गर्भावस्‍था के दौरान किस प्रकार करें खाज-खुजली का उपचार

By Super

खाज, त्‍वचा पर होने वाली लगातार खुजली की समस्‍या होती है। खाज, किसी भी उम्र पर हो सकती है और कभी भी हो सकती है। गर्भावस्‍था के दौरान, खाज या खुजली की समस्‍या आमतौर पर देखने को मिलती है। गर्भवती महिला को उंगलियों, कांख, कोहनी के अंदरूनी हिस्‍से, भीतरी कलाई और घुटनों के पीछे अक्‍सर खुजली की समस्‍या होती है।

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यह बीमारी संक्रामक होती है और एक से दूसरे व्‍यक्ति को लग जाती है। गर्भवती महिला को खुजली की समस्‍या होने पर बहुत दिक्‍कत होती है। कई बार तो इसकी वजह से बच्‍चे के जन्‍म सम्‍बंधी समस्‍या भी हो जाती है।

इसके लिए आवश्‍यक है कि खुजली का उपचार बहुत ज्‍यादा फैलने से पहले ही कर लिया जाएं। खाज-खुजली को घरेलू उपचारों से भी ठीक किया जा सकता है। बोल्‍ड स्‍काई के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपचार बता रहे हैं जिनसे गर्भावस्‍था के दौरान खाज-खुजली को दूर भगाया जा सकता है:

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टी ट्री ऑयल- टी ट्री ऑयल से निकले तेल को लगाने से खुजली में राहत मिलती है। खुजली सम्‍बंधी संक्रमण को यह तेल समाप्‍त कर देता है। तेल की चार बूंद खुजली वाले स्‍थान पर लगा लें और उसे अच्‍छी तरह मल लें। इससे दो दिन में काफी आराम मिलेगी।

सरसों का तेल- खाज-खुजली में सरसों का तेल भी काफी कारगर होता है। नहाने से पहले सरसों का तेल शरीर पर लगा लें। इससे कीट के अंडे या संक्रमण खत्‍म हो जाता है। गर्भावस्‍था में नहाने से पहले हर दिन सरसों के तेल की मसाज अवश्‍य करें।

हल्‍दी- हल्‍दी को एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के लिए जाना जाता है। इसके एंटीबायोटिक गुण, घावों को भर देते हैं और खुजली को मिटा देते हैं।

नीम की पत्तियां-
नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से स्‍नान करने पर शरीर से खुजली का संक्रमण सही हो जाता है। अगर शरीर में लाल चकत्‍ते, सूजन या खाज है तो भी काफी आराम मिलती है।

एलोवेरा - एलोवेरा कई औषधिय गुणों से भरपूर होता है। इसमें संक्रमण को समाप्‍त करने की क्षमता होती है। एलोवेरा की पत्‍ती को बीच से चीर लें और इसका चिपचिपा गूदा, खाज या खुजली वाले स्‍थान पर सीधे लगा लें। बाद में गुनगुने पानी से धो लें। इससे काफी राहत मिलती है।

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