क्‍या आपने सुना है कभी एक्‍सीडेंटल ऑर्गेज्‍म के बारे में?

एक्‍सीडेंटल आर्गेज्म शायद हो सकता है कि आपने ये शब्‍द ही पहली बार सुना हो या सुनकर समझ गए हो। लेकिन हमें मालूम है कि ज्‍यादात्‍तर महिलाएं इस चीज से वाकिफ नहीं है।

असल में ज्यादातर महिलाएं मानती हैं कि महिलाओं को आकस्मिक आर्गेज्म नहीं हो सकता है। जबकि तथ्य इसके उलट है। हालांकि सच्‍चाई ये है कि ज्‍यादात्‍तर महिलाओं ने अपने जीवन में एक से कई बार एक्‍सीडेंटल ऑर्गेज्‍म को महसूस किया होता है।

एक्‍सीडेंटल आर्गेज्म कहीं भी, कभी भी हो सकता है। लेकिन यह ध्यान रखें कि यदि आप इस बारे में सोच रही हैं तो फिर वह एक्सीडेंटल यानी आकस्मक नहीं रह जाएगा। है न! खैर आइये इससे जुड़े कुछ तथ्यों पर नजर दौड़ाते हैं।

एक्सीडेंटल आर्गेज्म क्‍या होता है?

एक्सीडेंटल आर्गेज्म क्‍या होता है?

एक्सीडेंट आर्गेज्‍म दो तरीकों से हो सकता है। पहला शारीरिक एक्सपोज़र होने से। मतलब यह कि महिलाओं के विशेषांगों में किसी तरह का घर्षण हो। अन्य तरीका है भावनात्मक। यदि महिला शारीरिक सम्बंध या सेक्स के विषय में गहराई से सोचती है तो भी एक्सीडेंटल आर्गेज्म हो सकता है।

सभी महिलाओं को एक्सीडेंटल आर्गेज्म होता है?

सभी महिलाओं को एक्सीडेंटल आर्गेज्म होता है?

प्रत्येक महिला में चरमानंद स्थिति में पहुंचने के लिए अलग अलग रास्ते होते हैं। कोई शारीरिक, कोई मानसिक तो कोई भावनात्मक राह से होकर चरमानंद तक पहुचंती है। अतः ऐसा कहना कि सभी महिला एक्सीडेंटल आर्गेज्म तक पहुंचती हैं, थोड़ा मुश्किल होगा। असल में यह प्रत्येक महिला की अपनी अपनी सोच है। संभवतः सभी महिलाएं ऐसी स्थिति से गुजर सकती हैं बशर्ते उनका सेक्स के प्रति चाह उग्र हो।

गुप्‍तांग में अकस्मात घर्षण से -

गुप्‍तांग में अकस्मात घर्षण से -

अगर किसी महिला ने कुछ ऐसी ड्रेस पहनी है जिसको पहनकर चलने से शरीर के गुप्तांग में घर्षण हो या फिर महिला बाइक या स्कूटी चलाते हुए घर्षण महसूस करती है तो एक्सीडेंटल आर्गेज्म हो सकता है।

तेज चलने से -

तेज चलने से -

महिला विशेष यदि किसी भी तरह से सेक्स से जुड़ाव महसूस करती है और ऐसी मानसिक स्थिति में वह तेज चलती है तो भी एक्सीडेंटल आर्गेज्म हो सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि ऐसा बहुत कम यानी कभी कभार ही होता है।

सपनों में -

सपनों में -

महिलाएं कई बार सेक्स सम्बंधी सपने देखते हुए भी काफी उन्माद से भर जाती हैं। अतः महिला ने यदि कोई सेक्स सम्बंधी सपना देखा हो तो चरमानंद तक पहुंच सकती है। हालांकि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ऐसा कम होता है।

 सेक्‍स के बारे में सोचते ही

सेक्‍स के बारे में सोचते ही

यदि आप किसी वस्तु विशेष की ओर ध्यान केंद्रित रखती हैं तो भी एक्सीडेंटल आर्गेज्म होने की संभावना बन सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आप ध्यान मग्न हैं यानी मेडिटेशन कर रही हैं, उस समय सेक्स सम्बंधी विचार आपके जहन में कौंधे तो भी एक्सीडेंटल आर्गेज्म हो सकता है।

सिर्फ सोचने से भी -

सिर्फ सोचने से भी -

यदि कोई महिला ये कहे कि वे सेक्स के बारे में नहीं सेाचती तो यह सरासर झूठ है। असल में दुनिया में शायद ही कोई ऐसी महिला या कोई ऐसा पुरुष हो जो इस विषय से कटना पसंद करता हो। असल में सेक्स सम्बंधी सोच जब हावी हो यानी जब महिला सेक्स की सोच से उत्तेजित होने लगती है तो एक्सीडेंटल आर्गेज्म होने की संभावना बढ़ जाती है।

 दिमाग अगर अस्थिर हो तो -

दिमाग अगर अस्थिर हो तो -

हो सकता है कि इस तथ्य को जानकर आप हैरान हो जाएं। लेकिन यह सच है कि जब दिमाग स्थिर नहीं होता तब भी एक्सीडेंटल आर्गेज्म हो सकता है। कुछ रिपोर्ट तो यहां तक कहते हैं कि समस्या जितनी बड़ी होती है, सेक्स की चाह उतनी ज्याद हो जाती है। कई बार तो ऐसी स्थिति में सार्वजनिक जगहों में भी एक्सीडेंटल आर्गेज्म हो जाता है।

Desktop Bottom Promotion