Latest Updates
-
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक
फाइबर के लिए 10 उत्तम आहार

भोजन के उचित पाचन के लिए फाइबर की जरुरत होती है। आपको यह महसूस कराने के लिए कि आपका पेट भरा है, आहार संबंधी फाइबर आवश्यक है। फाइबर की कमी से कब्ज़, बवासीर तथा रक्त में कोलोस्ट्राल और शक्कर की मात्रा का बढ़ना आदि समस्याएँ आ सकती हैं। इसके विपरीत इसकी अत्यधिक मात्रा के उपयोग से आंतडियों में परेशानी, दस्त या निर्जलीकरण की समस्या भी आ सकती है। वे व्यक्ति जो अपने भोजन में फाइबर के सेवन को बढ़ाते हैं, उन्हें पानी का सेवन भी बढ़ाना चाहिए।
जब फाइबर की बात आती है तो छोटे से परिवर्तन आपके फाइबर के सेवन और और समग्र स्वास्थ्य पर एक बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। फाइबर के सेवन से दिल की बीमारी, मधुमेह, मोटापा और विशिष्ट प्रकार के कैंसर से बचा जा सकता है। महिलाओं को दिनभर में 25 ग्राम रेशा और पुरुषों को लगभग 35 से 40 ग्राम रेशे की आवश्यकता होती है। लेकिन हम केवल 15 ग्राम रेशा ही खा पाते हैं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि आप अपना मनपसंद खाना छोड़ दें या अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं। यहाँ कुछ खाद्य पदार्थ बताए गए हैं जिनका उपयोग करके आप फाइबर को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं:

मक्का
फाइबर युक्त अनाज चुनें। ऐसा अनाज चुनें जिसके एक बार के परोसे गए हिस्से में कम से कम 4 ग्राम फाइबर हो जैसे मक्का आदि।

दालें
अपने नियमित अनाज में उच्च फाइबर युक्त अनाज मिलाएं जैसे राजमा, विभिन्न प्रकार की दालें आदि।

फल
फलों का सेवन ज़्यादा करें। नाश्ते या मिष्ठान्न के रूप में फल खाएं और फलों का रस सीमित मात्रा में पीएं। सेब और नाशपाती जैसे फलों को छिलके सहित खाएं। छिलकों में ही सबसे अधिक फाइबर होता है।

रेशेदार सब्जियां
सब्ज़ियों का सेवन अधिक करें। सब्जियाँ फाइबर का अच्छा स्त्रोत हैं उदाहरण के लिए मूली, पत्तागोभी आदि।

ब्राउन ब्रेड
गेंहूँ से बनी हुई ब्रेड और पास्ता का उपयोग करें।

सूखे मेवे
सलाद, दही या अन्न में सूखे मेवे, दानें मिलाएं।

गेहूं का आटा
अपने मनपसंद व्यंजनों में मैदे के स्थान पर गेंहूँ के आटे का उपयोग करें।

ब्राउन राइस
सामान्य चांवल के स्थान पर ब्राउन राईस का उपयोग करें।

मटर
मटर को चाहे उबाल कर खाएं या फिर कच्ची ही खाइये। एक कप मटर के दानों में 16.3 ग्राम रेशा मिलेगा।

ओटमील
ओट्स में बीटा ग्लूकन होता है जो कि एक स्पेशल टाइप का फाइबर होता है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम कर के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।



Click it and Unblock the Notifications
