Latest Updates
-
Shardiya Navratri Day 1: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा, जानें विधि, मंत्र और भोग -
Shardiya Navratri 2026 Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों से अपनों को दें शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं -
Happy Navratri 2026 Wishes: नवदुर्गा का आशीर्वाद...इन संदेशों से अपनों को दें शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं -
Navratri Fast In Periods: क्या पीरियड्स में नवरात्रि का व्रत रख सकती हैं महिलाएं? जानें क्या हैं नियम -
Navratri 2026: नवरात्रि के 9 दिन किस देवी को समर्पित हैं? जानें मां दुर्गा के 9 स्वरूप, मंत्र और महत्व -
Navratri Bhog: नवरात्रि में मां दुर्गा को किस दिन क्या चढ़ाएं? जानें 9 दिनों के भोग की पूरी लिस्ट -
Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में कलश स्थापना कैसे करें? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री, विधि और नियम -
World Mental Health Day 2026: कब और क्यों मनाया जाता है विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें इस बार की थीम -
Sarva Pitru Amavasya 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर इन 5 जगहों पर जलाएं दीपक, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
Navratri 2026 Vrat Niyam: नवरात्रि व्रत में क्या करें और क्या न करें? जानें व्रत रखने के जरूरी नियम
नमक का अधिक सेवन गुर्दे के लिए हानिकार
(आईएएनएस)| वैसे तो अगर भोजन में ज़रा सा भी नमक कम हो तो खाने का मजा ही किरकिरा हो जाता है। पर भोजन में नमक का अधिक इस्तेमाल गुर्दे के लिए हानिकारक हो सकता है। एक शोध में यह पता चला है। वे लोग जो खाने में बहुत अधिक नमक खाते हैं या बाहर बहुत चटर पटर खाते हैं उनके लिये थोड़ी बुरी खबर है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि नमक के ज्यादा इस्तेमाल (औसत 4.7 ग्राम प्रतिदिन) का संबंध डायलिसिस के खतरे से है, हालांकि कम मात्रा में नमक के इस्तेमाल (औसत 2 ग्राम प्रतिदिन) को भी अभी तक फायदेमंद नहीं पाया गया है।
नमक की जगह पर प्रयोग करें ये सूखे मसाले

गॉलवे के नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ आयरलैंड के एंड्र्यू स्मिथ ने कहा, "हमारी खोज पौष्टिक आहार के फायदों का विस्तार है। शोध में पता चला है कि पौष्टिक आहार गुर्दे की समस्याओं से बचाता है।" शोधकर्ताओं की खोज की पुष्टि एक अन्य शोध के जरिए हुई है, जिसमें पता चला है कि कम मात्रा में नमक का इस्तेमाल एल्बुमिनुरिया के खतरे को कम करता है, जो गुर्दे के खराब होने का प्रमुख लक्षण है।
ये शोध पेंसिलवेनिया के फिलेडेल्फिया में 11 नवंबर से 16 नवंबर, 2014 तक आयोजित अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (एएसएन) के गुर्दा सप्ताह में प्रस्तुत किए गए।
अगर आप चाहें तो सादे नमक की जगह पर सेंधा नमक यानी की काला नमक का प्रयोग कर सकते हैं। प्राकृतिक नमक हमारे शरीर के लिये बहुत फायदेमंद होता है। आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप , डाइबिटीज़, लकवा आदि गंभीर बीमारियो का भय रहता है।
अगर आपको लगता है कि समुंद्री नमक में आयोडीन होता है और इसलिये यह शरीर के लिये बहुत अच्छा होता है तो, आप गलत हैं। काला नमक स्वास्थ्य का खजाना आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है, बल्कि आयोडीन तो आपको दही, दूध, अंडा, आलू और हरी सब्जियों से ही प्राप्त हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
