Latest Updates
-
गर्मियों में क्यों फूटने लगती है नकसीर? नाक से खून आने पर तुरंत करें ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी राहत -
पेट्रोल के दामों में उछाल और प्रचंड गर्मी का कहर! क्या सच साबित हो रही बाबा वेंगा की सदियों पुरानी भविष्यवाणी -
Neem Karoli Baba Ke Anmol Vachan: जीवन के हर संकट को दूर करेंगे नीम करोली बाबा के ये 9 उपदेश -
Punjab Classic Makki di Roti Sarson Saag Recipe: घर पर बनाएं पंजाब का असली स्वाद -
Aaj Ka Rashifal 23 May 2026: शनिदेव की कृपा से इन राशियों का चमकेगा भाग्य, जानें किसे रहना होगा सावधान -
Old Delhi Style Keema Curry Recipe: घर पर बनाएं पुरानी दिल्ली जैसा चटपटा और मसालेदार कीमा -
अगर घर में अचानक लग जाए आग तो बुझाने के लिए तुरंत करें ये काम, इन टिप्स की मदद से रहेंगे सुरक्षित -
Bakrid 2026: बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी क्यों दी जाती है? जानिए क्या कहता है कुरान और इस्लामी नियम -
Street Food Secret Sev Puri Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी चटपटी और कुरकुरी सेव पूरी -
Surya Grahan 2026: कब लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिखाई देगा या नहीं? जानिए सबकुछ
नमक का अधिक सेवन गुर्दे के लिए हानिकार
(आईएएनएस)| वैसे तो अगर भोजन में ज़रा सा भी नमक कम हो तो खाने का मजा ही किरकिरा हो जाता है। पर भोजन में नमक का अधिक इस्तेमाल गुर्दे के लिए हानिकारक हो सकता है। एक शोध में यह पता चला है। वे लोग जो खाने में बहुत अधिक नमक खाते हैं या बाहर बहुत चटर पटर खाते हैं उनके लिये थोड़ी बुरी खबर है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि नमक के ज्यादा इस्तेमाल (औसत 4.7 ग्राम प्रतिदिन) का संबंध डायलिसिस के खतरे से है, हालांकि कम मात्रा में नमक के इस्तेमाल (औसत 2 ग्राम प्रतिदिन) को भी अभी तक फायदेमंद नहीं पाया गया है।
नमक की जगह पर प्रयोग करें ये सूखे मसाले

गॉलवे के नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ आयरलैंड के एंड्र्यू स्मिथ ने कहा, "हमारी खोज पौष्टिक आहार के फायदों का विस्तार है। शोध में पता चला है कि पौष्टिक आहार गुर्दे की समस्याओं से बचाता है।" शोधकर्ताओं की खोज की पुष्टि एक अन्य शोध के जरिए हुई है, जिसमें पता चला है कि कम मात्रा में नमक का इस्तेमाल एल्बुमिनुरिया के खतरे को कम करता है, जो गुर्दे के खराब होने का प्रमुख लक्षण है।
ये शोध पेंसिलवेनिया के फिलेडेल्फिया में 11 नवंबर से 16 नवंबर, 2014 तक आयोजित अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (एएसएन) के गुर्दा सप्ताह में प्रस्तुत किए गए।
अगर आप चाहें तो सादे नमक की जगह पर सेंधा नमक यानी की काला नमक का प्रयोग कर सकते हैं। प्राकृतिक नमक हमारे शरीर के लिये बहुत फायदेमंद होता है। आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप , डाइबिटीज़, लकवा आदि गंभीर बीमारियो का भय रहता है।
अगर आपको लगता है कि समुंद्री नमक में आयोडीन होता है और इसलिये यह शरीर के लिये बहुत अच्छा होता है तो, आप गलत हैं। काला नमक स्वास्थ्य का खजाना आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है, बल्कि आयोडीन तो आपको दही, दूध, अंडा, आलू और हरी सब्जियों से ही प्राप्त हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications