क्‍यों नहीं देनी चाहिये किसी को रिलेशनशिप एडवाइस

जब आप खुद की शादीशुदा जिंदगी में अच्‍छा कर रहे होते हैं, तो आस-पास के लोग आपको एक एक्‍सपर्ट के रूप में देखने लगते हैं और खुद की शादी-शुदा जिंदगी की समस्‍याओं को सुलझाने के लिये आप का मुंह देखते हैं। अब आप, सभी का इतना ध्‍यान और सम्‍मान पा कर इतने अभिभूत हो जाते हैं कि उन्‍हें बिना सलाह दिये जाने नहीं देते। हो सकता है कि आपको उन्‍हें सलाह देना बहुत अच्‍छा लगता हो लेकिन अगर आप सोंचते हैं कि अगर आपकी शादी शुदा जिंदगी अच्‍छी चल रही है तो आपकी दी हुई सलाह से दूसरे शादी-शुदा कपल्‍स की भी समस्‍याएं समाप्‍त हो जाएंगी।

आपको समझना होगा कि किसी को भी रास्‍ते चलते हुए मैरीज लाइफ की सलाद देना आपको खुद परेशानी में डाल सकती है। जितना हो सके उतना लोगों को कम एडवाइस दें, नहीं तो आपकी खुद की शादी-शुदा जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। आइये जानते हैं कैसे-

Why To Never Give Relationship Advice

क्‍यों नहीं देनी चाहिये किसी को रिलेशनशिप एडवाइस

1. हर रिश्‍ता अलग होता है
हर कपल्‍स का रिश्‍ता अलग होता है, जिससे उनकी रिलेशनशिप समस्‍याएं भी अलग होती हैं। आपने अपनी मैरिज लाइफ में अभी तक जो कुछ भी सीखा है, जरुरी नहीं है कि वह दूसरे की भी मैरिज लाइफ की समस्‍याएं सुलझा सके। इसलिये आपकी सलाह दूसरे की शादी खराब कर सकती है।

2. हो सकता है आपकी सलाह काम न करे
हो सकता है कि आपकी दी हुई सलाह काम न करे और वह उल्‍टा ही गलत असर डाल दे। तो ऐसे में लोग आपको भी अपनी खराब शादी का जिम्‍मेदार ठहराएंगे।

3. केवल एक तरफ की कहानी होती है
जब भी आपके पास कोई अपना दुखड़ा ले कर आता है तो, वह केवल खुद को सही और अपने पार्टनर को गलत ठहराता है। इस दौरान आप केवल उसी की कहानी सुनते हैं और उसी पर अपना निर्णय लेते हैं।

4. उन्‍हें प्रोफेशनल एडवाइस की जरुरत है
जिन कपल्‍स की शादी-शुदा जिंदगी अच्‍छी नहीं चल रही होती है, उनके लिये प्रोफेशनल हेल्‍प मौजूद होती है। इन नाजुक मनोवैज्ञानिक मुद्दों को ठीक करने के लिये काउन्सलर होते हैं, तो ऐसे में आप क्‍यूं इनके बीच में पड़ कर अपना नाम खराब कर रही हैं।

Story first published: Wednesday, September 11, 2013, 9:39 [IST]
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