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इन संकेतों से जाने कि आपका बच्चा गर्भ में जीवित है या नहीं?
जब गर्भावस्था के दौरान किसी विकृति के कारण विकसित नहीं हो पा रहा होता है या मर चुका होता है, इस स्थिति को मिस्ड अबॉर्शन या खराब गर्भपात भी कहा जाता है क्योंकि इसमें कोई लक्षण नहीं होते हैं जो आपको बता सकते हैं कि भ्रूण मर चुका है। गर्भावस्था के 20 वें सप्ताह के बाद किसी भी समय स्वाभाविक कारणों से गर्भवती महिला का बच्चा गर्भावस्था में मर जाता है, तो इस स्थिति को स्टिलबर्थ (Stillbirth) भी कहा जाता है।
गर्भपात, गर्भकाल के किसी भी दौरान हो सकता हैं, लेकिन गर्भ में भ्रूण का विकास हो रहा है या कहीं आपके पेट में ही भ्रूण मर तो नहीं चुका है। इन संकेतों को पहचानना एक गर्भवती महिला के लिए अतिआवश्यक है। आइए जानते है कि Stillbirth या Missed abortion के लक्षण कैसे पहचान सकते हैं।

Stillbirth या Missed abortion
गर्भावस्था के 20 वें सप्ताह के बाद किसी भी समय स्वाभाविक कारणों से गर्भवती महिला का बच्चा गर्भावस्था में मर जाता है, इसे Stillbirth भी कहा जाता है। लेकिन महिलाओं की इस बारे में मालूम नहीं होता है इसलिए वो अपने मृत भ्रूण को गर्भ में लेकर घूमती है। ये स्थिति महिलाओं के लिए जानलेवा या खतरनाक भी साबित हो सकती है।

कैसे मालूम करें की गर्भ में भ्रूण जीवित है या नहीं
बहुत सारे तरीकों से मालूम कर सकते हैं कि गर्भ में भ्रूण विकसित हो रहा है या नहीं। गर्भावस्था के दौरान एक बच्चें को एक पर्याप्त उपयोगी तत्व मिलना चाहिए। गर्भावस्था काल के दौरान कभी कभी महिलाओं की लाइफस्टाइल की वजह से भी मिस्ड अबॉर्शन हो सकता है, जैसे कि वायरस या किसी संक्रमण के वजह से मिस्ड अबॉर्शन होने की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं।

इस बात पर महिलाओं को ध्यान देना चाहिए
मिस्ड अबॉर्शन का मुख्य संकेत ये होता है कि जब महिलाओं को भ्रूण के विकास और ग्रोथ का अहसास होना बंद हो जाता है। हालांकि आपको ऐसे संकेत मिलते है तो आपको तुरंत डॉक्टर को जाकर दिखाना चाहिए बजाय आप खुद ही कोई उपाय ढूंढने लगें।
इस दौरान डॉक्टर आपका जांच करके आपको अल्ट्रासाउंड के लिए भी कहेंगे। अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट के अनुसार ही डॉक्टर आपको बताएंगे कि आपका बच्चा गर्भ में स्वस्थ है या कहीं आप मिस्ड अबॉर्शन की शिकार तो नहीं हो गई हैं।

इन संकेतों से जाने कि भ्रूण जीवित है या नहीं
अगर महिला को डॉक्टर से जांच करवाने से पहले मालूम चल जाएं कि शिशु गर्भ में मर चुका है तो उसे बिना देरी किए ही डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। वैसे तो एक महिला को तब मालूम चलता है कि उसका शिशु स्वस्थ है या नहीं जब वो कोई जांच करवाती हैं। कई बार ऐसा होता है कि पहली बार में नहीं मालूम चल पाता है कि गर्भ में शिशु स्वस्थ है या नहीं। प्रेगनेंसी के चार महीनें के बाद ही मालूम चलता है कि गर्भ में शिशु विकास कर रहा है या नहीं।

ये है संकेत
गर्भावस्था के बाद के चरणों में गर्भ में भ्रूण जीवित है या नहीं इस बात के बारे में अलग अलग लक्षणों से मालूम करवाया जा सकता है।
- इस दौरान गर्भाशय की टोनस कम हो जाती है,
- आपको गर्भ में भ्रूण की हलचल के बारे में कुछ मालूम नहीं होता हैं
- स्तन का मुंह बंद हो जाता है।
- आपको कमजोरी महसूस होने लगती है आपको सिर्फ भ्रूण का वजन ही महसूस होने लगता है।
- आप महसूस करती है कि आपका बच्चा धीरे धीरे हाथ पांव चलाना बंद कर देता हैं।
- कभी कभी ऐसा भी होता है कि किसी महिला को इस बारे में मालूम चलने से पहले तक वो स्वस्थ ही महसूस करती हैं।कई बार ऐसा भी होता है कि महिलाएं भ्रूण की असमय ही मौत होने के बारे में नहीं जानती है और डॉक्टर के पास जाने पर ही उन्हें मालूम चलता है।
- यदि आप मिस अबॉर्शन के किसी भी लक्षण के बारे में मालूम चलता है तो जल्द से जल्द अपने चिकित्सक के पास जाएं।
- सबसे पहला लक्षण ये होता है कि जो आपको आपके मिस अबॉर्शन के बारे में अवेयर करता है। अचानक से बॉडी से टॉक्सिन निकलना बंद हो जाते हैं।
- इस दौरान प्रेगनेंसी के सभी लक्षण धीरे धीरे गायब होने लगते हैं।
- शरीर के तापमान में कमी आती है, जब आप अपने स्तन को छूती हैं तो आपको दर्दनाक उत्तेजना नहीं होती है।
- आपको अचानक से पेट के निचले में हिस्से तेज दर्द होने लग जाएं।
- अचानक से आपको ब्लीडिंग होने लग जाएं।
- अचानक से महिलाओं को लगने लगता है कि भ्रूण ने अपनी हलचल रोक ली है और वो ग्रोथ नहीं कर रहा हैं।
- हालांकि प्रेंगनेंसी के अंतिम चरणों में मिस अबॉर्शन की सम्भावनाएं कम रहती है।
- लेकिन प्रेगनेंसी के अंतिम चरणों में भ्रूण के विकास का ध्यान रखना जरुरी होता है।

इन लक्षणों से पहचानें

शुरुआती चरणों में मिस अबॉर्शन के लक्षण

गर्भावस्था के अंतिम चरणों में मिस अबॉर्शन के लक्षण

डॉक्टर से जरुर मिलिए
प्रेगनेंसी एक महिला के जीवनकाल में बहुत ही नाजुक मोड़ होता है वो इस वक्त अपने बच्चेां को लेकर काफी संवेदनशील हो जाती है। अगर इस वक्त आपको थोड़ा सा भी संकोच या डर है तो डॉक्टर से जाकर जरुर मिलें।



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