Latest Updates
-
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान -
Himachal Day 2026 Wishes In Pahadi: 'पहाड़ां री खुशबू, देओदारे री छां', अपनों को भेजें पहाड़ी शुभकामनाएं -
Pohela Boishakh 2026 Wishes: 'शुभो नबो बोर्शो' के साथ शुरू करें नया साल, अपनों को भेजें ये शानदार संदेश -
Himachal Day 2026 Wishes: हिमाचल है हमारा अभिमान...हिमाचल दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 15 April 2026: इन 4 राशियों की आज पलटने वाली है किस्मत, क्या आपकी राशि भी है शामिल? -
Grahan in April 2026: अप्रैल में ग्रहण है या नहीं? नोट कर लें साल के सभी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की तारीख -
पाचन से लेकर जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने तक, जानें अर्ध मत्स्येन्द्रासन के फायदे और अभ्यास का सही तरीका -
Vastu Tips: घर में कपूर के साथ मिलाकर जलाएं ये दो चीजें, दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा और मिलेगा सुकून -
Real vs Fake Watermelon: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी तरबूज? इन आसान तरीकों से करें असली और नकली की पहचान -
Pana Sankranti 2026: आज ओडिशा में मनाई जा रही है पना संक्रांति, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
डिलीवरी के बाद रुका नहीं खून बहना, तो ये करें उपाय
डिलीवरी होने के कुछ समय बाद तक वजाइना से ब्लीडिंग होती है, जिसको मेडिकल भाषा में लोकिआ (lochia) कहते हैं और यह नॉर्मल तौर पर होता है। डिलीवरी के तुरंत बाद कुछ समय तक ब्लीडिंग होना या ब्लड क्लॉट्स निकलना एक सामान्य प्रक्रिया है। डिलीवरी के बाद हर महिला इस दौर से गुजरती है। इस तरह की ब्लीडिंग होने से महिला का गर्भाशय धीरे-धीरे साफ़ होता है।
आमतौर पर यह प्रसव के बाद दो या छः हफ्तों तक होता है, पर यह समय महिलाओं के लिए थोड़ा परेशानियों वाला भी होता है। इसलिए अगर आप भी इस दौर से गुज़र रही हैं तो कुछ सावधानी बरत कर आप इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकती हैं। अबॉर्शन के बाद कितने दिनों बाद तक होती रहती है ब्लीडिंग.. ?

आराम करें
प्रेगनेंसी के बाद महिला के शरीर को अधिक से अधिक रेस्ट और नींद की ज़रूरत होती है। डिलीवरी के बाद अगर आपको पिंक या भूरे रंग की ब्लीडिंग हुई है और उसके कुछ वक़्त बाद अगर आपकी ब्लीडिंग के रंग में कुछ बदलाव आता है और आपको लाल रंग की ब्लीडिंग होती है तो आपको रेस्ट की सख्त ज़रूरत है। इसके अलावा अगर आपको ओवर ब्लीडिंग या आपका पैड एक घंटे में ही भींग जाता है तो इसको अनदेखा न करें और अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें।डिलीवरी के बाद पहली बार बाथरुम जाए तो रखें इन 8 बातों का ध्यान

ब्रेस्टफीडिंग
ब्रेस्टफीडिंग न सिर्फ बच्चे के लिए बल्कि बच्चे की माँ के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। पोस्टपार्टम ब्लीडिंग के दौरान अगर आप अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं तो ये आपके सेहत के लिए भी सही है। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कुछ हॉर्मोन निकलते हैं जिसे ऑक्सीटोसिन कहते हैं जो की गर्भाशय को सिकुड़ने में मदद करता है जिस कारण ब्लीडिंग कम होने लगता है।

सेक्स न करे
पोस्टपार्टम ब्लीडिंग के दौरान सेक्स करना आपके और आपके पति दोनों के लिए सुरक्षित नहीं होता। इस दौरान इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है, इसके अलावा ज़्यादा ज़ोर पड़ने पर आपके गर्भाशय को भी नुकसान हो सकता है। सेक्स तभी करे जब आपका ब्लीडिंग पूरी तरह रूक जाए।

डॉक्टर से मिलें
अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें अगर कोई दवा है तो उसके बारे में पूछे और क्या-क्या प्रीकॉशन आपको लेनी चाहिए इस बारे में भी बात करें।

पैड्स का इस्तेमाल करें
टैंपोन्स के जगह पैड्स का इस्तेमाल करे जो की पहले हफ्ते में होने वाले हेवी ब्लीडिंग्स को कंट्रोल करेगा। टैंपोन्स से इन्फेक्शन होने का भी खतरा बना रहता है। इसके अलावा रात को आराम से सोने के लिए ओवर नाइट पैड्स का इस्तेमाल करें।

डिलीवरी अंडरवियर
डिलीवरी के कुछ दिन बाद तक आप डिलीवरी अंडरवियर पहनें, जो की बहुत आरामदायक होता है। इसके अलावा ये आम अंडरवियर्स में अलग डिस्पोजेबल होता है।

खाने का रखें खास ख्याल
लगातार ब्लीडिंग से शरीर में खून की कमी भी हो सकती है। इसलिए खाने में आयरन की मात्रा वाले खाद्य पदार्थों को ज़्यादा खाएं। आयरन शरीर के लिए काफी लाभदायक होता है और यह डिलीवरी के बाद ब्लड काउंट बढ़ाने में भी मददगार होता है। इसलिए खाने में हरी सब्ज़ियां, मीट, बीन्स जैसे चीज़ों को ज़रूर शामिल करें।
ये सब करने से आपको काफी हद तक आराम मिलेगा और अगर आपको हेवी ब्लीडिंग हो रही हो या ज़्यादा समय तक ब्लीडिंग हो रही हो तो अपने डॉक्टर से कंसल्ट ज़रूर करें।



Click it and Unblock the Notifications











