Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 14 May 2026: मेष और सिंह राशि वालों की चमकेगी किस्मत, जानें गुरुवार को किन राशियों पर होगी धन वर्षा -
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत -
PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, जानिए क्या है इसका मतलब और क्यों रखा नया नाम -
प्रतीक यादव ने ऐसे किया था अपर्णा यादव को प्रपोज, 10 साल बाद हुई थी दोनों की शादी, बेहद फिल्मी है लव स्टोरी -
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
प्रेगनेंसी में योगा
भले ही प्रेगनेंसी का समय बहुत ही तनावपूर्ण माना जाता हो, लेकिन उस अवस्था में आपको अपनी मन की शांति को बनाए रखना चाहिये। अगर तन और मन शांत रहेगा, तो यह स्ट्रेसफुल प्रोसेस भी बिल्कुल आसान हो जाएगा। इसके लिये जरुरी है कि प्रेगनेंसी के दौरान में योग आसन किया जाए, जिसको करने के पहले डॉक्टर की सलाह ले लें। योगा, चौथे महीने से ले कर प्रेगनेंसी के नवे महीने तक करने की सलाह दी जाती है। आइये जानते हैं कि प्रेनेंसी के दौरान कौन सा योगा करना फायदेमंद रहेगा।

1. यसतिकाआसन - मासपेशियों की स्ट्रेचिंग
सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और दोनों पैरो को सीधा फैला लें। अपने दोनों हाथों को एक साथ सिर के ऊपर की ओर सीधे फैलाएं। उसके बाद अपनी बॉडी को स्ट्रैच करें और सांस को अंदर लें। इस क्रिया को तकरीबन 6 मिनट तक के लिये होल्ड करें और धीरे से नार्मल हो जाएं।
2. सूप्ता वध्रआसन - लचीलापन लाने के लिये
पीठ के बल पर लेट जाएं, पैरों को फैला लें। उसके बाद अपने दोनों घुटनों को मोंड़ कर मिला लें। फिर अपने कमर के ऊपर वाले भाग को घुटनों से मिलाएं और नमस्ते जैसा पोज बनाएं। इस पोज को 6 सेकेंड के लिये ऐसे ही रहने दें।
इस पोज को करने से पेट का निचला हिस्सा लचीला बनता है, जिससे बच्चे को जन्म देना बहुत आसान हो जाता है। इसके आलावा यह रीढ की हड्डी को भी मजबूती देता है, जिससे पीठ दर्द नहीं होती।
3. उष्ट्रासन - रीढ़ की हड्डी मजबूत करने के लिये
इस आसन को करने के लिए जमीन पर दरी बिछाकर घुटनों के बल खड़े हो जाएं इसके बाद दोनों घुटनो को मिलाकर तथा एड़ी व पंजों को मिलाकर रखें। अब सांस अंदर खींचते हुए धीरे-धीरे शरीर को पीछे की ओर झुकाकर दोनो हाथों से दोनो एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें। इस स्थिति में ठोड़ी ऊपर की ओर करके रखें व गर्दन को सीधा रखें और दोनो हाथों को भी बिल्कुल सीधा रखें। सामान्य रूप से सांस लेते हुए इस स्थिति में 30 सैकेंड से 1 मिनट तक रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।
इस आसन को करने से शरीर में खून का प्रवाह आपके सिर में होता है और एनर्जी का लेवल बढता है। साथ ही इससे आपकी रीढ़ की हड्डी में मजबूती आएगी।
4. सांस का व्यायाम- इसमें केवल अपनी सांसो को अंदर लें और बाहर छोड़े।



Click it and Unblock the Notifications