Latest Updates
-
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
मधुमेह पर काबू पाने के लिये लिमिट में पीजिये जूस
(आईएएनएस) सुबह के समय फल का जूस पीते हैं? यदि आप फलों के जूस के शौकीन हैं तो दिन में एक ही ग्लास लीजिए क्योंकि इसमें शर्करा की अत्यधिक मात्रा होती है। ब्रिटिश सरकार के 'राष्ट्रीय भोज्य एवं पोषाहार सर्वेक्षण' के अनुसंधानकर्ताओं ने इस आशय की चेतावनी दी है।
ब्रिटिश सरकार की एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड की ओर से जारी सर्वेक्षण में कहा गया है कि 11 से 19 वर्ष के युवक फलों के जूस, शीतल पेय, अनाज के आसव, बिस्कुट और केक का सेवन से औसतन 47 प्रतिशत अधिक शर्करा का सेवन करते हैं।

केवल 10 प्रतिशत किशोर लड़के और 7 प्रतिशत किशोर लड़कियों को फलों और सब्जियों का पांचवां हिस्सा मिल पाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 वर्ष तक के बच्चों को 34 प्रतिशत ही शर्करा लेना चाहिए। सर्वे में 2008 और 2012 के दौरान 4000 वयस्कों और बच्चों पर सर्वेक्षण किया गया। मधुमेह से पीड़ित हैं तो इन 10 फलों से रहें दूर
अगर आप मधुमेह रोग से पीड़ित हैं, तो आपको आम, चीकू, सीताफल, खुबानी, तरबूज, पपीता और खूजर आदि का रस तो बिल्कुल भी नहीं छूना चाहिये। ज्यादातर फलों को ब्लड शुगर लेवल में बदलाव लाने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
मधुमेह के रोगी किसी भी फल को खाने से पहले उसका जीआई इंडेक्स वैल्यू जरूर देख लें। जीआई का अर्थ होता है ग्लाइकेमिक इंडेक्स। अगर यह 55 या उससे कम है तो मधुमेह के रोगी इसे खा सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications