Latest Updates
-
दहेज के 87% मामलों के साथ बेंगलुरु बना नंबर-1; जानें Dowry Case में कितनी सजा और जुर्माने का है प्रावधान -
कोरोना के बाद अब हंतावायरस का बढ़ा खतरा; भारत भी हुआ अलर्ट, जानें कितनी जानलेवा है यह बीमारी और लक्षण -
क्या लड़कियों का भी होता है जनेऊ संस्कार? धुरंधर 2 एक्ट्रेस ने बताया क्यों सदियों पहले बंद हुई थी परंपरा -
Shani Jayanti 2026: 15 या 16 मई, कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानें सही तिथि और उपाय -
Mangal Gochar 2026: अपनी ही राशि में मंगल का गोचर; इन 4 राशि वालों पर मंडरा रहा है दुर्घटना' का साया -
Somnath Amrit Mahotsav: पीएम मोदी ने सोमनाथ में किया कुंभाभिषेक, जानें 11 तीर्थों के जल का महत्व -
PM Modi की Gold न खरीदने की चर्चा तेज, जानिए किस देश में मिलता है सबसे सस्ता सोना -
Suryakumar Yadav बने पिता, बेटी का नाम रखा 'रिद्धिमा', जानें इसका अर्थ और धार्मिक महत्व -
National Technology Day 2026 Quotes: मिसाइल मैन के वो अनमोल विचार जो आज भी युवाओं को देते हैं प्रेरणा -
Aaj Ka Rashifal 11 May 2026: सोमवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे
कामदा एकादशी 2018: करें अपनी राशि अनुसार उपाय, मिलेगा अतिशीघ्र फल
नवरात्रि और रामनवमी के बाद कामदा एकादशी का व्रत आता है। हिंदू पंचांग की ग्यारहवी तिथि को एकादशी कहते हैं। यह महीने में दो बार आता है जिसमे एक शुक्ल पक्ष पर होता है और दूसरा कृष्ण पक्ष पर। चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भक्त विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करते है।
शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है और प्रेत योनि से मुक्ति मिल जाती है। आपको बता दें इस बार कामदा एकादशी 27 मार्च को है।
आइए जानते है इस व्रत की कथा और विधि।

कामदा एकादशी व्रत कथा
भोगीपुर नाम के नगर में पुण्डरीक नाम का नाग राज करता था। इस नगर में अनेक अप्सरा, किन्नर तथा गंधर्व रहते थे। उनमें से गन्धर्व ललिता और ललित में बड़ा ही प्रेम था। एक दिन जब ललित दरबार में गाना गा रहा था अचानक उसे पत्नी ललिता की याद आ गई। इससे उसका स्वर, लय एवं ताल बिगड़ने लगे। इस त्रुटि को कर्कट नामक नाग ने जान लिया और यह बात राजा को बता दी। राजा को बड़ा क्रोध आया और राजा ने ललित को राक्षस होने का श्राप दे दिया। ललिता को जब यह पता चला तो वह बहुत दुखी हुई और श्रृंगी ऋषि के पास जाकर अपने पति के लिए प्रार्थना करने लगी।
श्रृंगी ऋषि से उस गंधर्व कन्या का दुःख देखा न गया और उन्होंने उसे चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी के जिसका नाम कामदा एकादशी है के बारे में बताया। ऋषि ने ललिता से इस एकादशी का व्रत करने को कहा। उन्होंने बताया कि उसके व्रत के पुण्य का फल उसके पति को मिलेगा और वह राक्षस योनि से मुक्त हो जाएगा। ललिता ने मुनि की आज्ञा का पालन किया और एकादशी व्रत और पूजा विधिपूर्वक की। इसी व्रत के फल से उसका पति राक्षस योनि से मुक्त हो गया और अपने पुराने स्वरूप को प्राप्त किया।
इतना ही नहीं इस व्रत के पुण्य से ललित और ललिता दोनों को उत्तम लोक में भी स्थान प्राप्त हुआ।

कामदा एकादशी व्रत विधि
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। सबसे पहले सुबह उठकर नहा धो लें। कहतें है इस दिन पवित्र नदियों या किसी तीर्थ स्थान में स्नान करना शुभ होता है। अगर ऐसा करना मुमकिन न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान कर सकतें है। नहाने के बाद भगवान विष्णु को फल और फूल अर्पित करें। इसके अलावा दूध, पंचामृत और तिल से विष्णुजी की पूजा करें। तत्पश्चात सत्य नारायण की कथा पढ़ें। कहते है कामदा एकादशी का व्रत रखने वाले भक्त को इस दिन अनाज ग्रहण नहीं करना चाहिए। अगले दिन ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद ही खाना चाहिए। इस व्रत में दान का भी बहुत महत्त्व है। ब्राह्मणो को भोजन कराने के बाद उन्हें दान देना न भूलें।
कामदा एकादशी के व्रत में नमक नहीं खाया जाता है।

कामदा एकादशी का महत्व
ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान् विष्णु की कृपा होती है और उनका आशीर्वाद भी प्राप्त होता। साथ ही यह व्रत मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला व्रत है। इस दिन व्रत करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है और मृत्यु के बाद स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है।

राशि अनुसार उपाय
इस पूजा में आप अपनी राशि के अनुसार उपाय करके मनचाहा फल प्राप्त कर सकतें है।
1.मेष: मेष राशि वाले जातक अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान विष्णु के आगे शुद्ध देशी घी का दीपक जलाएं।
2.वृषभ: वृषभ राशि के जातक भगवान श्री कृष्ण को माखन का भोग लगाएं आपको इक्छित परिणाम ज़रूर मिलेगा।
3.मिथुन: इस दिन मिथुन राशि वाले लोग भगवान वासुकीनाथ को मिश्री का भोग लगाएं।
4.कर्क: इस राशि के जातक कामदा एकादशी पर विष्णु जी को दूध में हल्दी डालकर चढ़ाएं।
5.सिंह: सिंह राशि वाले लोग श्री कृष्ण को गुड़ का भोग लगाएं।
6.कन्या: कामदा एकादशी पर कन्या राशि वाले भगवान वेणुगोपाल को तुलसी पत्र अर्पित करें।
7.तुला: इस राशि के जातक अगर भगवान विष्णु को मुल्तानी मिटटी का लेप लगाएंगे तो उन्हें अवश्य ही उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा।
8.वृश्चिक: वृश्चिक राशि वाले दही में शहद मिलाकर भगवान राधेश्याम को अर्पित करें।
9.धनु: इस दिन धनु राशि वाले नंदगोपाल को चने का प्रसाद चढ़ाएं अवश्य लाभ होगा।
10.मकर: मकर राशि के जातक श्री गोविन्द को लौंग और इलाइची का ताम्बूल चढ़ाएं।
11.कुम्भ: कामदा एकादशी पर कुम्भ राशि वाले विष्णु जी को नारियाल और मिश्री का प्रसाद चढ़ाएं।
12.मीन: इस राशि के जातक भगवान विष्णु को केसर का तिलक लगाएं मिलाकर।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications