खाने के बारे में ऐसे मिथक जिन्‍हें आप सुन हैरान रह जाएंगे

By Super

हम सबके माता-पिता, बाबा और दादी बचपन से हमेँ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, ये बताते रहते थे। साथ ही उस खाने पीने की चीज़ से हमे कितने विटामिन और मिनरल मिलेंगे यह भी बताते थे। और उसके साथ ही उससे जुड़ी कहानी या किस्सा भी सुनाते थे, जिसे आज भी लोग मानते हैं।

हम अगर पालक को आयरन पाने के लिये खाते हैं और गाजर को आंखों की रौशनी बढाने के लिये खाते हैं, तो यह गलत है। इसे मेडिकल सांइस ने पूरी तरह से नकार दिय है कि इन आहारों से ये सब चीजें होती हैं। पनीर या चीज़, क्‍या खाना सबसे ज्‍यादा फायदेमंद?


मिथक # 1 - गाजर से आँखों की रोशनी बढ़ती है

मिथक # 1 - गाजर से आँखों की रोशनी बढ़ती है

अगर आंखों की रौशनी बढानी है तो, गाजर खाओं क्योंकि गाजर में विटामिन सी पाया जाता है जो आँखों की रोशनी के लिये अच्छा होता है। दरअसरल मिथक यह है कि दूसरें विश्व युद्ध के समय ब्रिटिश की खुफिया सेवा ने यह अफवाह फैलाई थी कि उनके पायलट ने बहुत सारे गाजर खाइए थे इस लिये वे आसानी से जर्मन को नष्ट कर सके। पर ऐसा नहीं है यह उनके गाजर नहीं उनके रेडार कि वजह से हुआ था।

मिथक # 2 - पालक खाने से ताकत आयेगी

मिथक # 2 - पालक खाने से ताकत आयेगी

यह तो हम बचपन से देखते आ रहें कि जब पॉपए आपने डिब्बें में से स्पिनच खाता था तो उसे ताकत आ जाती थीं। लेकिन ऐसा नहीं है, हरी पत्तेदार सब्ज़ियों से कम आयरन पालक में होता है।

दरअसल काफी साल पहले जब इसे सब्ज़ियों की श्रेणियों में लाया गया, तब उन से एक गलती हो गयी कि पलक में 34 ग्राम आयरन पाया जाता है जब कि वास्तव में यह सिर्फ 3.4 ग्राम है। पर इस के कम दाम कि वजह से और पॉपाएँ की वजह से यह मिथक सालों साल ऐसे ही रहा।

मिथक # 3 - कॉफी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है

मिथक # 3 - कॉफी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है

कॉफी पूरी दुनिया में ही नहीं आज भारत में भी खूब पी जाती है, यह कहा जाता है कि कॉफी तंत्रिका तंत्र के लिये हानिकारक है जो आगे चल कर आपके त्वचा और शरीर पर भी असर डालती है। लेकिन हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक सर्वेक्षण में 1.25,000 लोगों को कॉफी पिलाई गई जिसमेँ यह सामने आया कि 30 प्रतिशत महिलायें जो कॉफ़ी पीती हैं, उन्हें टाइप 2 डायबिटीज नहीं होती है इसके अलावा, कॉफी पेट के कैंसर से बचाती है।

मिथक # 4 ताज़ा आहार जमे हुए से बेहतर है

मिथक # 4 ताज़ा आहार जमे हुए से बेहतर है

हम ताज़े फलों और सब्जियों के लाभ और उनमें पाये जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट के बारे में जानते ही हैं, और यह भी कि यह सिर्फ़ ताज़े फलों या सब्जीयों में ही पायेँ जाते है। पर ऐसा नहीं है अगर उन सारे फलों और सब्जियों को तुरंत फ्रीज कर दिया जाये तो उसके पोषक तत्व खत्म नहीं होंगे लेकिन अगर इन्हें बहार खुले में या अलमारी में रख दिया जाये तो इन से वह सारे पोषक तत्व खत्म हो जाएंगे। इस लिए क्यों कि इन में गंदगी, हवा, और बाहरी नमी चलीं जाएगी।

 मिथक # 5 - अंडे से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है

मिथक # 5 - अंडे से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है

60 और 70 के दशक के दौरान वैज्ञानिकों ने बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को दिल की बीमारी का कारण बताया, क्यों कि अंडे में ज्यादा कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है इस लिये डॉक्टर ने इसे खाने से माना कर दिया। लेकिन एक शोध के अनुसार दिल की बीमारी का कारण कोलेस्ट्रॉल नहीं बल्कि सैचुरेटेड और ट्रांस फैट है। अंडे में एक गिलास दूध की ​​तुलना में सिर्फ 1.6 ग्राम फैटी एसिड पाया जाता है इतना ही नहीं बल्कि अंडे में विटामिन ए और डी भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसलिए आप रोज़ एक अंडा खा सकते हैं।

 मिथक # 6 - केले खाने से आप मोटे हो जाएंगे

मिथक # 6 - केले खाने से आप मोटे हो जाएंगे

यह माना जाता है कि केले में फैट होता है और इसे कम खाना चाहिए। लेकिन वास्तव में केले में 95 कैलोरी होती हैं और आधा ग्राम फैट होता है। इसलिए आप जितने चाहे उतने केले खा सकते हैँ।

 मिथक # 7 - चॉकलेट से मुँहासे होते है

मिथक # 7 - चॉकलेट से मुँहासे होते है

कुछ लोग यह मानते है कि चॉकलेट खाने से मुँहासे होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हालांकि इसका कोई भी प्रूफ़ नहीं है। इसलिए आप जितनी चाहे चॉकलेट खा सकती हैँ लेकिन अपने वजन का जरुर ध्यान रखेँ।

 मिथक # 8 - नेचुरल प्रॉडक्ट आर्टिफिशियल से बेहतर है

मिथक # 8 - नेचुरल प्रॉडक्ट आर्टिफिशियल से बेहतर है

प्रकृति ने हमें बहुत सारे खाद्य पदार्थ दिये हैं, लेकिन उन सारे खाद्य पदार्थों को हम उसी प्रकार में खा सके यह संभव नहीं है। इसलिए इंसानों ने प्रयोगशाला बनायीं जहाँ वह प्रकृति चीज़ों को मिला कर मानव निर्मित या सिंथेटिक को बनाता है और जो खाने के लिये बिल्कुल सुरक्षित है। पर इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि सारी आर्टफिशल खाद्य पदार्थो अच्छे हैं।

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