Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व
Paush Bade Recipe: जयपुर के फेमस पौष बड़े बनाना है बहुत ईजी, एक बार खायेगे तो स्वाद भूल नहीं पाएंगे
Paush Bade Recipe: हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष मास साल का दसवां महीना होता है, इस दौरान सर्दियां बेहद ठंडी हो जाती हैं। पौष माह के दौरान सूर्य देव की पूजा करना महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान मौसम ठंडा हो जाता है।
ऋतुकाल के अनुसार भगवान का प्रसाद और परिधान बदल जाता है। इसलिए सर्दी में भगवान को ऊर्जा पैदा करने वाली सामग्री अर्पित की जाती है। इसलिए पौष माह में राजस्थान के कई शहरों में 'पौष बड़ा उत्सव' मनाया जाता है। जिसमें मंदिरों और
जयपुर में प्राचीन काल से ही 'पौष बड़ा उत्सव' आयोजित एवं मनाया जाता रहा है। इस त्यौहार में सर्दी को ध्यान में रखते हुए पकोडे बनाएं जाते हैं जिसमें खास गरम तासीर वाले मसाले पड़ते हैं। जो सर्दी के मौसम में शरीर को पौष की ठंड से बचाएं रखती है। आप इसे घर पर भी तैयार कर सकते हैं। आपको भी बताते हैं यहां जयपुर के फेमस पौष बड़े की रेसिपी-

सामग्री:
- ½ कप धुली मूंग दाल
5 ½ कप ब्लैक आइड बीन्स (लोबिया/चौली)
- 2 हरी मिर्च, मोटे तौर पर कटी हुई
- 1 इंच अदरक का टुकड़ा
- चुटकी भर हींग
- 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 8-10 काली मिर्च
- 6 लौंग, मोटे तौर पर कुचली हुई
- 1 चम्मच धनिये के बीज
- 1 चम्मच सौंफ के बीज
- 1 चम्मच जीरा
नमक स्वाद अनुसार
1 बड़ा चम्मच कटा हरा धनिया
तलने के लिए वनस्पति तेल
तरीका:
लोबिया और धुली मूंग दाल दोनों को 6 से 8 घंटे या रात भर के लिए भिगोकर अच्छी तरह से धो दें। हरी मिर्च, अदरक, लोबिया (काली आंखों वाली फलियाँ), और धुली मूंग दाल सभी को ग्राइंडर जार में डाल पीसकर गाढ़ा, चिकना पेस्ट बना लें। अच्छे मिश्रण के लिए, किनारों को एक या दो बार खुरचें। यदि आवश्यक हो तो 1-2 बड़े चम्मच पानी डालें। आप चाहें तो इसे पेस्ट को मोटा भी रख सकते हैं। एक बड़े मिश्रण के कटोरे में, दाल के पेस्ट को स्थानांतरित करें।
इसे तब तक अच्छी तरह फेंटना चाहिए जब तक बैटर झागदार और हल्का न हो जाए। यह बहुत जरुरी स्टेप है। - अब इसमें हींग, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला पाउडर, दरदरी कुटी हुई काली मिर्च, सौंफ, जीरा और दरदरा पिसा हुआ धनियां, नमक और कटी हुई धनियां की पत्तियां डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। वड़ा बैटर तैयार है। इसे अलग रख दें।
एक गहरी कड़ाही में, मध्यम आंच पर पर्याप्त तेल गरम करें। यह देखने के लिए कि तेल गर्म है या नहीं, बैटर की एक बूंद तेल में डालें। तेल तैयार होने पर बैटर को चटकना चाहिए और सतह पर तैरना चाहिए, लेकिन इसका रंग तुरंत नहीं बदलना चाहिए।
तेल गर्म हो जाने पर एक चम्मच को पानी में डुबोएं और जब बैटर तैयार हो जाए तो इसे गीले चम्मच या गीली उंगलियों का उपयोग करते हुए एक-एक करके पैन में डालें। मध्यम आंच पर इन्हें दोनों तरफ से कुरकुरा और सुनहरा भूरा होने तक डीप फ्राई करें। ड़ों को धनिये की चटनी के साथ गर्मागर्म और कुरकुरा परोसें।
Boldsky लाइफस्टाइल की सारी खबरें यहां पाएं | Subscribe to Hindi Boldsky.



Click it and Unblock the Notifications
