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गर्भावस्था में संभलकर खेलें होली
(आईएएनएस)| होली खुशियों और मस्ती से भरपूर त्योहार है, लाजिमी है कि गर्भावस्था के दौरान भी महिलाएं रंगों से सराबोर होना और दूसरे को भिगोना चाहेंगी। इसमें कोई हर्ज नहीं है, मगर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि त्योहार का मजा किरकिरा न होने पाए। होली एक ऐसा खुशियों और मस्ती से भरा हुआ त्योहार है, जिसका हर कोई अपने परिवार तथा दोस्तों के साथ लुत्फ उठाना चाहता है। वहीं गर्भवती महिलाओं के लिए होली में रंगों से खेलना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खान-पान का भी खास ख्याल रखना बेहद आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है की गर्भवती महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिस कारण बीमारी और संक्रमण बढ़ जाते हैं। साथ ही वह ये भी मानती हैं कि गर्भवस्था के दौरान रासायनिक रंगों से होली खेलने से महिलाओं को शारीरिक तौर पर प्रभावित होना पड़ सकता है। ऐसे में रासायनिक रंगों से दूर रहना ही फायदेमंद होगा, क्योंकि ये पदार्थ एसिड, माइका, ग्लास पाउडर, अल्कालिस, लीड, बेंजीन, तथा एरोमेटिक कंपाउंड के जरिए बनाए जाते हैं।

कभी-कभी रंगों को बनाने के लिए डाई का भी इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे पदार्थ तंत्रिका तंत्र, गुर्दे तथा जनन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं।
गायनिकोलॉजिस्ट एवं ऑब्स्टेट्रिशन नर्चर आईवीएफ सेंटर की डॉ.अर्चना धवन बजाज कुछ सावधानी बरतने की सलाह देती हैं, ताकि गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य न बिगड़े और उनमें त्योहार का उत्साह बना रहे।
डॉ. अर्चना बताती हैं कि सावधानी न बरतने पर समय से पहले बच्चे का जन्म होना, जन्म के दौरान बच्चे के वजन में कमी तथा गर्भपात जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उनका सुझाव है कि गर्भवती महिलाएं हर्बल के रंगों से खेल सकती हैं, जो फलों तथा फूलों के द्वारा बनाई जाती है।

याद रखें, होली खेलना एक तरह का मनोरंजन है। मगर गर्भवतियों को ध्यान रखना चाहिए कि अब सिर्फ आप नहीं हैं, आपके साथ एक नन्ही जिंदगी भी है, जिसका पूरा ख्याल रखना है। होली खेलते वक्त पानी से सतर्क रहें, क्योंकि आप फिसल सकती हैं। फिसलने पर बच्चे के लिए बहुत सी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
डॉ. अर्चना धवन बजाज साफ तौर पर शराब जैसी पदार्थ के सेवन को मना करती हैं। हालांकि भांग जोकि प्राकृतिक चीज है, मगर उसका नशाा भी बच्चे के जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

उनकी सलाह है कि मिठाई तथा सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन न के बराबर करें, क्योंकि इन पदार्थो से शुगर बढ़ जाता है, जो होने वाले शिशु के लिए लाभकारी नहीं है। गर्भावस्था के समय अगर जेस्टेशनल डायबिटीज के अवसर भी पैदा हो जाते हैं तो आपको ऐसी अव्यवस्था में कोई खतरा नहीं उठाना चाहिए। आप मिठाई का सेवन कर सकती हैं, मगर बहुत कम मात्रा में।
होली खेलने के बाद अपने आप को पूरी तरह से साफ करें। लोग कई बार रंगों को साफ करने के लिए मिट्टी का तेल, नेल पेंट रिमूवर जैसी चीजों का इस्तमाल करते हैं, मगर आपको ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है। आप रंगों को हटाने के लिए बेसन का भी प्रयोग कर सकती हैं जो पूरी तरह प्राकृतिक है।

1. अगर आप पर किसी ने गीला या रसायन युक्त रंग डाल दिया है तो तुरंत अपने चेहरे को साफ पानी से धोएं।
2. नमकीन पानी या सिरके का सेवन न करें, क्योंकि उससे उलटी हो सकती है।
3. रंगों को हटाने के लिए हर्बल चीजों का ही इस्तमाल करें।
4. रंग लगी त्वचा पर जलन, सूखापन तथा फुंसी हो जाए तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
5. अपनी आंखों को रंग व गुलाल से बचाएं।



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