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प्रेग्नेंसी फोबिया: ओह जब प्रेग्नेंट होने से डरती है महिलाएं ...
गर्भावस्था एक ऐसा अहसास है जो हर महिला अपने जीवन में एक बार महसूस करना चाहती है कि लेकिन कई बार होता है कि महिलाएं प्रेग्नेंसी में होने वाले असहनीय दर्द और दूसरे कई कारणों की वजह से प्रेंग्नेट होने से डर जाती है। इस डर को प्रेग्नेंसी फोबिया भी कहा जाता है और डॉक्टरी भाषा में इसे टोकोफोबिया के नाम से भी जाना जाता है।
कुछ महिलाएं पहले प्रसव के दौर से गुजरने के बाद बहुत डर जाती हैं, इसलिए दोबारा से गर्भवती होना भी नहीं चाहती हैं। हालांकि प्रेग्नेंसी का यह डर कई महिलाओं में आम होता है और इस डर के पीछे कोई और नहीं बल्कि दिमागी डर छुपा होता है। अगर आप भी प्रेग्नेंसी फोबिया से गुजर रहीं रही हैं तो यह टिप्स आपके काम आ सकते हैं।

पार्टनर का साथ
अगर आप प्रेग्नेंसी फोबिया से गुजर रही है तो आपको इस बारे में अपने पति से बात करनी चाही। हो सकता है वो आपको अच्छे से समझे और वो आपकी इस डर से बाहर निकलने में अच्छी तरह मदद करेंगे। क्योंकि जब तक आप उन्हें समझाएंगी नहीं वो आपके अंदर छिपे डर को कैसे बाहर निकाल पाएंगे।

काउंसलर से बात करें
गर्भावस्था बाद अगर आप को डर लग रहा है, प्रसव के बाद होने वाले दर्द से आप उबर नहीं पा रही हैं तो सबसे पहले एक काउंसलर के पास जाएं और उससे सलाह लें। काउंसलर के पास इस डर से बाहर निकलने की तरकीबें होंगी जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं। उन महिलाओं से भी बात करनी चाहिये जो इस दौर से गुजर चुकी हों।

सकारात्मक सोच रखें
हर चीज का इलाज सकारात्मक सोच होती है। यही सोच आपको हर कदम पर साथ निभाती है। आपको इस पॉजिटिव सोच की ओर भी ध्यान देना चाहिए कि आपको धीरे धीरे बच्चों से लगाव लगाना जरुरी है। अगर जब तक आपके अंदर मातृत्व की भावना नहीं आएगी तब तक आप इस दर्द से लड़ने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पाएंगी। जब पुराने जमाने में महिलाएं बिना किसी मेडिकल सहायता के प्रसव के दौर से आराम से गुजर जाती थीं, तो आपको तो इतनी सारी मेडिकल सुविधायें उपलब्ध हैं, ऐसे में डर किस बात का।

जानकारी इकट्ठा करें
गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक के बारे में सभी प्रकार की जानकारी इकट्ठा कीजिए। बच्चा होने से संबधित जानकारी के बारे में बारे में लोगों से पूछने की बजाए अच्छा होगा कि आप टीवी या फिर अच्छी किताबों में पढ़ कर जानकारी प्राप्त करें। आपको तो इस बात से खुश होना चाहिये कि प्रेगनेंसी के समय आप आराम से बिना किसी चिंता के जितनी मर्जी उतनी कैलोरी का खाना खा सकती हैं।

ये वजह होती है टोकोफोबिया
कई महिलाएं प्रसव को लेकर इतनी अधिक डरी होती हैं कि वे 40 तक की उम्र पार होने के बाद भी गर्भवती नहीं होना चाहती हैं। कुछ महिलाएं तो अपनी बॉडी शेप को लेकर ही डर जाती हैं, कि अगर उनका वही सुडौल शेप दुबारा न मिल पाया तो क्या होगा। कुछ महिलाएं इसलिए डरती हैं कि मां बनने के बाद उनके पार्टनर उन्हें पहले जैसा प्यार नहीं करेंगे। कुछ को लगता है कि उनकी जिंदगी में एक नया मेहमान आने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो जाएगी। कुछ महिलाएं कॅरियर को लेकर चितिंत होती है तो इसके अलावा महिला को प्रसव के दौरान होने वाला दर्द सबसे अधिक सताता है।



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