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प्रेगनेंसी में क्या खाएं और क्या नहीं?
जब औरत मां बनने वाली होती है तो उसे घर के सभी बडे़-बूढे अपने आहार में परिवर्तन करने को बोलने लगते हैं। ऐसे में होता यह है कि महिला बिना सोंचे समझे अपनी डाइट प्लैन करने लगती है। कई महिलाएं तो यह सोंच लेती हैं कि अब उन्हें अपने और अपने होने वाले शिशु के लिये दिन में चार बार भोजन खाना पडे़गा, लेकिन प्रेगनेंसी के समय ऐसी धारणा बनाना बहुत ही गलत है। शिशु और मां के लिये किस प्रकार का आहार अच्छा है, इस पर आज हम चर्चा करेंगे।

अहार जिसमें एक से ज्यादा पोषक हों- दही, पीनट बटर, काला चना, संतरा, पालक, चिकन, मांस, अंडे और डेयरी उत्पादों में प्रोटीन, कैल्शियम और लोहे बडी़ ही उच्च मात्रा में पाए जाते हैं। यानी की शिशु की बढत के लिये जो भी पोषण जरुरी हैं वे सब इसमें हैं। साबुत अनाज खाना जरुरी है क्योंकि इसमें फाइबर होता है और विटामिन, मैगनीशियम तथा जिंक।
कैलोरी रहे कम- प्रेगनेंसी में मीठा खाने पर बिल्कुल मनाही नहीं है। लेकिन अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती। इसलिये दिन में एक बार थोडा़ सा मीठा खा सकती हैं।
दो लोगों के लिये ना खाएं- महिलाओं को प्रेगनेंसी के समय अपने वजन का ख्याल रखना चाहिये। उन्हें जब तक भूख ना लगे तब तक नहीं खाना चाहिये। कई गर्भवती महिलाएं ज्यादा खाती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका बच्चा कहीं भूखा ना रह जाए। लेकिन उन्हें सोंचना होगा कि ज्यादा चर्बी चढाने से उन्हें डिलवरी के समय परेशानी होगी और वह मधुमेह की भी शिकार हो सकती हैं।
विटामिन ना भूलें- डाक्टर के अनुसार बताई गई विटामिन की गोलियां जरुर ली जानी चाहिये क्योंकि हमारा आहार पूरी तरह से हमें उतना पोषण नहीं दे पाता जितना उसे देना चाहिये। विटामिन की गोली में 100 से 200 प्रतिशत तक के आहार की मात्रा उसमें होनी चाहिये।
ऐसी हो गर्भवती महिला के आहार की मात्रा:
9 चम्मच साबुत अनाज (रोटी, अनाज, चावल और पास्ता)
2-3 चम्मच प्रोटीन से संपूर्ण आहार (मांस, अंडा, मछली, सेम और मेवे)
4 चम्मच सब्जियां
3 फल
3 चम्मच दूध, दही और चीज़



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