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बोटॉक्स से जुड़े इन मिथ्स को सच मानते हैं लोग
हम सभी इन दिनों खूबसूरत दिखने के लिए कई तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। इन्हीं में से एक है बोटॉक्स। जिसका क्रेज पिछले कुछ समय में काफी बढ़ा है। यह आपकी स्किन को अधिक यंगर दिखाने में मददगार है। इस प्रक्रिया में इंजेक्शन दिए जाते हैं और इससे मसल्स रिलैक्स होती हैं। यह आपकी स्किन पर मौजूद फाइन लाइन्स और रिंकल्स को कम करने में बेहद प्रभावी माना गया है। हालांकि, आज भी लोग बोटॉक्स को लेकर तरह-तरह के भ्रम को ही सच मानते हैं।
दरअसल, बोटॉक्स को लेकर ऑनलाइन व ऑफलाइन कई तरह की बातें होती हैं। ऐसे में लोग इससे जुड़े कई मिथ्स को ही सच मानने लग जाते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बोटॉक्स से जुड़े कुछ मिथ्स और उनकी सच्चाई के बारे में बता रहे हैं-

मिथ 1- बोटॉक्स प्रोसेस काफी दर्दनाक है।
सच्चाई- चूंकि बोटॉक्स प्रोसेस के दौरान स्किन पर इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए, अधिकतर लोग यह समझते हैं कि यह एक बेहद ही पेनफुल प्रोसेस है। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। बोटॉक्स प्रोसेस के दौरान केवल उतना ही दर्द होता है, जितना एक सामान्य इंजेक्शन लगाने पर होता है। हो सकता है कि इस प्रोसेस के दौरान आपको हल्की चुभन जैसी फीलिंग हो। लेकिन वास्तव में यह उतना दर्दनाक नहीं होता है। इतना ही नहीं, इस प्रोसेस से पहले एक जेल लगाया जाता है, जिससे स्किन सुन्न हो जाती है और फिर आपको अपनी स्किन काफी शांत महसूस होती है।
मिथ 2- बोटॉक्स एक परमानेंट स्किन ट्रीटमेंट है
सच्चाई- कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि बोटॉक्स एक परमानेंट स्किन ट्रीटमेंट है। जिसका अर्थ है कि अगर वे एक बार बोटॉक्स करवाते हैं तो उनकी स्किन हमेशा ही यंगर नजर आएगी। जबकि ऐसा नहीं है। बोटॉक्स का इफेक्ट करीबन तीन महीने तक ही रहता है। इसके बाद, अगर आप चाहें तो दोबारा बोटॉक्स ट्रीटमेंट करवा सकते हैं।
मिथ 3- बोटॉक्स का असर खत्म होने के बाद स्किन पहले से भी अधिक बूढ़ी हो जाती है।
सच्चाई- कुछ लोग बोटॉक्स ट्रीटमेंट करवाने से इसलिए भी बचते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि जब इसका असर खत्म होगा तो उनकी स्किन बहुत अधिक बूढ़ी व झुर्रिदार नजर आएगी। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। बोटॉक्स ट्रीटमेंट का असर करीबन तीन से पांच महीने तक रहता है। लेकिन उसके बाद जब इसका प्रभाव खत्म होता है और आप इस ट्रीटमेंट को दोबारा नहीं करवाते हैं तो इससे आपकी स्किन और भी अधिक बूढ़ी नजर नहीं आती है। हालांकि, अपनी स्किन की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए आप एक बार स्किन केयर एक्सपर्ट से इस विषय में बात अवश्य करें।
मिथ 4- बोटॉक्स ट्रीटमेंट बहुत अधिक महंगा है।
सच्चाई- यह बोटॉक्स ट्रीटमेंट को लेकर एक बहुत ही आम मिथ है। लोगों को ऐसा लगता है कि बोटॉक्स करवाना सिर्फ अमीर लोगों की पहुंच में ही है। इसलिए, वे कभी इस ऑप्शन को एक्सलोर करने के बारे में सोचते तक नहीं है। जबकि यह पूरी तरह से एक भ्रम ही है। अगर आप बोटॉक्स करवाते हैं तो इसके एक सेशन का खर्च 8,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक आ सकता है। इसकी कीमत मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने शरीर के किस हिस्से में बोटॉक्स ट्रीटमेंट करवा रहे हैं।
मिथ 5- बोटॉक्स प्लास्टिक सर्जरी है।
सच्चाई- बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि बोटॉक्स ट्रीटमेंट और प्लास्टिक सर्जरी में क्या अंतर है। इसलिए, वे बोटॉक्स को स्किन की प्लास्टिक सर्जरी ही समझते हैं। जबकि यह दोनों एक-दूसरे से काफी अलग हैं। जहां प्लास्टिक सर्जरी में एनेस्थीसिया और टांके आदि लगाए जाते हैं। वहीं, बोटॉक्स सिर्फ इंजेक्शन की मदद से किया जाने वाला एक प्रोसेस है, जिसमें बेहद ही कम समय लगता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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