Latest Updates
-
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद -
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन -
South Indian Style Tomato Rice Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
Summer Solstice: 21 जून को क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन? जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह -
International Yoga Day 2026 Wishes: योग करे जो रोज...योग दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं -
Father's Day 2026 Shayari: उंगली पकड़कर चलना सिखाया...फादर्स डे पर पापा को भेजें ये दिल छू लेने वाली शायरियां -
Zero Oil Sprouts Cheela Recipe: वजन घटाने के लिए बनाएं हेल्दी और टेस्टी नाश्ता
गर्भावस्था के बाद शरीर में होने वाले परिवर्तन
क्या आप गर्भवती हैं? या हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है? वैसे, दोनों ही मामलों में, आपको शरीर में होने वाले परिवर्तनों के बारे में मालूम होना चाहिए कि ऐसा क्यों होता है? गर्भावस्था के दौरान, महिला में शारीरिक के साथ-साथ कई मानसिक परिवर्तन भी होते हैं।
कई महिलाओं को प्रसव के बाद या प्रसवोत्तर अवसाद यानि डिप्रेशन हो जाता है। मूड का बदलना, तनाव, चिंता आदि इस दौरान होना स्वाभाविक होता है। नई मां को अपने ऊपर एकदम से बच्चे की जिम्मेदारी आ जाने से वह मन ही मन घबरा उठती है और उसे तनाव हो जाता है। इससे बचने के लिए आवश्यक है कि नई मां सही खुराक लें, अच्छे माहौल में रहें और बच्चे के साथ अच्छा समय बिताएं।
प्रसव के बाद सेक्स के दौरान रखें किन बातों का ध्यान
प्रसव के दौरान दर्द होने के बाद बच्चा पैदा करने के पश्चात् ही शरीर की सारी समस्याएं दूर नहीं हो जाती हैं बल्कि उसके बाद ही असली जिन्दगी शुरू होती है, खुशियां आती हैं और मां को बच्चे के बारे में छोटी से छोटी बात भी समझ में आने लगती है।
ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट को शेप में लाने के 5 तरीके
हम आपको बोल्डस्काई के इस आर्टिकल में गर्भावस्था के कुछ शारीरिक परिवर्तनों के बारे में बता रहे हैं जो कि निम्न प्रकार हैं:

बेरंग त्वचा में सुधार होगा
गर्भावस्था के दौरान त्वचा के रंग में फर्क पड़ने लगता है और वह सामान्य नहीं रहती है। लेकिन प्रसव के बाद यह स्वाभाविक रंग में आने लगती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में दाने होने वाली समस्या भी दूर हो जाती है।

कब्ज
गर्भावस्था के बाद कब्ज की समस्या हो सकती है, विशेष रूप से अगर प्रसव ऑपरेशन के द्वारा किया गया है। ऐसे मामलों में, फाइबर युक्त आहार का सेवन करें और खूब सारा पानी या जूस पिएं। दिन में दो गिलास दूध का सेवन भी अवश्य करें। इससे कब्ज में राहत मिलेगी।

ऊर्जा स्तर में बढ़ोत्तरी होना
गर्भावस्था के बाद कई महिलाओं के ऊर्जा स्तर में अचानक से बढ़ोत्तरी हो जाती है। यह शरीर में होने वाले परिवर्तन का ही हिस्सा है।

कमर में दर्द
गर्भावस्था के दौरान, शरीर बिल्कुल सीधा हो जाता है जिसका सबसे ज्यादा असर कमर और रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। साथ ही शरीर का पूरा भार, कमर की मांसपेशियों पर आ जाता है। जिसके परिणामस्वरूप कमर में दर्द होने लगता है। कभी-कभार बेकार तरीके से बैठने से भी कमर में दर्द होने लगता है।

बालों का गिरना
सामान्य तौर पर प्रतिदिन 100 बालों का गिरना स्वाभाविक होता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान हारमोन्स में परिवर्तन होने के कारण बालों के गिरने में बढ़ोत्तरी हो सकती है। प्रसव के बाद शुरूआती 6 महीने में यह समस्या सबसे ज्यादा होती है।

स्ट्रेच मार्क
प्रसव के बाद पेट पर लाल रंग के स्ट्रेच मार्क पड़ जाते हैं जो बाद में सिल्वर कलर के हो जाते हैं और कुछ समय बाद त्वचा के समान ही हो जाते हैं।

स्तनों का आकार बदलना
डिलवरी के 1-2 दिनों के बाद आपके ब्रेस्ट में सूजन हो जाएगी जो कि दूध से भरे हुए प्रतीत होंगे। ब्रेस्ट से दूध रिसने लगेंगे। आप जैसे ही स्तनपान करवाएंगी आपके ब्रेस्ट फिर से नार्मल हो जाएंगे।

योनि स्राव
प्रसव के बाद शीघ्र ही योनि स्राव शुरू हो जाता है जो कई हफ्तों तक लगातार होता रहता है। इस योनि स्राव में रक्त भी होता है जो गर्भाशय अस्तर से निकलता है।

पेट में परिवर्तन
प्रसव के बाद महिला का पेट थैले की तरह हो जाता है। लेकिन कुछ समय के बाद दैनिक जीवन की शुरूआत के साथ ही साथ पेट भी अपनी सामान्य अवस्था में आ जाता है। लेकिन पेट निकलने से बचाने के लिए महिला को व्यायाम करने की आवश्यकता होती है।



Click it and Unblock the Notifications