Latest Updates
-
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग
59% भारतीय नींद की कमी से जूझ रहे हैं, कम सोने से हो सकती है सेहत को ये 7 दिक्कतें
हाल ही में लोकल सर्किल्स द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि 59% भारतीय प्रतिदिन छह घंटे से भी कम की गुणवत्ता वाली नींद ले पाते हैं। इनमें से लगभग आधे लोग सप्ताहांत में भी इस नींद की कमी को पूरा करने में असफल रहते हैं। अध्ययन यह भी बताता है कि 38% भारतीय छुट्टियों या सप्ताहांत में भी अपनी अधूरी नींद पूरी करने के लिए संघर्ष करते हैं।
नींद की कमी से जूझ रहे 72% लोग रात में बार-बार वॉशरूम जाने के कारण जागते हैं। इसके अलावा, बढ़ती उम्र, अनियमित नींद का पैटर्न, धीमा मेटाबॉलिज्म, देर रात स्क्रीन टाइम, अस्वास्थ्यकर खानपान और शराब का सेवन जैसे कारक नींद में खलल डालने के प्रमुख कारणों के रूप में सामने आए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हर व्यक्ति को कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद ज़रूर लेनी चाहिए। यदि आपकी नींद 6 घंटे से कम होती है, तो यह आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। आइए जानते हैं कि पर्याप्त नींद न लेने से कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं

इम्यून सिस्टम कमजोर होता है
नींद पूरी न होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शोध दर्शाते हैं कि नींद और इम्यून सिस्टम के बीच गहरा संबंध है।
हृदय संबंधी समस्याएं
5 घंटे से कम या 9 घंटे से अधिक की नींद लेने से दिल की सेहत प्रभावित हो सकती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
कैंसर का खतरा बढ़ता है
अपर्याप्त नींद स्तन कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी पाई गई है। जो लोग नाइट शिफ्ट में काम करते हैं, उनमें यह खतरा और अधिक होता है।
सोचने और निर्णय लेने की क्षमता पर असर
एक रात की भी अधूरी नींद मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। शोध में पाया गया कि कम नींद लेने से ध्यान केंद्रित करने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
याददाश्त कमजोर होती है
नींद पूरी न होने से स्मरण शक्ति पर असर पड़ता है। शोध बताते हैं कि अच्छी नींद मस्तिष्क की याद रखने और सीखने की क्षमता को मजबूत बनाती है।
वजन बढ़ सकता है
अपर्याप्त नींद से वजन बढ़ने की संभावना अधिक होती है। 21,469 वयस्कों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग प्रतिदिन 5 घंटे से कम सोते हैं, उनके मोटापे का खतरा अधिक होता है।
डायबिटीज़ का खतरा बढ़ता है
कम नींद लेने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी प्रभावित होती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है। शोध में पाया गया कि नियमित रूप से 7 से 8 घंटे की नींद लेने से मधुमेह का जोखिम कम हो सकता है।
पर्याप्त नींद न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। इसलिए, अपनी नींद की दिनचर्या को संतुलित रखें और अच्छी सेहत के लिए रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद लेने का प्रयास करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
