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वजन ना घटा पाने के 7 प्रमुख कारण
क्या आप अपना वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, पर कर नहीं पा रहें? सारे डाइट प्लैनस् का अनुगमन करने के बावजूद, आपका वजन बढता जा रहा है? तो वजन ना घटने का कारण आपका खान पान नहीं, बल्कि आपकी सेहत हो सकती है। इस लेख में दिए गए कारण, आपके वजन ना घटने के कारणों में से एक हो सकते हैं।
मोटापे से परेशान महिलाएँ पी.सी.ऑ.एस सिन्ड्राम या पॉलीसिस्टिक ऑवरी सिन्ड्राम से भी पीडित होती है। इस सिन्ड्राम में, हमारे शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढता है, जिस्से हमारा शरीर फूलने लगता है। साथ ही शरीर में इन्सुलिन की कमी के कारण, कैलोरीज बर्न नहीं हो पाती, जिस्से फिर हमारा वजन बढता है।

कम सोना
अगर आपकी नींद पूरी नहीं होगी, तो हमारे शरीर में मौजूद ग्रंथि, ठीक से हार्मोन्स को स्रावित नहीं कर पाएँगे। जिसका असर हमारे शरीर के चयापचय पर पडता है, अतः हमारा वजन बढने लगता है। अनिद्रा या इन्साम्नीआ से परेशान लोग बीच रात में कुछ खाते या कॉफी पीते हैं। इसका सीधा असर उनके वजन पर पडता है। हर व्यक्ति को सप्ताह के सातों दिन नियमित समय पर सोना चाहिए, और नियमित समय पर उठना चाहिए।

डिप्रेशन
डिप्रेशन और वजन दोनों एक दूसरे के साथी है। कुछ लोग डिप्रेशन में बहुत ज्यादा खाते हैं। जिसके कारण, खाने से उनका एक भावनात्मक रिश्ता जुड जाता है। कभी कभी ऐन्टीडिप्रेसन्ट दवाइयाँ भी, व्यक्ति को हर्षित कर, उन में खाने की इच्छा को बढाती हैं। अगर आपका वजन दवाइयों से बढ रहा है, तो अपने डॉक्टर की सलाह लें और इन दवाइयों को तुरंत बदलवालें।

तनाव
एड्रिनैलिन हार्मेन हमारे शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन को उत्पन्न करता है, जिस्से व्यक्ति में खाने की लालसा बढती है। तनाव के कारण आपका मन शराब, जंक फूड और तली हुई चीजों की ओर बढने लगता है। ऐसी चीजों का सेवन केवल आपके कमर की साइज को ही बढाएगा। तनाव में आप थोडे से आलसी भी हो जाते हैं। तनाव में भी हमें पौष्टिक चीजों का सेवन कर, सही समय पर भोजन करना चाहिए। जो लोग, काम के कारण तनाव में रहते हैं, वे वीकेंडस् का सारा समय सोते हुए बिताते हैं, इसका सीधा असर उनकी सेहत पर पडता है। सुबह उठकर, आधे घंटे के भीतर कुछ खा लें, अतः आपका रात का खाना हज़म नहीं होगा, जिसके कारण आपको भूख नहीं लगेगी।

थाइराइड
अगर थाइराइड ग्रंथि अपने हार्मोन को जरुरत से ज्यादा या उस्से कम स्रावित करता है, तो इसका सीधा असर हमारे शरीर के चयापचय पर पडता है। कई लोग इस पर ध्यान नहीं देते, जबकि यह उनके वजन बढने की एक प्रमुख वजह हो सकती है। चिकित्सा द्वारा, इस हार्मोन को संतुलित किया जा सकता है। इसके संतुलित होते ही आपका वजन भी कम हो जाएगा।थकान, कब्ज, बदन दर्द, रुखी त्वचा, बेजान बाल और ठण्ड लगना ये सारे अवटु-अल्पक्रियता या हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण हैं। अगर इन में से कोई भी लक्षण आप में मौजूद है, तो जल्द ही अपना रक्त परीक्षण करा लें।

P.C.O.S सिन्ड्राम
मोटापे से परेशान महिलाएँ पी.सी.ऑ.एस सिन्ड्राम या पॉलीसिस्टिक ऑवरी सिन्ड्राम से भी पीडित होती है। इस सिन्ड्राम में, हमारे शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढता है, जिस्से हमारा शरीर फूलने लगता है। साथ ही शरीर में इन्सुलिन की कमी के कारण, कैलोरीज बर्न नहीं हो पाती, जिस्से फिर हमारा वजन बढता है।
इस समस्या से पीडित महिलाओं को अपने खान पान और नियमित व्यायाम से एक स्वस्थ जीवन शौली को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। शरीर पर अधिक बाल, मासिक धर्म संबन्धित परेशानियाँ, निष्फलता, बालों का झडना और मुँहासे पी.सी.ऑ.एस सिन्ड्राम के अन्य लक्षण हैं।

रात को खाना देर से खाना
कुछ अध्ययनों से यह पता चला है कि जो लोग रात का खाना, सोने से एक या दो घंटे पहले खाते हैं, वे मोटापे का शिकार होते हैं, ना की वे जो अपना भोजन जल्दी खा लेते हैं। भले ही दोनों के भोजन में कैलोरीज की मात्रा एक समान हो। क्योंकि रात के खाने के बाद व्यक्ति कोई फुर्तीला काम नहीं करता, जिसके कारण उसके शरीर में कैलोरीज संगृहीत होकर फैट्स बन जाता है। अतः रात के खाने के बाद 15 से 20 मिनट के लिए वॉक करें।
दोपहर को आप भर पेट भोजन करें, जबकि रात को थोडा सा कम खायें। रात को सोने से, कम से कम तीन घंटे पहले अपना खाना खालें। सूर्यास्त के साथ ही, हमारे शरीर की पाचन क्रिया भी धीमी हो जाती है।

कार्बोहाइड्रेट का बहुत कम सेवन करना
हम सब जानते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए हमे नियमित रुप से संतुलित आहार का सेवन करना होगा। पर कुछ लोग जल्द वजन कम करने के लिए अपने आहार में कार्बोहाइड्रेटस को शामिल नहीं करते। पर हम यह भूल जाते हैं कि जिस चीज की आदत हमारे शरीर को हो जाती है, उसे ना मिलने पर उसकी लालसा उतनी ही बढती है। कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर के विकास के लिए बहुत जरुरी है, साथ ही ये हमारे शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।



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