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अदरक की चाय पीने के साइड इफेक्ट

अदरक की चाय मसालेदार पेय है जो पूरे एशिया में दिन भर पी जाती है और दुनिया भर में भी इसे पसंद किया जाता है। यहां तक कि प्राचीन आयुर्वेद और चीनी दवाओं में भी करीब 3 हजार सालों से इसका अदरक का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। और अदरक की जड़ों से तैयार किया जाने वाली चाय अपच, सूजन, जलन, माइग्रेन, नौसिया, डायरिया और कई अन्य प्रकार की बीमारियों के लिए कुदरती इलाज के तौर पर इस्तेमाल की जाती है।
अदरक की चाय के 8 फायदे
अदरक के जड़ की चाय पोटेशियम और मैग्नीशियम, विटामिन बी6 और विटामिन सी से भरपूर होती है। इसके साथ ही इसमें सेहत के लिए उपयोगी कई जरूरी ऑयल जैसे जिंजरोल, जिंजररोन, शोगोन, फरनीसीन और थोड़ा सा बीटा-फेलाड्रेन, सिनियॉल और किट्रल होता है। यानी आप कह सकते हैं कि अदरक की चाय पीने के सेहत को कई फायदे होतें हैं। लेकिन, जैसा कि एक मशहूर कहावत है, 'किसी भी चीज की अति बुरी होती है। और अदरक भी इसका अपवाद नहीं। हर जड़ी-बूटी की तरह अदरक की चाय के भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
अधिक मात्रा में अदरक की चाय पीने से कुछ लोगों को पेट खराब होने, सीने में जलन, मुंह में जलन आदि की परेशानी हो सकती है। अगर अदरक को कैप्सूल के रूप में लिया जाए, तब आप इनमे से कुछ साइड इफेक्ट्स को कम कर सकते हैं। अदरक के कई स्वास्थ्य लाभों और कुछ साइड इफेक्ट्स को जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।
अदरक वाली चाय के स्वास्थ्य लाभ
घर पर अदरक की चाय बनाना काफी आसान है। अदरक को अच्छी तरह धोकर उसे सुखा लें। आप अदरक को छीलकर उसे छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें। एक डेढ़ कप पानी को उबालें और उसमें अदरक के टुकड़े डाल दें। आग को धीमा कर दें, और बर्तन को ढंक दें। इसे 5 से 15 मिनट तक यूं ही रहने दें। चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें चीनी, नींबू, दूध, चाय पत्ती, शहद, क्रीम या कोई भी अन्य चीज मिला सकते हैं। यानी जो कुछ आपका मिलाने का मन करे। चाय को छानें और गर्मागर्म पियें। इसके साथ ही आप रेडिमेड जिंजर टी भी बाजार में उपलब्ध है और आप अदरक को कैप्सूल के रूप में भी ले सकते हैं।

जलन, डायरिया, मतली
अदरक की चाय का अधिक सेवन आपकी पाचन क्रिया को बिगाड़ सकता है। इसके परिणाम स्वरूप मुंह में जलन, डायरिया, मतली और यहां तक कि सीने में जलन की परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही इसके अधिक सेवन से मानव शरीर में एसिड का निर्माण भी हो सकता है जिससे एसिडिटी होती है। और तो और डायबिटीज से पीडि़त लोगों को किसी भी रूप में अदरक का अधिक सेवन नहीं करना चाहिये। क्योंकि अदरक शरीर में शर्करा की मात्रा को कम कर देता है जिससे हायपोग्लासेमिया हो सकता है।

रक्त पतला और डिस्ऑर्डर
रक्त पतला करने वाली किसी भी दवा या अन्य चीज के साथ अदरक का सेवन नहीं करना चाहिये। इसमें आईब्रूफिन और एस््प्रिन जैसी दवायें शामिल हैं। इसके साथ ही वे लोग जो उच्च रक्तचाप की दवा का सेवन कर रहे हैं उन्हें किसी भी रूप में अदरक का सेवन नहीं करना चाहिये क्योंकि यह रक्तचाप को कम कर सकता है जिससे हार्ट पल्पीटेशन की शिकायत हो सकती है। अदरक की जड़ ब्लड प्लेटलेट्स के साथ क्रिया करती है जिसके फलस्वरूप हीमोग्लोबिन जमने लगता है। अदरक के सेवन से लोगों में हीमोफिलिया जैसे रक्त विकार हो सकते हैं। तो, अदरक की चाय पीने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।

नींद की समस्या
अदरक की चाय पीने से बेचैनी और अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। सोने से पहले अदरक की चाय पीने से बचना चाहिये क्योंकि इससे कुछ लोगों की नींद खराब हो सकती है। अदरक की चाय पीने के बाद आप आप काफी देर तक सो नहीं पाएंगे क्योंकि इससे सीने में जलन हो सकती है। और अनिद्रा के कारण आपको कई अन्य परेशानियां भी होती हैं।

बेहोशी
सर्जरी से पहले अदरक की चाय पीना अच्छा नहीं होता, क्योंकि अदरक बेहोशी के लिए दी जाने वाली दवा के साथ प्रतिक्रिया करता है। ज्यादा लंबे समय तक अदरक की चाय पीने वालों को भी यही परेशानी हो सकती है। एंटीकॉग्लुएंट्स की प्रतिक्रियाओं के कारण परिणामस्वरूप व्यक्ति को सहज प्रतिक्रियाओं, जख्मों और रक्तस्राव से उबरने में परेशानी होती है। तो, कई डॉक्टर सर्जरी से कम से कम एक सप्ताह पहले अदरक वाली चाय का सेवन बंद करने की सलाह देते हैं।

गॉलस्टोन
पित्त की पथरी के मरीज डॉक्टर से अच्छी तरह बातचीत के बाद ही अदरक का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इससे साइड इफेक्ट होने के खतरे बहुत अधिक होते हैं। पित्त की पथरी के मरीजों में पित्त का निर्माण काफी दर्दनाक हो सकता है। अदरक पित्त के निर्माण में मदद करता है, जिससे हालत और खराब हो सकती है।

खराब पेट
मतली के इलाज में इस्तेमाल होने के बाद भी, खाली पेट अदरक की चाय का सेवन पेट खराब कर सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के मुताबिक ऐसा करने से गैस्ट्रोइनटेस्टिनल खराब हो जाता है। अदरक की चाय की उचित मात्रा हर व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग होती है। तो ऐसे में यह कहना जरा मुश्किल है कि इस समस्या से बचने के लिए अदरक की चाय की कितनी मात्रा उपयोगी साबित होगी।

गर्भावस्था
गर्भावस्था में अदरक का सेवन करना चाहिये अथवा नहीं यह जरा विवादास्पद मुद्दा है। गर्भवती महिलाओं को अदरक का सेवन न करने की सलाह दी जाती है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे गर्भस्थ शिशु को बुरा असर पहुंचता है। वहीं कई जानकार यह भी मानते हैं कि मॉर्निंग सिकनेस के लिए अदरक की चाय बहुत मददगार होती है। परंपरागत चीनी वैद्य गर्भावस्था के दौरान अदरक के सेवन को मां और शिशु दोनों के लिए खतरनाक बताते हैं। उनका यहां तक मानना है कि इससे गर्भपात भी हो सकता है। तो, बेहतर है कि गर्भावस्था में अदरक की चाय का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।



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