गुणगान करने लगें तो उसमें कुछ दोष भी आ सकते हैं।

अपने बच्‍चे की प्रशंसा करें, लेकिन उसकी प्रंशसा करते समय कुछ बातों का ध्‍यान भी रखना चाहिए। वैसे तो आपको यह भी जानना आवश्‍यक है कि आप अपने बच्‍चे की तारीफ उसके ही सामने ज्‍यादा क्‍यूं न करें। ऐसा करके आप उनके आगे आने वाले जीवन को बेहतर ही बनाएंगें।

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इस आर्टिकल में कुछ प्‍वांइट बताएं जा रहे हैं कि आप बच्‍चों की प्रशंसा एक हद से ज्‍यादा उनके सामने क्‍यूं न करें:

जरूरत न बनें- आप बच्‍चे की तारीफ करें और उसके बाद वह काम करें। ऐसा हर बार न करें, इससे उसकी निर्भरता उसकी अपनी तारीफ पर ही हो जाएगी। फिर वह कभी भी अपनी बिना प्रशंसा के काम नहीं कर पाएगा।

हर बार आपकी जरूरत- आप बच्‍चे की बार-बार प्रशंसा करके अपने लिए ही गड्डा खोदेगें। इससे वह हर बार आपकी जरूरत महसूस करेगा और उसके आपके बिना किसी भी काम करने का मन नहीं करेगा।

बच्‍चे की खुशी छीन जाएगी-
बच्‍चों को कभी-कभी ही सराहना चाहिए। इससे उनकी खुशी बनी रहती है। हर बार प्रशंसा से वह उसके आदी हो जाते हैं और वास्‍तविक प्रंशसा पर ही सामान्‍य ही रहते हैं जो उन्‍हे बोझिल बना सकता है।

रूचि कम हो जाएं- ज्‍यादा प्रशंसा बच्‍चे की रूचि में कमी ला देती है। उसे बार-बार की प्रशंसा से कोई फर्क ही नहीं पड़ेगा।

उपलब्धियां कम हो जाएगी- हाल ही में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि बच्‍चे की ज्‍यादा तरीफ करने पर उसकी उपलब्धियों में कमी आ जाती है, क्‍योंकि वह प्रेशर में आ जाता है कि वह अच्‍छा प्रदर्शन कर पाएगा या नहीं।

Story first published: Tuesday, November 25, 2014, 13:02 [IST]
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