Real Life Experience: सुहागरात पर पति ने बताया प्‍यार किसे कहते है?

मुझे जब पहली बार प्‍यार हुआ तो मैं 16 साल की थी, उस वक्‍त में हाई स्‍कूल स्‍टूडेंट थी। मेरी स्‍कूल में पॉपुलर स्‍टूडेंट थी, गुड लुक्‍स के साथ पढ़ने में भी बहुत होशियार थी। इसी समय में उससे मिली, वो स्‍कूल का सबसे शर्मिला लड़का था। उसकी यही बात मेरे दिल को भा गई थी, उसने कोशिश जुटाकर एक दिन अपने प्‍यार का इजहार मुझसे किया।

मैंने भी उसे हां कह दिया। मेरी जिंदगी में पहली दफा प्‍यार ने दस्‍तक दी थी। लेकिन धीरे धीरे उसके बाद सब कुछ बदलने लगा।

मैंने खो दी अपनी आजादी...

मैंने खो दी अपनी आजादी...

उसके करीब आकर मैं लोगों से दूर होती चली गई। वो चाहता था कि मैं उसके साथ 24X7 रहूं, वरना वो नाराज हो जाता था, इस वजह से मैं धीरे धीरे अपने दोस्‍तों से भी दूर हो गई, क्‍योंकि उसे पसंद नहीं था, मेरे दोस्‍तों और ग्रुप में मेरी बातचीत। इस बारे में मेरे और उसके पैरेंट्स को भनक लग गई और वो हमें इस उम्र में रिलेशनशिप में आने की वजह से डांटते भी रहते थे। लेकिन फिर भी मैंने उसका साथ नहीं छोड़ा।

और वो मुझे इंटीमेट होने के लिए मजबूर करने लगा...

और वो मुझे इंटीमेट होने के लिए मजबूर करने लगा...

जैसे जैसे हमारा प्‍यार परवान चढ़ने लगा हम एक दूसरे के लिए और कॉन्फिडेंट होने लगे। इसके बाद उसने मुझे अपने साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा, लेकिन मैं इस चीज के लिए कभी तैयार नहीं हुई। मैं एक मुस्लिम समाज से हूं और निकाह से पहले ये सब करना मेरे धर्म के सख्‍त खिलाफ था। इसके बाद हमारी पढ़ाई खत्‍म हुई और हम दोनों पढ़ने के लिए अलग अलग शहर चले गए।

जब दुबारा मिले और उसने पार कर दी सारी हदें..

जब दुबारा मिले और उसने पार कर दी सारी हदें..

इसके बाद हम कुछ महीनें बाद दुबारा मिलें। जब मैंने उसे मेरा इंतजार करते हुए देखा तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जब हम मिलें और उसने मुझसे मिलते ही कहा कि क्‍या मैं अपनी वर्जनिटी खोने के लिए तैयार हूं, मैं उसे साफ साफ मना कर दिया। वो मुझ पर दबाव बनाता चला गया। अब तो उसने सारी हदें पार कर दी थी, मुझे उस पर गुस्‍सा आया और मैंने उससे ब्रेकअप कर लिया, मैं घर आकर खूब रोई।

और फिर मेरी 8 साल बड़े आदमी से शादी करवा दी..

और फिर मेरी 8 साल बड़े आदमी से शादी करवा दी..

इस बात के करीब डेढ़ साल बाद मेरी अरैंज्‍ड मैरिज करवा दी गई। मैं कहीं न कहीं डरी और सहमी हुई थी। शादी से पहले हमें सिर्फ एक बार मिलाया गया था वो मुझसे 8 साल बड़ा था, हम अक्‍सर फोन पर बातें किया करते थे। तब मुझे महसूस हुआ कि कहीं न कहीं उसके प्रति मेरे दिल में प्‍यार आ रहा है।

उसने तब तक इंतजार किया जब तक मैंने उसे हां नहीं कह दिया..

उसने तब तक इंतजार किया जब तक मैंने उसे हां नहीं कह दिया..

हमारे कोर्टशिप पीरियड के दौरान मुझे उन्‍हें समझने का अच्‍छा मौका मिला। शादी के बाद उन्‍होंने मुझे बहुत स्‍पेस दिया करते थे और मैं कभी भी अपनी फ्रैंड्स और फैमिली के साथ घूमने जा सकती थी। वो चाहते थे कि शादी के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखूं। जितना चाहे उतना पढूं। ए‍क पति का हक रखने के बाद भी उन्‍होंने कभी मुझसे जबरन संबंध नहीं मनाएं। बल्कि सुहागरात के दिन में उन्‍होंने मुझे दबाव नहीं डाला, उन्‍होंने तब तक इंतजार किया जब तक कि मैं तैयार नहीं हो गई।

शादी के सात साल के बाद..

शादी के सात साल के बाद..

अब मैं समझ गई कि सच्‍ची मोहब्‍बत की परिभाषा क्‍या होती है। जब आप साथ में हंसते है और साथ रोते हैं। एक दूसरे का ध्‍यान रखते हुए एक दूसरे के साथ रहते है। मेरे पति न सिर्फ मेरी मोहब्‍बत है बल्कि वो मेरे लिए दोस्‍त से बढ़कर भी है। अब हमारी शादी को सात साल हो चुके हैं। अब हमारे दो बच्‍चें है, हमारा प्‍यार दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। मुझे नहीं मालूम क्‍या अरैंज्‍ड मैरिज सबके लिए काम करती है या नहीं पर मुझे तौ अरैंज्‍ड मैरिज की वजह से सच्‍चा प्‍यार मिला।

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