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Ice Burn Remedy: आइस बर्न होने पर ये छोटे-छोटे उपाय आएंगे काम
यह तो हम सभी जानते हैं कि आग हमारी स्किन को जला सकती है। लेकिन कई बार बर्फ के कारण भी स्किन जल सकती है। सुनने में शायद आपको यह अजीब लगे, परन्तु यह सच है। इसे आइस बर्न या फ्रॉस्ट बाइट भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जब बहुत अधिक ठंडे तापमान के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण स्किन और उसके नीचे के टिश्यू फ्रीज हो जाते हैं।
आइस बर्न अमूमन उंगलियों, पैर की उंगलियों, नाक और कान जैसे अंगों को प्रभावित करता है। हालांकि, यह शरीर के अन्य हिस्सों पर भी हो सकता है। आइस बर्न होने पर आपको अपना अतिरिक्त ख्याल रखने की जरूरत होती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको आइस बर्न होने पर अपनाए जाने वाले कुछ उपचारों के बारे में बता रहे हैं-

आइस बर्न के लक्षण क्या हैं?
आइस बर्न होने पर शरीर में कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। मसलन, व्यक्ति का बॉडी पार्ट सुन्न हो सकता है या फिर उसे सिहरन की अनुभूति हो सकती है। इसके अलावा, उसे खुजली, दर्द, स्किन डिस्कलरेशन, फफोले पड़ना आदि की समस्या भी हो सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति को तुरंत उपचार की जरूरत हो सकती हैं।
आइस बर्न होने पर क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को आइस बर्न हुआ है तो कुछ छोटे-छोटे कदम उसे तुरंत राहत पहुंचाएंगे।
• सबसे पहले तो व्यक्ति को ठंड से बचाएं। जितना जितनी जल्दी हो सके, व्यक्ति को गर्म और सूखी जगह पर ले जाएं।
• यदि उसके कपड़े गीले हैं, तो उसकी स्किन को और अधिक ठंडा होने से बचाने के लिए उन्हें हटा दें।
• प्रभावित क्षेत्र को 15-30 मिनट के लिए लगभग 40-42° C पानी में धीरे से डुबोएं। कभी भी हीटिंग पैड या हेयर ड्रायर जैसे सीधे हीट सोर्स का उपयोग करने से बचेंए क्योंकि इससे जलन हो सकती है या फिर स्थिति बद से बदतर हो सकती है।
• अगर संभव हो तो सूजन को कम करने के लिए आइस बर्न वाले एरिया को ऊंचा रखें।
• कई बार लोग व्यक्ति को गर्मी पहुंचाने के लिए उसे रगड़ने या मालिश करने लग जाते हैं, लेकिन ऐसा करने से फ्रीज हुए टिश्यूज को और भी अधिक नुकसान हो सकता है।
• यदि व्यक्ति को आइस बर्न के कारण काफी दर्द हो रहा है, तो आप उन्हें इबुप्रोफेन या एसिटामिनोफेन जैसी ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं दे सकते हैं।
• अगर आइस बर्न की समस्या बहुत अधिक गंभीर है। मसलन, अगर व्यक्ति को छाले पड़ गए हैं या फिर संक्रमण के लक्षण हैं, तो ऐसे में किसी प्रोफेशनल की मदद ली जा सकती है।
• याद रखें कि हाइड्रेशन और बैलेंस डाइट आइस बर्न को तेजी से रिकवर करने में मददगार हो सकता है। इसलिए, कोशिश करें कि आप गर्म व पौष्टिक भोजन लें। इससे शरीर के तापमान को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, स्मोकिंग और अल्कोहल बिल्कुल भी ना लें, क्योंकि ये ब्लड वेसल्स को संकुचित कर सकते हैं, जिससे स्थिति बद से बदतर हो सकती है।
आइस बर्न से बचने के लिए क्या करें?
अगर आप लंबे समय तक भी ठंड के संपर्क में रहने के बावजूद आइस बर्न से बचना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ तरीकों को अपनाया जा सकता है। मसलन-
• हमेशा ठंडे स्थानों पर जाने से पहले थर्मल और गर्म कपड़ों की कई लेयर पहनें। खासतौर से, अगर आप ठंडी जगहों पर आइस क्लाइम्बिंग, या स्कीइंग आदि करना चाहते हों।
• कभी भी स्किन पर सीधे ही कोल्ड पैक न लगाएं। कोशिश करें कि आप अपनी स्किन और आइस पैक के बीच एक कपड़ा या तौलिया रखें। इससे आइस पैक सीधे आपकी स्किन के संपर्क में नहीं होगा और आइस बर्न होने की संभावना ना के बराबर होगी।



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