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हल्दी, गाजर और मोगरा तेल, दूर कर सकते है आपकी कई बीमारियां
क्या आप जानते हैं कि आप अपने खाने में जिस करीपत्ता को डालते हैं, इसे खाने के अलावा इसका तेल भी बालों में लगाया जा सकता है। ये आपके हेयरफॉल को रोकने में काफी हद तक मदद करता है। करीपत्ता ही नहीं, ऐसे कई तेल हैं जिनके इस्तेमाल से आप कई तरह की बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।

तो आइए जानते है ऐसे ही कुछ एसेंशियल ऑयल के बारे में जो आपको कई तकलीफों से बाहर निकाल सकते हैं।
गाजर का तेल
स्किन पर गाजर के तेल की मालिश करने से इंफेक्शन और जख्म से छुटकारा मिलता है। इस तेल में मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट्स उत्तकों में ऑक्सिडेंट्स से हुई टूट-फूट को सही करता है और उनको ज्यादा नुकसान करने से रोकता है। इसकी बराबर मालिश से यौन कमजोरी से छुटकारा मिलता है।
जेस्मीन का तेल
जेस्मीन का तेल मसाज करने में बहुत फ़ायदेमंद होता है। इससे हड्डियों एवं मांसपेशियों में हो रहे दर्द से निजात मिलता है और शरीर की थकान दूर होती है। इसकी पेट पर मसाज करने से हमारा यूटराइन मजबूत बनता है। जैस्मीन के तेल में मौजूद एन्टी इंफ्लेमेटरी एजेंट, सेडेटिव और एंटीसेप्टिक तत्व पाए जाते हैं। इसे बेस ऑइल की भांति या अन्य किसी तेल के साथ मिक्स करके भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
देवदार का तेल
देवदार का तेल ढीली मांसपेशियों को मजबूत करता है, उनको फिट रखता है। यह नर्वस सिस्टम को शांत रखने में मदद करता है।
दालचीनी का तेल
दालचीनी का तेल दिमाग की गतिविधियों को तेज करता है और नर्वस टेंशन कम करने व याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा ये ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाता है। इसकी कुछ बूंदों से सर्दी, जुकाम और फ्लू से छुटकारा पा सकते हैं।
मोगरा ऑइल
मोगरे के तेल के इस्तेमाल मांसपेशियां की ऐंठन कम हो जाती है. ये तेल डिप्रेशन, बेचैनी, तनाव, गुस्सा और डर जैसी समस्याओं को दूर करने में भी फायदेमंद है। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है और आपको एनर्जेटिक बनाएं रखता है।
संतरे का तेल
यह तेल ऐंटीसेप्टिक का काम करता है और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोककर संक्रमण से बचाता है। इसके इस्तेमाल से आप डिप्रेशन और अन्य समस्याओं जैसे चिंता, तनाव, गुस्सा और भय से छुटकारा पा सकते हैं। इससे अपच, पेट और छाती दर्द में राहत मिलती है। यह प्रीमच्योर मेनपॉज से गुजर रही महिलाओं को भी दर्द, चक्कर और झुंझलाहट भगाकर राहत देता है।
लोबान का तेल
लोबान का तेल शरीर में गैस बनने से रोकता है और अन्य समस्याओं जैसे पसीना, बेचैनी और अपच से राहत दिलाता है। शरीर पर लगाने या सूंघने से शरीर पर हुए फोड़े बहुत ही तेजी से मुरझा जाते हैं।
हल्दी का तेल
इससे तेल से जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस में राहत मिलती है। इसके अंदर आरटर्मेरॉन नाम का एक कम्पाउंड होता है जो लिवर को हेल्थी रखने में मदद करता है और साथ ही त्वचा पर निकलने वाले फोड़े को भी सही करता है।
करीपत्ता तेल
बटर मिल्क या जूस के साथ मिलाकर कुछ बूंद इस तेल को हर सुबह लेने से पेट की कई तरह समस्या जैसे खाना नहीं पचना, गैस बनना आदि से छुटकारा मिलता है। इस तेल को लगाने से सर के बाल का गिरना भी बंद हो जाता है।
सौंफ का तेल
इससे अपच की शिकायत दूर हो जाती है. साथ ही ये पेट और सीने के दर्द से भी राहत दिलाने में मददगार है. चिड़चिड़ेपन की समस्या को दूर करने में भी ये फायदेमंद है। अगर आपके पीरियड्स अनियमित हैं तो भी सौंफ के तेल का इस्तेमाल फायदेंमंद रहेगा।



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