लेडीज जानिए! ये 10 बातें क्‍यों है सेक्‍स लाइफ के लिए ऑर्गेज्‍म जरुरी ?

ऑर्गेज्‍म के नाम से महिलाएं आज भी बात करने में झिझकती है और शर्माती है। लेकिन महिलाओं को ऑर्गेज्‍म से जुड़े फैक्‍ट जानना जरुरी है। आइए जानते हे इस बारे में ज्‍यादा-

एक लम्‍बे लवमेकिंग सेशन के बाद ऑर्गेज्‍म उस लवमेकिंग सेशन का न सिर्फ एक क्‍लाइमैक्‍स होता है, बल्कि ऑर्गेज्‍म से यौन शक्ति बढ़ाने के साथ तनाव से भी निजात दिलाता है।

हाल ही में महिलाओं और सेक्‍स डीसिज भी हुए एक सर्वे में महिलाओं में ऑर्गेज्‍म को लेकर दस नई चीजें सामने आई है। इस आर्टिकल में महिलाओं के ऑर्गेज्‍म से जुड़े दस नई बातें जानेंगे।

ऑर्गेज्‍म के नाम से महिलाएं आज भी बात करने में झिझकती है और शर्माती है। लेकिन महिलाओं को ऑर्गेज्‍म से जुड़े फैक्‍ट जानना जरुरी है। आइए जानते हे इस बारे में ज्‍यादा-

 ऑर्गेज्‍म से मिलता है दर्द से निजात

ऑर्गेज्‍म से मिलता है दर्द से निजात

क्‍या आप पूरे दिन व्‍यस्‍त थी और आपको सिरदर्द हो रहा है तो आपको एक बार सेक्‍स करना चाहिए। ऐसा कुछ रिसर्च में भी साबित हो चुका है कि ऑर्गेज्‍म से सभी तरह के दर्द से छुटकारा मिल जाता है।

बल्कि ऑर्थराइटिस, सर्जरी के बाद होने वाला दर्द और डिलीवरी के वक्‍त होने वाले दर्द से निजात मिल जाता है।

कंडोम प्रभावित नहीं करता है ऑर्गेज्‍म की क्‍वॉलिटी को

कंडोम प्रभावित नहीं करता है ऑर्गेज्‍म की क्‍वॉलिटी को

अगर आप सोचते हैं कि कंडोम की वजह से आपके आपकी ऑर्गेज्‍म की क्‍वॉलिटी घटती है तो यह गलत है। महिलाएं लवमेकिंग के दौरान कंडोम और बिना कंडोम के सेक्‍स के दौरान ऑर्गेज्‍म को प्रभावित कर सकता है। एक रिसर्च में सामने आया है कि कंडोम कपल्‍स को ज्‍यादा से ज्‍यादा सेक्‍स करने के लिए हेल्‍प करता है।

30 प्रतिशत महिलाएं नहीं पहुंच पाती है क्‍लाइमैक्‍स तक

30 प्रतिशत महिलाएं नहीं पहुंच पाती है क्‍लाइमैक्‍स तक

अगर आपको क्‍लाइमैक्‍स तक पहुंचने में समस्‍या होती है तो ऐसी आप अकेली नहीं है। एक रिसर्च में सामने आया है कि तीन में से एक औरत को क्‍लाइमैक्‍स तक पहुंचने में चूक जाती है। जबकि 80 प्रतिशत स्त्रियों को इंटरकोर्स के दौरान उनको ऑर्गेज्‍म तक पहुंचने के लिए उनकी साथी पूरी मदद लेनी पड़ती है। अकेले ऑर्गेज्‍म तक पहुंचना उनकी बस की बात नहीं होती है। फीमेल सेक्‍सुअल डिस्‍फंक्‍शन के अनुसार ऑर्गेज्‍म से चुक जाना महिलाओं में सामान्‍य समस्‍या है। इसके लिए महिलाएं मेडिकल हेल्‍प ले सकती है।

जी स्‍पॉट का पता लगाइए

जी स्‍पॉट का पता लगाइए

क्‍या आपने मालूम कर लिया अपने जी स्‍पॉट के बारे में?

कई शोध कार्यो में जी स्‍पॉट का उल्‍लेख हुआ है। माना जाता है कि जी स्‍पॉट के माध्‍यम से महिलाओं को एक लम्‍बे संभोग के बाद ऑर्गेज्‍म मिलने में मदद होता है। यद्यपि हो सकता है कि महिलाओं जननांग में थोड़ा सा अलग हो सकता है। यह ज्‍यादातर वजिना के अंदर पाया जाता हे। इसकी बनावट थोड़ी सी कठोर होती है।

बढ़ती उम्र के साथ ज्‍यादा अच्‍छा ऑर्गेज्‍म

बढ़ती उम्र के साथ ज्‍यादा अच्‍छा ऑर्गेज्‍म

शोध में सामने आया है कि 61 प्रतिशत महिलाएं 18 से 24 तक की उम्र में ऑर्गेज्‍म का अनुभव कर लेती है। और वहीं 65 प्रतिशत महिलाएं है जो 30 की उम्र आने तक सेक्‍स को अनुभव करती है। वहीं जैसी जैसी उम्र बढ़ती जाती है। यह आंकड़ा भी बढ़ता जाता है। इस बात से मालूम कर सकते हे कि जैसे जैसे उम्र बढ़ती है महिलाओं के लिए सेक्‍स उतना ही आसान हो जाता है और वहीं वो उम्र के साथ वो हर तरह का सेक्‍सुअल एक्‍सपीरियंस फील कर लेती है।

 खुश रहती है

खुश रहती है

रिसर्च में सामने आया है कि कैसे महिलाएं ऑर्गेज्‍म फील करने के बाद खुश रहती है और उन्‍हें ज्‍यादा कॉन्फिडेंस देखा जाता है। क्‍योंकि एक अच्‍छे ऑर्गेज्‍म के बाद महिलाओं के हार्मोन अच्‍छे से काम करते है और महिलाओं को योनी में दर्द नहीं होता है इसके अलावा उन्‍हें आसामान्‍य सा डिस्‍चार्ज भी नहीं होता है। और इसके जरिए महिलाएं स्‍वस्‍थ भी रह सकती हैं।

 ज्‍यादा ऑर्गेज्‍म पाने के लिए रहती है इच्‍छुक

ज्‍यादा ऑर्गेज्‍म पाने के लिए रहती है इच्‍छुक

महिलाएं बेडरुम में सेक्‍स के दौरान एक से ज्‍यादा बार ऑर्गेज्‍म पाने के लिए बेताब रहती है। इसलिए वो अपने पार्टनर के साथ नई नई चीजें ट्राय करती रहती है। इसके लिए वो तरह तर‍ह के पोजिशन से लेकर ओरल सेक्‍स करना भी पसंद करती है। ये इसलिए ताकि वो अपने साथी के साथ ज्‍यादा से ज्‍यादा इंटीमेंसी चाहती है।

 हर ऑगेज्‍म में होता है गेप

हर ऑगेज्‍म में होता है गेप

जहां सेक्‍स के दौरान पुरुषों को जल्‍द ही चरमसुख की प्राप्ति होती है। वहीं जरुरी नहीं है कि महिलाओं में सेशन में क्‍लाइमैक्‍स तक पहुंचे। कई बार ऑर्गेज्‍म में गेप आ जाता है। इसके लिए महिलाओं को चिंतित होने की बिल्‍कुल भी जरुरत नहीं है।

सामान्य उत्तेजना के बिना भी

सामान्य उत्तेजना के बिना भी

शोध में ऐसे मामले भी सामने आएं है कि महिलाएं सेक्‍स के दौरान ही सामान्‍य सी उतेजना होने पर ही उनको ऑर्गेज्‍म मिल जाता है। जैसे क्लिटोरिस पर हल्‍की सी मालिश होने पर भी महिलाएं उतेजित हो जाती है और वो ऑर्गेज्‍म तक पहुंच जाती है। क्‍योंकि ऐसा करने से रक्‍त का बहाव तेज हो जाता है जिसकी वजह से एक सामान्‍य सी मालिश करने पर भी महिलाएं रिलेक्‍स फील करती है जिसे उन्‍हें ऑर्गेज्‍म मिल जाता है।

लेती है समय

लेती है समय

कई सारी महिलाएं है जिन्‍हें क्‍लाइमैक्‍स तक पहुंचन में काफी देर लगता है। और इसमें कुछ गलत नहीं है। शोध में सामने आया है कि सेक्‍सुअल एक्टिविटी के दौरान कम से कम महिलाएं 20 मिनट लेती है क्‍लाइमैक्‍स तक पहुंचने में। क्‍योंकि क्‍लाइमेक्‍स तक पहुंचने के लिए मैंटली एक्‍सरसाइज की जरुरत होती है। जिसके जरिए महिलाएं चाहें तो जल्‍दी या देर से ऑर्गेज्‍म तक पहुंच पाती हैं।

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