Latest Updates
-
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक
59% भारतीय नींद की कमी से जूझ रहे हैं, कम सोने से हो सकती है सेहत को ये 7 दिक्कतें
हाल ही में लोकल सर्किल्स द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि 59% भारतीय प्रतिदिन छह घंटे से भी कम की गुणवत्ता वाली नींद ले पाते हैं। इनमें से लगभग आधे लोग सप्ताहांत में भी इस नींद की कमी को पूरा करने में असफल रहते हैं। अध्ययन यह भी बताता है कि 38% भारतीय छुट्टियों या सप्ताहांत में भी अपनी अधूरी नींद पूरी करने के लिए संघर्ष करते हैं।
नींद की कमी से जूझ रहे 72% लोग रात में बार-बार वॉशरूम जाने के कारण जागते हैं। इसके अलावा, बढ़ती उम्र, अनियमित नींद का पैटर्न, धीमा मेटाबॉलिज्म, देर रात स्क्रीन टाइम, अस्वास्थ्यकर खानपान और शराब का सेवन जैसे कारक नींद में खलल डालने के प्रमुख कारणों के रूप में सामने आए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हर व्यक्ति को कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद ज़रूर लेनी चाहिए। यदि आपकी नींद 6 घंटे से कम होती है, तो यह आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। आइए जानते हैं कि पर्याप्त नींद न लेने से कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं

इम्यून सिस्टम कमजोर होता है
नींद पूरी न होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शोध दर्शाते हैं कि नींद और इम्यून सिस्टम के बीच गहरा संबंध है।
हृदय संबंधी समस्याएं
5 घंटे से कम या 9 घंटे से अधिक की नींद लेने से दिल की सेहत प्रभावित हो सकती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
कैंसर का खतरा बढ़ता है
अपर्याप्त नींद स्तन कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी पाई गई है। जो लोग नाइट शिफ्ट में काम करते हैं, उनमें यह खतरा और अधिक होता है।
सोचने और निर्णय लेने की क्षमता पर असर
एक रात की भी अधूरी नींद मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। शोध में पाया गया कि कम नींद लेने से ध्यान केंद्रित करने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
याददाश्त कमजोर होती है
नींद पूरी न होने से स्मरण शक्ति पर असर पड़ता है। शोध बताते हैं कि अच्छी नींद मस्तिष्क की याद रखने और सीखने की क्षमता को मजबूत बनाती है।
वजन बढ़ सकता है
अपर्याप्त नींद से वजन बढ़ने की संभावना अधिक होती है। 21,469 वयस्कों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग प्रतिदिन 5 घंटे से कम सोते हैं, उनके मोटापे का खतरा अधिक होता है।
डायबिटीज़ का खतरा बढ़ता है
कम नींद लेने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी प्रभावित होती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है। शोध में पाया गया कि नियमित रूप से 7 से 8 घंटे की नींद लेने से मधुमेह का जोखिम कम हो सकता है।
पर्याप्त नींद न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। इसलिए, अपनी नींद की दिनचर्या को संतुलित रखें और अच्छी सेहत के लिए रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद लेने का प्रयास करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications