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मधुमेह पर काबू पाने के लिये लिमिट में पीजिये जूस
(आईएएनएस) सुबह के समय फल का जूस पीते हैं? यदि आप फलों के जूस के शौकीन हैं तो दिन में एक ही ग्लास लीजिए क्योंकि इसमें शर्करा की अत्यधिक मात्रा होती है। ब्रिटिश सरकार के 'राष्ट्रीय भोज्य एवं पोषाहार सर्वेक्षण' के अनुसंधानकर्ताओं ने इस आशय की चेतावनी दी है।
ब्रिटिश सरकार की एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड की ओर से जारी सर्वेक्षण में कहा गया है कि 11 से 19 वर्ष के युवक फलों के जूस, शीतल पेय, अनाज के आसव, बिस्कुट और केक का सेवन से औसतन 47 प्रतिशत अधिक शर्करा का सेवन करते हैं।

केवल 10 प्रतिशत किशोर लड़के और 7 प्रतिशत किशोर लड़कियों को फलों और सब्जियों का पांचवां हिस्सा मिल पाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 वर्ष तक के बच्चों को 34 प्रतिशत ही शर्करा लेना चाहिए। सर्वे में 2008 और 2012 के दौरान 4000 वयस्कों और बच्चों पर सर्वेक्षण किया गया। मधुमेह से पीड़ित हैं तो इन 10 फलों से रहें दूर
अगर आप मधुमेह रोग से पीड़ित हैं, तो आपको आम, चीकू, सीताफल, खुबानी, तरबूज, पपीता और खूजर आदि का रस तो बिल्कुल भी नहीं छूना चाहिये। ज्यादातर फलों को ब्लड शुगर लेवल में बदलाव लाने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
मधुमेह के रोगी किसी भी फल को खाने से पहले उसका जीआई इंडेक्स वैल्यू जरूर देख लें। जीआई का अर्थ होता है ग्लाइकेमिक इंडेक्स। अगर यह 55 या उससे कम है तो मधुमेह के रोगी इसे खा सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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