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गुणों का भंडार सेंधा नमक
हम अक्सर भोजन में ज्यादातर आयोडीन युक्त नमक का ही प्रयोग करते हैं। अगर हमें उपवास रखना है तब हम सेंधा नमक का प्रयोग कर लेते हैं। समुद्री नमक कोई बहुत ज्यादा स्वास्थ्य के लिये लाभकारी नहीं होता, लेकिन इसका इतना ज्यादा प्रचार कर दिया गया है, कि हमें लगता है कि यह सेंधा नमक के मुकाबले बहुत अच्छा होता है। सेंधा नमक एक पहाड़ी नमक है, जो कि स्वास्थ्य के लिये सबसे उत्तम है।
आयुर्वेद की बहुत सी दवाईयों मे सेंधा नमक का उपयोग होता है। इस नमक को 'लाहौरी नमक' भी कहा जाता है क्योंकि यह अक्सर लाहौर से होता हुआ पूरे उत्तर भारत में बेचा जाता था। प्राकृतिक नमक हमारे शरीर के लिये बहुत फायदेमंद होता है। आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप , डाइबिटीज़, लकवा आदि गंभीर बीमारियो का भय रहता है। नमक की जगह पर प्रयोग करें ये सूखे मसाले

इसके विपरीत सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप पर नियन्त्रण रहता है । इसकी शुद्धता के कारण ही इसका उपयोग व्रत के भोजन मे होता है । इसके सेवन से शरीर में ब्लड प्रेशर, चर्म रोग, फेफड़ा, नेत्र रोग, मोटापा, शरीर में जकड़न सहित बीस घातक बीमारियां होती हैं। अगर आपको लगता है कि समुंद्री नमक में आयोडीन होता है और इसलिये यह शरीर के लिये बहुत अच्छा होता है तो, आप गलत हैं। काला नमक स्वास्थ्य का खजाना
आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है, बल्कि आयोडीन तो आपको दही, दूध, अंडा, आलू और हरी सब्जियों से ही प्राप्त हो सकता है। सेंधा नमक के बारे में आयुर्वेद में बोला गया है कि यह आपको इसलिये खाना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक वात, पित्त और कफ को दूर करता है। यह पाचन में सहायक होता है और साथ ही इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है।
यही नहीं आयुर्वेदिक औषधियों में जैसे लवण भाष्कर, पाचन चूर्ण आदि में भी प्रयोग किया जाता है। तो दोस्तों सेंधा नमक को केवल व्रत में ही ना खा कर रोजाना अपने भोजन में प्रयोग करें। हाइ बीपी है तो नमक की जगह पर खाएं यह
सेंधा नमक रक्त विकार आदि के रोग जिसमें नमक खाने को मना हो उसमे भी इसका उपयोग किया जा सकता है। यह पित्त नाशक और आंखों के लिये हितकारी है । दस्त, कृमिजन्य रोगो और रह्युमेटिज्म मे काफ़ी उपयोगी होता है ।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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