Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: आज कितने बजे से लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण? जानें सूतक काल का समय

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: आज यानी 17 फरवरी 2026 को साल की सबसे बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक, 'वलयाकार सूर्य ग्रहण' लगने जा रहा है। यही वजह है कि सुबह से लोग ये सर्च कर रहे हैं कि ग्रहण कितने बजे से हैं? सूतक काल कितने बजे से है और ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं। बता दें कि इस ग्रहण को विज्ञान की भाषा में 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहां आसमान में सूर्य एक चमकती हुई सुनहरी अंगूठी की तरह नजर आता है। जैसे ही ग्रहण का नाम आता है, मन में सूतक काल, मंदिर के कपाट और सावधानियों को लेकर ढेरों सवाल उमड़ने लगते हैं।

क्या आज भोजन करना चाहिए? क्या गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रहना होगा? और सबसे महत्वपूर्ण क्या यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं? आइए, जानते हैं आज के सूर्य ग्रहण का सही समय, दृश्यता और सूतक से जुड़े सभी तथ्यों का पूरा सच।

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कितने बजे से लगेगा ग्रहण?

खगोल विज्ञान के अनुसार, आज के ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 32 मिनट की होगी। भारतीय समयानुसार (IST) इसकी टाइमिंग दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होगी और ये शाम 5 बजकर 42 मिनट पर अपने चरम पर होगा और इसी समय 'रिंग ऑफ फायर' दिखेगा। ग्रहण की समाप्ति: शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगी।

क्या आज लगेगा सूतक?

सबसे बड़ा सवाल जो सुबह से ही चर्चा में है, वह है सूतक काल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के नियम केवल वहीं लागू होते हैं जहां ग्रहण आंखों से दिखाई देता है। चूंकि 17 फरवरी 2026 का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। देशभर के सभी मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहेंगे और पूजा-अर्चना जारी रहेगी। आपको अपनी दिनचर्या में किसी भी प्रकार के बदलाव की आवश्यकता नहीं है।

कहां दिखेगा यह नजारा?

भले ही हम भारतवासी इस अद्भुत दृश्य को सीधे आसमान में न देख पाएं, लेकिन दुनिया के इन हिस्सों में यह स्पष्ट दिखाई देगा। आप जान लें कि आज का सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, अफ्रीकी देश जैसे दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे में भी ग्रहण नंगी आंखों से दिखाई देगा।

ग्रहण के दौरान क्या करें

- सामान्य दिनचर्या: आप ऑफिस, व्यापार और घर के सभी काम सामान्य रूप से कर सकते हैं।

- ध्यान और मंत्र जाप: ग्रहण काल में ईश्वर का ध्यान या मानसिक जाप करना हमेशा शुभ माना जाता है।

- दान: ग्रहण की समाप्ति के बाद जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करना पुण्यकारी होता है।

ग्रहण के दौरान क्या न करें (Don'ts):

अफवाहों से बचें: "खाना न बनाएं" या "पानी न पिएं" जैसी पाबंदियां भारत में दृश्यता न होने के कारण जरूरी नहीं हैं।

अनावश्यक तनाव: गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार के डर या घबराहट में रहने की आवश्यकता नहीं है।

नंगी आंखों से न देखें: जिन देशों में ग्रहण दिख रहा है, वहां बिना सोलर फिल्टर वाले चश्मे के सूर्य को देखना आंखों को नुकसान पहुँचा सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

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