कोई भी मेकअप प्रोडक्‍ट लेने से पहले इसलिये पढ़ना चाहिये उसका लेबल

By Lekhaka
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हम सभी अपनी त्वचा के लिए बैस्ट मेकअप प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करना चाहते हैं। चेहरे के मामले में कोई भी रिस्क लेना समझदारी की बात नहीं है इसलिए जब कभी भी आप अपने लिए मेकअप प्रॉडक्ट्स खरीदें तो उनके लेबल पर भी जरूर ध्यान दें।

अगर आपको कोई भी कंपनी ऐसा कहती है कि उनका मेकअप प्रॉड्क्ट इस दुनिया में सबसे बैस्ट और बढिया है तो इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है कि वो सच बोल रहे हैं। जी हां, आप तो जानती ही हैं कि सेल्स की दुनिया में ये सब बोलना पड़ता है। इसलिए लोगों की मीठी-मीठी बातों में आकर कोई भी स्किन या मेकअप प्रॉडक्ट ना खरीदें।

आपको बता दें कि ऐसा कोई भी एक प्रॉडक्ट नहीं है जो एकसाथ पांच फायदे दे। अगर कोई ऐसा होने का दावा भी करता है तो वो बिलकुल झूठ है।

मेकअप प्रॉडक्ट्स खरीदते समय आपको उनके बनने की प्रक्रिया और लेबल के बारे में भी पढ़ लेना चाहिए।

तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कोई भी मेकअप प्रॉडक्ट खरीदने से पहले आपको उसके लेबल पर क्याप चीज़ें देखनी चाहिए।

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एसपीएफ

त्वचा विशेषज्ञों की मानें तो कम से कम 15 एसपीएफ होना चाहिए। इससे आपको सूर्य की हानिकारक किरणों से 93 प्रतिशत सुरक्षा मिलती है जो कोई भी फाउंडेशन नहीं कर सकता है। हर दो घंटे में आप बड़ी आसानी से सनस्क्रीन तो अप्लाोई कर सकती हैं लेकिल ज़रा सोचिए कि बार-बार फाउंडेशन लगाने से आपके चेहरे का क्या हाल होगा।

नैचुरल / ऑर्गेनिक

अगर आप सोचती हैं कि इस दुनिया में नैचुरल या ऑर्गेनिक मेकअप जैसी चीज़ें भी हैं तो ये आपकी सबसे बड़ी गलतफहमी है। अगर आप इन प्रॉडक्ट्स को बनाने की विधि पर ध्यान दें तो आपको उसमें रसायनों की भरमार मिलेगी। वहीं नैचुरल मेकअप में प्राकृतिक चीज़ों की मात्रा बस 2 से 5 प्रतिशत ही होती है। घर पर बनी चीज़ें ही प्राकृतिक होती हैं और कुछ नहीं।

एंटी-एजिंग

आपको बता दें कि ऐसा कोई भी मेकअप प्रॉडक्ट नहीं है तो चेहरे की झुर्रियों और रेखाओं को कम कर सके। बढ़ती उम्र को रोकना किसी के बस की बात नहीं है। केमिकल ट्रीटमेंट से बढ़ती उम्र के निशानों को छिपाया जा सकता है लेकिन उन्हें रोका नहीं जा सकता। मेकअप से तो ऐसा कर पाना बिलकुल भी संभव नहीं है।

डर्मेटेलॉजिस्ट द्वारा प्रमाणित

कई कंपनिया अपने मेकअप प्रॉडक्ट्स ये कह कर बेचती हैं कि उनके सभी उत्पाद त्वचा विशेषज्ञों द्वारा पास किए गए हैं। मार्केट में अपने प्रॉडक्ट को डर्मेटोलॉजिस्ट प्रमाणित करवाना बहुत आसान काम है।

ऑयल की नो टेंशन

आजकल मार्केट में मैट और ऑयल फ्री प्रॉडक्ट्स का नाम लेकर कंपनियां धडल्ले से अपना माल बेच रही हैं। महिलाओं को आकर्षित करने के लिए विज्ञापनों में ऑयल फ्री ब्रांड की बात कही जाती है। आपको शायद

पता नहीं होगा कि बहुत कम ही ऐसा होता है जब ऑयल फ्री प्रॉडक्ट्स सच में ऑयल फ्री हों। सभी मेकअप प्रॉडक्ट्स में किसी न किसी रूप में फैट और ऑयल्स प्रयोग किए ही जाते हैं इसलिए किसी भी प्रॉडक्ट के 100 प्रतिशत होने की बात एक मिथ है।

प्रॉडक्ट्स नहीं होते सेंट फ्री

मेकअप में आपको एकसाथ कई सारे प्रॉडक्ट्स लगाने पड़ते हैं और फिर उनकी अलग-अलग सुगंध। अब ज़रा सोचिए कि अगर आप 10 अलग-अलग खुशबुओं के साथ घर से बाहर निकलेंगीं तो कितना अजीब लगेगी।

कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि उनके मेकअप प्रॉडक्ट्स सेंट फ्री हैं। ऑयल फ्री की ही तरह सेंट फ्री भी एक मिथ है। ऐसा कोई भी मेकअप प्रॉडक्ट नहीं है जो 100 प्रतिशत सेंट फ्री हो।

अब आपको समझ लेना चाहिए कि किस तरह मेकअप निर्माता कंपनियां आपको बेवकूफ बनाकर अपने प्रॉडक्ट्स बेचती हैं।

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    English summary

    कोई भी मेकअप प्रोडक्‍ट लेने से पहले इसलिये पढ़ना चाहिये उसका लेबल | Why You Should Check The Composition Labels On Your Makeup Products

    Here are certain reasons on why you should check the composition labels on your makeup products.
    Story first published: Thursday, July 13, 2017, 14:30 [IST]
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