Latest Updates
-
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं
मधुमेह पर काबू पाने के लिये लिमिट में पीजिये जूस
(आईएएनएस) सुबह के समय फल का जूस पीते हैं? यदि आप फलों के जूस के शौकीन हैं तो दिन में एक ही ग्लास लीजिए क्योंकि इसमें शर्करा की अत्यधिक मात्रा होती है। ब्रिटिश सरकार के 'राष्ट्रीय भोज्य एवं पोषाहार सर्वेक्षण' के अनुसंधानकर्ताओं ने इस आशय की चेतावनी दी है।
ब्रिटिश सरकार की एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड की ओर से जारी सर्वेक्षण में कहा गया है कि 11 से 19 वर्ष के युवक फलों के जूस, शीतल पेय, अनाज के आसव, बिस्कुट और केक का सेवन से औसतन 47 प्रतिशत अधिक शर्करा का सेवन करते हैं।

केवल 10 प्रतिशत किशोर लड़के और 7 प्रतिशत किशोर लड़कियों को फलों और सब्जियों का पांचवां हिस्सा मिल पाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 वर्ष तक के बच्चों को 34 प्रतिशत ही शर्करा लेना चाहिए। सर्वे में 2008 और 2012 के दौरान 4000 वयस्कों और बच्चों पर सर्वेक्षण किया गया। मधुमेह से पीड़ित हैं तो इन 10 फलों से रहें दूर
अगर आप मधुमेह रोग से पीड़ित हैं, तो आपको आम, चीकू, सीताफल, खुबानी, तरबूज, पपीता और खूजर आदि का रस तो बिल्कुल भी नहीं छूना चाहिये। ज्यादातर फलों को ब्लड शुगर लेवल में बदलाव लाने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
मधुमेह के रोगी किसी भी फल को खाने से पहले उसका जीआई इंडेक्स वैल्यू जरूर देख लें। जीआई का अर्थ होता है ग्लाइकेमिक इंडेक्स। अगर यह 55 या उससे कम है तो मधुमेह के रोगी इसे खा सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
