Latest Updates
-
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक
Female vs Male Condom: बर्थ कंट्रोल के लिए मेल या फीमेल कंडोम, दोनों में से किसे चुनें?
female vs male condom : कंडोम गर्भनिरोध का एक प्रभावी तरीका है और यह यौन संचारित संक्रमणों (STIs) से भी बचाव करता है। सेक्स के दौरान कंडोम का उपयोग न केवल अनचाही प्रेग्नेंसी रोकता है बल्कि दोनों पार्टनर्स की यौन सेहत को सुरक्षित रखता है। कंडोम मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, मेल कंडोम और फीमेल कंडोम। मेदोनों ही गर्भनिरोध और संक्रमण रोकने में कारगर हैं, बशर्ते इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए।
हालांकि, इन दोनों में कुछ अंतर भी हैं और इनकी प्रभावशीलता में भी फर्क हो सकता है। तो, किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आइए जानें कि इनमें से कौन-सा आपके लिए बेहतर हो सकता है?

मेल कंडोम
- इसे पुरुष अपने प्राइवेट पार्ट पर पहनते हैं।
- गर्भ रोकने के साथ-साथ यौन रोगों (HIV, गोनोरिया, क्लैमाइडिया) से भी बचाव करता है।
- खासकर उन लोगों के लिए जरूरी है जिनके एक से ज्यादा पार्टनर हों।
फीमेल कंडोम
- यह महिलाओं के लिए बनाया जाता है और योनि के अंदर पहना जाता है।
- यह भी यौन रोगों से बचाता है, लेकिन पुरुष कंडोम जितना असरदार नहीं होता, क्योंकि थोड़े बहुत तरल पदार्थ का आदान-प्रदान हो सकता है।
- इसे सही तरीके से पहनने का अभ्यास जरूरी है, वरना यह संभोग के दौरान खिसक सकता है।
कंडोम के फायदे
- बिना डॉक्टर के आसानी से मेडिकल स्टोर से खरीदे जा सकते हैं।
- महिला कंडोम संभोग खत्म होने के बाद भी जगह पर रह सकता है, जबकि पुरुष कंडोम इरेक्शन खत्म होते ही निकल जाता है।
- सही तरीके से इस्तेमाल करने पर गर्भ रोकने में काफी असरदार होते हैं।
- कीमत में सस्ते और आसानी से उपलब्ध।
- गर्भ रोकने की जिम्मेदारी दोनों पार्टनर्स पर बराबर रहती है।
कंडोम के नुकसान
जिन लोगों को लेटेक्स से एलर्जी है, उन्हें सामान्य कंडोम नहीं पहनने चाहिए। उनके लिए पॉलीयूरेथेन या लैंबस्किन कंडोम विकल्प हैं, लेकिन ये महंगे होते हैं।
- कुछ लोगों को लगता है कि कंडोम से आनंद और संवेदनशीलता कम हो जाती है।
- अचानक से सेक्स का मूड होने पर पहनते में समय लग सकता है।
- गलत तरीके से पहनने या फट जाने पर गर्भ का खतरा बढ़ सकता है।
- महिला कंडोम के रिंग्स से कभी-कभी जलन या असुविधा हो सकती है, जिसे लुब्रिकेंट से कम किया जा सकता है।
कौन ज्यादा असरदार है?
- सही तरीके से इस्तेमाल करने पर दोनों ही अच्छे हैं, लेकिन गर्भ रोकने में पुरुष कंडोम थोड़ा बेहतर है।
- महिला कंडोम से गर्भ ठहरने का खतरा लगभग 21% है, जबकि पुरुष कंडोम में यह खतरा करीब 14% है।
- दोनों को एक साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
इन्हें अन्य गर्भनिरोधक तरीकों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
अगर आसान और ज्यादा असरदार तरीका चाहें, तो पुरुष कंडोम बेहतर है, क्योंकि इसे पहनना आसान है और सही तरीके से लगाने में कम समय लगता है। महिला कंडोम का फायदा यह है कि इसे पहले से पहनकर रखा जा सकता है, लेकिन सही फिटिंग और पहनने की प्रैक्टिस जरूरी है।



Click it and Unblock the Notifications