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डिलीवरी के बाद पहली बार बाथरुम जाए तो रखें इन 8 बातों का ध्यान
जब लोगों को मालूम चलता है कि आप प्रेगनेंट है तो लोग आपको अनगिनत सलाह देने लगते हैं। हर कोई आपसे अपने पर्सनल एक्सपीरियंस शेयर करने लग जाता है। चाहे वो मॉर्निंग सिकनेस हो या फिर पीठ का दर्द, वाो अजीब सी ऐंठन हो या नींद न आने की बीमारी हो या फिर लेबर पेन का डर हो। प्रेगनेंसी के दौरान क्या किसी ने आपको बताया कि जब आप पहली बार बाथरुम जाएं तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बच्चें के जन्म के बाद पेल्विक फ्लोर मसल्स कमजोर और थक जाती है। ये वो मसल्स होती है तो लेबर पेन के दौरान जोर लगाने का काम करती है, ये ही समस्या होती है जब प्रसव के बाद पहली बार मल करती हैं।
प्रेगनेंसी के बाद पहली बार मल त्यागते हुए हर मां को बहुत दर्द होता है चाहे वो सी सेक्शन हो या नॉर्मल डिलीवरी हो।प्रेगनेंसी के बाद मल त्यागने के दर्द के बारे में कभी किसी ने खुलकर चर्चा नहीं की। हम यहां आज आपको इस बारे में बताने आए है कि जब आप पहली बार प्रसव के बाद मल त्यागने जाएं तो इन बातों का ध्यान रखें।

1. अकेले बाथरुम में न जाएं
नर्स हो सकता है कि आपको बाथरुम जाने के लिए कहें, जब तक की आप अस्पताल में हैं। उन्हें सुने, अगर आप अकेले बाथरुम जाने का प्लान बना रही हैं तो हो सकता है कि ये अभी आपके लिए सही न हो, बल्कि हो सकता है कि खिंचाव के कारण टॉयलेट सीट पर आपको दर्द से गुजरना न पड़े।

2. सॉफ्ट स्थूल करें
कुछ माएं डिलीवरी के एक हफ्ते के बाद स्थूल करती है। इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं हैं, यह सामान्य सी बात है और ये एक प्रसूता के लेबर पेन पर भी निर्भर करता है और आपने पिछले कुछ दिनों में क्या खाया? बाउल मूवमेंट को ज्यादा दर्द न हों इसके लिए डॉक्टर कुछ दवाईयां भी बताएंगे ताकि आप आराम से स्थूल कर सकें। अगर आपको स्थूल न आएं तो जल्दबाजी में मेडिकल स्टोर की तरफ रुख न करें। इससे पहले की आप कुछ दवाईयां लेना शुरु करें।

3. देरी न करें
कई माएं ऐसी होती है कि जो डिलीवरी के बाद बाथरुम जाने से डरती है। क्योंकि प्रसव की वजह से नीचे की तरफ बहुत कुछ हुआ है, नई प्रसूताओं को डर लगता है कि दबाव की वजह से कई टांके न खुल जाएं।
लेकिन ध्यान रखें कि जितना अधिक आप देरी करते हैं, उतना आपके लिए कठिन हो सकता है, इंतजार न करें।

स्क्वैट पॉजीशन करेगी मदद
जब आप टॉयलेट सीट पर बैठते हैं, तो अपने पैरों को ऊंचा रखें और अपने घुटने को पेट तक लाएं, इस स्थिति में हल्का देर तक बैठिएं, स्क्वैट से आप आराम से मल कर सकती हैं।

खुद को हाइड्रेड रखें
अच्छी मात्रा में पानी और फ्लूड पीएं, अब आप ब्रेस्टफीडिंग करेंगी, आपकी शरीर को ज्यादा से ज्यादा पानी की जरुरत होगी। इसके साथ ही आपको स्थूल आने में मदद होगी।

गैस वाले खाद्य पद्धार्थों को दूर रखें
ऑयली फूड खाने से बचें जैसे चीज, तले हुए सामान। अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जी को शामिल करें। अपनी डाइटमें ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त आहार खाएं। ये आपके पेट में बैंलेंस बनाएं रखेगा।

काउंटर प्रेशर
एक साफ पैड या डायपर का उपयोग करें, इसे पानी में भिगोएँ और इसका इस्तेमाल करते हुए, अपने अंदरूनी भागों में काउंटर प्रेशर की तरह लगाएं।

डॉक्टर से कंसल्ट करें
अगर आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रही है और दर्द में इजाफा होता जा रहा है। तो जाकर डॉक्टर से मिलिएं इससे पहले की देर हो जाएं एक बार जाकर डॉक्टर से जरुर मिलें।



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