Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
कैंसर से प्राकृतिक रूप से कैसे बचें?
कैंसर लोगों में मौत का एक प्रमुख कारण है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमे कोशिकाएं असामान्य रूप से बढती हैं और आगे बढ़कर यह एक ट्यूमर या गांठ का रूप ले लेती है। कैंसर बहुत से कारणों से हो सकता है लेकिन इसका मुख्य कारण स्वास्थ्य की तरफ ध्यान नहीं देने वाली जीवन शैली है ।
ज्यादा जानकारी के लिए आप आगे पढ़ें जहाँ हम आपको बता रहें हैं कुछ प्राकर्तिक तरीके जो कि कैंसर की रोकथाम में मददगार हैं।

1. हरी फूलगोभी खाएं
फूलगोभी एक मुख्य खाद्य खाद्य पदार्थ है जो कि कैंसर की रोकथाम में मददगार है। फिर भी फूल गोभी को गर्म नहीं करें, इससे इसके एंटीकार्सिनोजेनिक फ़्लवोनोइड्स नष्ट हो जाते हैं। इसे उबालकर और नाश्ते के रूप में कच्चा खाना ज्यादा अच्छा है।

2. अपने खाने में लहसुन मिलाएं
लहसुन में एंटीओक्सिडेनट्स की खासी मात्रा होती है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और कैंसर को रोकने में मदद करता है। विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि लहसुन पेट के कैंसर की संभावना को कम करता है।

3.रोजाना व्यायाम करें
बिना व्यायाम की इनएक्टिव और निष्क्रिय जीवन शैली मुख्य रूप से कैंसर के खतरें को बढ़ाती है। नियमित व्यायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर में रसायन, एंजाइम, और हारमोंस का नियमित स्त्राव होता है।

4. गहरी नींद लें
मनुष्य के शरीर के सभी अंगों को सुचारू काम करने के लिए कम से कम 8 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है। नियमित नींद शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करती है और कैंसर से लड़ने की क्षमता प्रदान करती है। एंडोक्राइन सिस्टम को स्वस्थ बनाये रखने के लिए अँधेरे में सोना ज्यादा अच्छा है।

5. एल्कोहल, सिगरेट से दूर रहें
यह स्पष्ट है कि कैंसर से बचने के लिए आप कैंसर पैदा करने वाली चीजों से दूर रहें। एल्कोहल, सिगरेट और अन्य शौकिया नशे की चीजे मुख्य रूप से कैंसर पैदा करती हैं।

6. परिष्कृत खाद्य पदार्थों से दूर रहें
कई अध्ययनों से पता चला है कि परिष्कृत खाद्य पदार्थ और चीनी कैंसर का खतरा बढ़ातें हैं। रोजाना सभी पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना कैंसर से लड़ने की दिशा में पहला कदम है।

7. रेड वाइन पिएँ
रेड वाइन अंगूरों से बनती है जिसमे रेसवरट्रोल और अन्य फाइटोकेमिकल्स होता है जो कि एंटीओक्सिडेन्ट्स और एंटीइंफ्लेमेटरी के स्त्रोत हैं। अध्ययनों से पता चला है है कि रोजाना एक गिलास रेड वाइन पीने से लुकेमिया ( ब्लड कैंसर), स्किन कैंसर और ब्रैस्ट कैंसर का खतरा कम होता है।

8. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम करें
हमारे आस पास पर्यावरण के कई तत्व हैं जो कि कैंसर का कारण बनते हैं। मोबाईल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली तरंगें कैंसर को बढ़ाती हैं। कैंसर से बचने के लिए इनका उपयोग कम से कम ही करें।

9. डार्क चॉकलेट खाएं
कोको में पेंटामर जैसे कई फ़्लवोनोइड्स होते हैं जिनमे कैंसर से लड़ने कि क्षमता होती है। डार्क चॉकलेट कोको से भरपूर होती है और यह अपने आपको कैंसर से दूर रखने का एक स्वादिष्ट तरीका है।

10. विटामिन डी के साथ कैल्शियम सप्लीमेंट लें
डार्टमाउथ मेडिकल स्कूल के एक अध्ययन से पता चला है कि कैंसर के संभावित मरीजों में सप्लीमेंट्स से कोलोन पोल्य्प्स ( पेट के कैंसर के तंतु) को कम करने में मदद मिलती है।

11. खूब पानी पिएँ
जब भी आप बाथरूम जाएँ उसके बाद एक गिलास पानी जरूर पिएँ। 1996 में मेडिसिन के न्यू इंग्लैंड जर्नल में प्रकाशित एक शोध में पाया गया है जो लोग 6 से 8 गिलास रोज पानी पीते हैं उनमें मूत्राशय कैंसर का खतरा लगभग आधा हो जाता है। इसके आलावा एक दुसरे अध्यन से पता चला है कि जो महिलाएं खूब पानी पीती हैं उनमें पेट के कैंसर का खतरा 45 प्रतिशत कम हो जाता है।

12. चाय की आदत डालें
हरी चाय की चिकित्सा शक्ति को एशिया में कई हजारों सालों पहले माना जा चुका है। पश्चिमी देशों में हुई नई खोज से पता चला है कि यह अनेक प्रकार के कैंसर के साथ साथ हार्ट की बिमारियों से लड़ने में भी मददगार है। कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि ग्रीन टी में EGCG नामक केमिकल होता है जो कि अब तक का सबसे पावरफुल एंटी - कैंसर तत्व है।

13. बीयर का सेवन करें लेकिन सीमा में
बीयर हेलिकोबेक्टर पाइलोरी बैक्टेरिया से रक्षा करती है, इस बैक्टेरिया से अल्सर होता है जो कि पेट के कैंसर का कारण बनता है। लेकिन इसका ज्यादा सेवन नहीं करें। एक दिन में एक या दो से ज्यादा एल्कोहल ड्रिंक लेने से मुह, गले, ग्रास नली, लीवर,ब्रैस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है।

14. खाने में मछली का सेवन करें
ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने कैनेडियन लोगों पर रिसर्च करके पता लगाया कि जिन लोगों ने हर सप्ताह चार या इससे अधिक बार मछली का सेवन किया उनमे रक्त कैंसर लुकेमिया, मायलोमा, और नॉन - होड्जिन लिंफोमा विकसित होने की संभावना एक तिहाई कम हो गई। एक अन्य अध्यन से साबित हुआ है कि जो महिलाएं मोटी मछली (जैसे सल्मोन , मच्केरेल , हलिबेट , सर्दिनेस , टूना आदि) का सेवन करती हैं उनमें एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा कम होता है।

16. रोज 15 मिनट सूर्य की धूप लें
क्या अपने सूर्य की रोशनी का विटामिन या विटामिन डी के बारें में सुना है? हममें से बहुत से लोग इसका ध्यान रखते हैं कि सूर्य की रोशनी उन पर नहीं पड़े नहीं तो काले हो जायेंगे और ऐसे लोग संस क्रीम लोशन का इस्तेमाल भी करते हैं लेकिन ऐसे लोग सूर्य का महत्वपूर्ण पोषण खो रहे हैं। रिसर्च से पता चला है कि विटामिन डी की कम मात्रा से अनेक प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है जैसे ब्रैस्ट कैंसर, पेट का कैंसर, प्रोस्टेट, ओवेरियन आदि, इसके साथ ही विटामिन डी की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस, शुगर, स्क्लेरोसिस, ब्लड प्रेशर आदि बीमारियाँ भी होती है।

17. कंडोम का इस्तेमाल करें
महिलाओं के पलिल्लोमा वायरस या HPV के संपर्क में आने का खतरा अधिक रहता है जिससे गर्भाशय का कैंसर होता है। कंडोम का इस्तेमाल नहीं करने से इसका खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।

18. हाई प्रोटीन वाले मांस से दूर रहें
एक अध्ययन में पाया गया है कि जिन महिलाओं ने हाई प्रोटीन वाले मांस का ज्यादा सेवन किया उनमें नॉन - होड्जिन लिंफोमा विकसित होने की संभावना 70 प्रतिशत तक बढ़ गई जब कि पुरुषों में हाई प्रोटीन वाले मांस का ज्यादा सेवन करने से कैंसर की संभावना 90 प्रतिशत तक बढ़ गई। इसलिए कम फैट वाले मांस और डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करें। गो मांस और सूअर के मांस की बजाय अंडे या मछली का सेवन करें साथ ही मक्खन के बजाय जैतून का तेल (ओलिव आयल) इस्तेमाल करें।

19. रोज सायं को खाने के बाद 30 मिनट पैदल चलें
सिएटल स्थित फ्रेड हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर के अध्ययनसे पता चला है कि जो लोग रोज खाने के बाद पैदल चलते हैं उनमें ब्रैस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। रोजाना यह व्यायाम करने से एस्ट्रोजन हर्मोन का लेवल कम होता है,एस्ट्रोजन का बढ़ना कैंसर का एक मुख्य कारण है। 17अधिक वजन वाली मोटी महिलाओं ने यह एक्सरसाइज हर सप्ताह तीन घंटे तक की,उनका एस्ट्रोजन लेवल तीन माह में ही काफी ही कम हो गया। एक साल बाद जिनका बॉडी फैट 2 प्रतिशत कम हुआ उनका एस्ट्रोजन लेवल काफी हद तक कम हुआ। एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि जो लोग एक सप्ताह में चार घंटे पैदल चलते हैं उन्मे अग्नाशय के कैंसर का खतरा आधा हो जाता है। इस व्यायाम का यह लाभ इन्सुलिन मेटाबोलिज्म में सुधार के कारण मिलता है।

20. जैविक खाद्य पदार्थ खरीदें
जैविक खाद्य पदार्थ खरीदें जो कि कीटनाशक के बिना तैयार किये जाते हैं। कीटनाशक या हार्मोन से उगाये गए खाद्य पदार्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं जो कि आगे जाकर कैंसर का कारण बनते हैं।



Click it and Unblock the Notifications