नवरात्र व्रत को कैसे बनाएं स्‍वास्‍थ्‍य के लिये फायदेमंद

नवरात्र में अगर आप नौ दिनों तक व्रत हैं, तो आपको अपनी सेहत का खास ख्‍याल रखना होगा। हम ऐसा इसलिये कह रहे हैं क्‍योंकि अक्‍सर नवरात्र का व्रत खत्‍म होने के बाद आप में से कई लोगों की तबियत तुरंत ही बिगड़ जाती है। किसी को डीहाइड्रेशन की समस्‍या तो किसी को बदहज़मी, सर दर्द आदि की परेशानी झेलनी पड़ जाती है। अगर आप चाहते हैं कि आप मां की पूजा सुख और शांति से पूरी कर सकें तो आपको अपनी तबियत का खास ख्‍याल रखना होगा।

मौसम बहुत तेजी से बदल रहा है , इसलिये हमारा शरीर बीमार पड़ जाता है क्‍योंकि वह मौसम के हिसाब से खुद को तुरंत नहीं ढाल पाता। अक्सर व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन हो भूखे रहते हैं, पर रात मे जैसे ही व्रत खोलने का समय आता है , वे खाने पर टूट पड़ते हैं। इससे शरीर में फैट बढ़ता है और कब्‍ज तथा पेट की अन्‍य बीमारी पैदा हो जाती है। नवरात्री में आरती की थाली ऐसे सजाएं

फल और सब्‍जियां खाएं

फल और सब्‍जियां खाएं

व्रत के दौरान अपने आहार मे फाइबर युक्त फल व सब्जियों को शामिल करें।

दही का सेवन

दही का सेवन

दही का प्रोटीन गुणकारी होता है। इससे ६० कैलोरी उर्जा मिलती है। इसलिए व्रत मे थोडा सा दही खाने से भी पेट भरा लगता है। दही खाने से प्यास भी अधिक नहीं लगती।

तली भुनी चीजे ना खाएं

तली भुनी चीजे ना खाएं

दूध से बनी खाद सामग्री, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी और घीया की सब्जी अपने भोजन मे शामिल कर सकते हैं। इसका नियमित सेवन शारीर मे पोषक तत्वों की कमी को पूरा करेगा। सलाद मे खीरा, टमाटर, मूली आदि ले सकते हैं।

व्रत खोलते वक्‍त क्‍या करें

व्रत खोलते वक्‍त क्‍या करें

शाम को व्रत खोते समय एकदम से तला भुना खाने की जगह पहले कुछ फल या दही की लस्सी पिएं। इससे आपका हाजमा भी अच्छा रहेगा।

सेंधा नमक खाएं

सेंधा नमक खाएं

खाने मे सेंधा नमक का इस्तमाल जरूर करें, नहीं तो नमक की कमी के कारण आप परेशानी मे पड़ सकते हैं। जूस या नारियल पानी और पानी प्रयाप्त मात्रा मे पियें।

गरिष्ट भोजन ना खाएं

गरिष्ट भोजन ना खाएं

उपवास के नाम पर लोग साबूदाना , आलू, सिंघाड़े और कुट्टू के आटे का प्रोयोग करते हैं। ये सारी चीज़े गरिष्ट होती हैं। ऐसे मे इनको यदि घी के साथ तैयार करते हैं, तो ये और भी गरिष्ट हो जाता है।

पानी खूब पियें

पानी खूब पियें

गर्मी में पानी ज्‍यादा पीना चाहिये जिससे शरीर में उत्पन्न होने वाले टोक्सिन , पेशाब एवं पसीने के रूप में हमारे शारीर से बाहर निकल सकें।

टिप्‍स -

टिप्‍स -

कुट्टू के आटे की पूरियां बनाने की जगह कुट्टू के आटे की रोटी सेकें।

Story first published: Saturday, April 5, 2014, 13:44 [IST]
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