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Borderline Diabetes: क्या है बॉर्डर डायबिटीज के लक्षण और इलाज, डायबिटीज टाइप 2 से क्या है संबंध?

बॉर्डरलाइन डायबिटीज को प्रीडायबिटीज के नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी में किसी इंसान के खून में शक्कर की मात्रा नॉर्मल से ज्यादा होती है, मगर डायबिटीज की तरह हाई नहीं होता है। बॉर्डरलाइन डायबिटीज वाले लोगों को डायबिटीज टाइप 2, दिल से जुड़ी बीमारी और दूसरी डायबिटीज से जुड़ी समस्याओं के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए।
बॉर्डरलाइन डायबिटीज का पहला चरण?
बॉर्डर लाइन डायबिटीज के शुरुआती चरणों में, एक व्यक्ति को किसी भी ध्यान देने योग्य लक्षण का अनुभव नहीं हो सकता है। हालांकि, कुछ व्यक्तियों को अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, धुंधला दिखना, और धीमी गति से ठीक होने वाले घाव या कट जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि बॉर्डर लाइन डायबिटीद का जल्द पता लगाने से आप टाइप 2 डायबिटीज को शुरुआत में ही होने से रोकने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए, यह कहा जाता है कि जिन व्यक्तियों को डायबिटीज होने का खतरा है, जैसे कि जिनका ज्यादा वजन हैं, डायबिटीज का पारिवारिक इतिहास है, या हाई ब्लड प्रेशनर की समस्या है, वे नियमित रूप से प्रीडायबिटीज की जांच करवाते रहें।
बॉर्डर लाइन डायबिटीज के संकेत
बॉर्डरलाइन डायबिटीज ब्लड टेस्ट के माध्यम से पहचाना जा सकता है जो खून में ग्लूकोज के स्तर को मापता है। प्रीडायबिटीज का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे आम परीक्षण हीमोग्लोबिन A1C टेस्ट है जो पिछले 2-3 महीनों में औसत ब्लड शुगर के लेवल को मापता है।
अगर A1C का स्तर 5.7 प्रतिशत और 6.4 प्रतिशत के बीच है, तो यह प्रीडायबिटीज होने का संकेत होता है। प्रीडायबिटीज के लिए इस्तेमाल किए जा सकने वाले अन्य टेस्टों में फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट और ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट शामिल हैं।
जांच करवाने के अलावा, कुछ संकेत और लक्षण हैं जो प्रीडायबिटीज का संकेत दे सकते हैं। जिनमें शामिल हैं ये:
1. प्यास और भूख में बढ़ोत्तरी होना
2. जल्दी-जल्दी पेशाब आना
3. थकान महसूस होना
4. धुंधला दिखना, या आंखों की रोशनी कमजोर होना
5. चोट या घाव का धीर-धीरे भरना
6. हाथ या पैर में झुनझुनी महसूस होना
यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्रीडायबिटीज वाले कई लोग किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं कर सकते हैं, यही कारण है कि स्क्रीनिंग टेस्ट बहुत जरूरी होता हैं, विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए जिन्हें टाइप 2 मधुमेह विकसित होने का खतरा ज्यादा हो।
बॉर्डरलाइन डायबिटीज का इलाज
बॉर्डनलाइन डायबिटीज के लिए इलाज में लाइफस्टाइल में बदलाव शामिल हैं जो ब्लड शुगर के स्तर को बेहतर बनाने और टाइप 2 डायबिटीज के विकास के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में आप अपने लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कर सकते हैं-
1. वजन कम करना
अपने लाइफस्टाइल में एक्सरसाइज, योग जैसी गतिविधियों को शामिल करें। साथ ही एक हेल्दी डाइट में फॉलो करें। ताकि आप अपने वजन पर कंट्रोल कर सकते हैं। एक हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज के माध्यम से वजन कम करने से इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने और ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है।
2. हेल्दी डाइट
फाइबर, फलों और सब्जियों में हाई संतुलित आहार खाने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है।
3. शराब और धूम्रपान करें इग्नोर
बॉर्डरलाइन डायबिटीज में शराब और धूम्रपान टाइप 2 डायबिटीज के विकास के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए धूम्रपान छोड़ना बहुत जरूरी है।
4. दवाएं
कुछ मामलों में, ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण करने और इसमें सुधार के लिए मेटफॉर्मिन जैसी दवाएं निर्धारित की जा सकती हैं।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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