रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

By Super

हर रिश्‍ते में बातचीत की कमी रिश्‍ते में बदलाव लाने का प्रमुख घटक है। बातचीत का सही तरीके से न हो पाने के कई कारण होते है। कभी - कभी रिश्‍ते में ज्‍यादा जुड़ाव भी अलगाव का कारण बन जाता है। इसलिए किसी भी रिश्‍ते में हमेशा बेहद चतुराई से और स्‍मार्टली बात करें।

किसी से भी बात करने में भाषा भी सबसे बड़ी बाधक होती है। जिसके साथ आप बात कर रही हैं अगर वह किसी और भाषा को समझता है या उसकी मातृभाषा अलग है तो भी बातचीत करने में दिक्‍कत होती है और कई बार इस चक्‍कर में गलतफहमी भी हो जाया करती है।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

1) अगर आपका पार्टनर अपने आप को बिलकुल अलग तरीके से रिप्रेजेंट करता है जैसा वह है, तो भी बातचीत करने और उसके फलस्‍वरूप परिणामों में नकारात्‍मकता आ जाती है।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

2) अगर आप अपने पार्टनर को समझने में भूल कर रही है तो ऐसे में भी बातचीत और संचार में चेंजेस आ जाते है। अत: उसे समझने का एकदम से प्रयास न करें, धीरे - धीरे उसके बारे में सब कुछ समझ में आ जाएगा।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

3) अगर आपका बीता हुआ कल दुखों से भरा हूआ था, तो अपने पार्टनर के साथ मधुर होने के लिए अपने अतीत का इस्‍तेमाल न करें। वरना इससे कई जटिल मुद्दे पैदा होगे।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

4) किसी की खामियां न देखते हुए उसका सम्‍मान करें। अगर आप अपने पार्टनर का सम्‍मान नहीं करेंगे तो किसी भी प्रकार की हेल्‍दी टॉक संभव नहीं है।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

5) अगर आप किसी भी प्रकार से अपने पार्टनर को बात समझाने में असक्षम है तो किसी भी थर्ड पार्टी को शामिल न करें। उसके आ जाने से आप दोनों सही से अपनी बात भी नहीं कह पांएगे और आपके रिश्‍ते में खटास भी पैदा होगी।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

6) अगर आपका पार्टनर किसी और माहौल में पला - बढ़ा है, उसके सोचने का तरीका आपके जैसा नहीं है तो अपने आपको उससे अलग न करें। अपनी भावानाओं और विचारों को उसके सामने रखें और उसकी बातों को भी तवज्‍जों दें। इस तरह आप दोनों एक दूसरे की बात को समझ सकते है।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

7) अगर आपका पार्टनर अलग है और आपकी किसी भी बात का सही से जबाव नहीं देता है तो कही न कही वह भावनात्‍मक रूप से टूटे हुए है। इसलिए पहले यह सोचें कि उन्‍हे अपने करीब कैसे लाएं या फिर उनके साथ रिश्‍ते को आगे कैसे बढ़ाया जाएं। उसके साथ सारी बातों को क्‍लीसर करें। उन्‍हे टाइम दें।

रिश्‍तों में बातचीत का अभाव और उसका प्रभाव

8) दोनों ही पार्टनर को कॉन्शियस होना चाहिए। उन्‍हे एकदूसरे की बात समझने का समय देना चाहिए। ट्रस्‍ट रखना चाहिए और भाषा में संयम सबसे ज्‍यादा जरूरी है।

Story first published: Saturday, June 29, 2013, 13:22 [IST]
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