Latest Updates
-
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी
होली को सेफ और हेल्दी तरीके से मनाने के टिप्स
होली का दिन आ चुका है। इस दिन आप रंग लगाने और लगवाने के लिये बिल्कुल तैयार बैठे होते हैं। घर पर रंगों की प्लेट में रंग-बिरंगे गुलाल सजा कर आप अपने दोस्तों की आने वाली टोली का इंतजार कर रहे होते हैं। पर दोस्तों, क्या आपको नहीं लगता कि इस दिन के लिये आपको थोड़ी तैयारी कर लेनी चाहिये? तैयारी का मतलब है कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना और रंगों से इस तरह से खेलना कि वह आपको नुकसान ना पहुंचाएं।
होली के इस अवसर पर आपको प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करना चाहिये जिससे आपको किसी प्रकार की एलर्जी ना हो। आज कल बाजार में आने वाले रसायनिक रंगों में लेड ऑक्साइड, मरकरी सल्फाइड, एल्युमिनियम ब्रोमाइड और कॉपर सल्फेट जैसे घातक रसायन होते हैं, जो एलर्जी के अलावा और भी कई परेशानियां पैदा कर सकते हैं। कई रंग तो आपको अंधा भी बना सकते हैं। MUST READ: होली मनाने की सबसे बेहतरीन जगह
तो दोस्तों आइये जानते हैं होली पर आपको अपने स्वास्थ्य से संबन्धित क्या-क्या सवधानियां रखनी चाहिये।

आहार
त्योहार आने पर कर्इ लोग जो डाइटिंग पर भी होते हैं, वह भी इस दिन खुद के पेट को कंट्रोल नहीं कर पाते। यही समय है जब वेट ज्यादा बढ जाता है।

सिंथेटिक रंग को कहें ना
बाजार में मिलने वाले रंगों में लेड आक्साइड, मरकरी सल्फाइड ब्रोमाइड, कापर सल्फेट आदि भयानक केमिकल मिले होते हैं जो कि आंखों की एलर्जी, त्वचा में खुजली और अंधा तक बना देते हैं।

प्राकृतिक रंगों का प्रयोग
आप बाजारू रंगों की जगह पर हिना, हल्दी पाउडर, चंदन, फूलों की पंखुडियों का चूरा आदि भी प्रयोग कर सकते हैं, जो कि त्वचा को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

एलर्जी
वे लोग जिन्हें रंगों से एलर्जी हैं, उन्हें हर हाल में इन रंगों से दूर रहना चाहिये। वे लोग जिन्हें एक्जिमा की बीमारी है, वे इन रंगों से हर हाल में दूरी बनाएं।

त्वचा की देखभाल
रंग खेलने से पहले शरीर पर नारियल का तेल या सरसों का तेल लगा लीजिये, जिससे रंग त्वचा पर ना बैठे। रंग खेलने के बाद स्किन एक दम रूखी हो जाती है इसलिये त्वचा पर खूब तेल लगाएं।

घाव पर रखें नजर
होली खेलते वक्त त्वचा लगातार पानी के संपर्क में रहती है, इसलिये त्वचा पर घाव और कटने छिलने के आसान बढ जाते हैं। अगर आपकी त्वचा कट छिल जाए तो उस पर एंटीसेप्टिक लगाएं और रंग खेलना बंद कर दें।

बालों की देखभाल
रंग खेलने से पहले बालों में खूब सारा तेल लगाएं और सिर को रूपट्टे से ढंक लें।



Click it and Unblock the Notifications
