Latest Updates
-
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा -
5th Bada Mangal 2026: पांचवे बड़े मंगल पर करें पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे सभी संकट -
Aaj Ka Rashifal 02 June 2026: मंगलवार को इन राशियों पर होगी धनवर्षा, बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे सारे कष्ट -
No Bitterness Trick Karela Sabzi Recipe: अब घर पर बनाएं बिना कड़वाहट वाली चटपटी सब्जी -
घर में क्लेश और बार-बार होने वाली बीमारियों के पीछे हो सकती है बुरी नजर, दूर करने के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय
डायबिटीज के मरीज 6 महीने में ऐसे घटाएं 6 किलो वजन
डायबिटीज के मरीजों के लिए वजन कम करना बहुत ही आसान हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो आप वेजिटेरियन डाइट के जरिए छह महीने में 6.20 किलो वजन कम कर सकते हैं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए वजन कम करना बहुत ही आसान हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो आप वेजिटेरियन डाइट के जरिए छह महीने में 6.20 किलो वजन कम कर सकते हैं।
एक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला कि वेजिटेरियन डाइट लेने वालों का डायबिटीज की आम डाइट लेने वालों की तुलना में लगभग दोगुना यानि 6.20 किलो वजन कम हुआ था। जबकि उनका 3.19 किलो वजन ही घटा था। इस शोध में टाइप 2 डायबिटीज के 74 मरीजों को छह महीने तक 500 कैलोरी कम वाली चीजें दी गई थी।

वेजिटेरियन वाले समूह के लोगों का मसल्स पर जमा सबफिशियल फैट और मसल्स के अंदर जमा फैट इनमेट्रसस्कुलर फैट कम हुआ था, जबकि डायबिटीज की रेगुलर डायट लेने वालों में यह असर नहीं दिखा था।
दोनों ग्रुप के लोगों में त्वचा के नीचे जमा होने वाला फैट सामान रूप से कम हुआ था। परिणाम बताते हैं कि त्वचा के नीचे जमा फैट और सबफिशियल फैट एचबीए 1, प्लाज्मा ग्लूकोज और एसएस-सेल इंसुलिन सेंस्टिविटी में बदलाव से जुड़े हैं।

अध्ययन के लेखक हाना काहलोवा ने कहा कि मसल्स फैट खोने से इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
प्लांट बेस्ड मील प्लान में नाश्ते में प्लम और बादाम, लंच में गाजर और गोभी का सूप और डिनर में चावल, टोफू और बीन स्प्राउट्स शामिल है जबकि स्नैक्स में सब्जियां, फल और गाजर है।

इसके अलावा एक साल बाद वेज डायट लेने वालों की कमर दूसरे ग्रुप के लोगों की तुलना में लगभग पांच सेंटीमीटर कम हो गई थी।
दोनों ग्रुप के लोगों में एचबीए 1 सी में वृद्धि हुई थी, हालांकि एक साल बाद वेजिटेरियन ग्रुप के लोगों की डायबिटीज की दवाओं और इंसुलिन के लेवल में भी कमी देखी गई थी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications