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गर्भाशय फाइब्रॉएड को खतम करने के लिये खाएं ये 15 आहार
गर्भाशय से जुड़ें रोग शहरी महिलाओं में आम हो गए हैं। तीन में से एक महिला को अनियमित माहवारी की समस्या से जूझना पड़ता है, जिससे उन्हें गर्भाशय में सिस्ट या यूट्रीन फाइब्रॉयड जैसी घातक बीमारी का शिकार होना पड़ता है।
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अगर फाइब्रॉयड की समस्या का इलाज ना किया गया तो इससे बाझपन भी हो सकता है। ज्यादातर महिलाओं को पता ही नहीं कि फाइब्रॉयड होता क्या है? फाइब्रॉयड, मांसपेशी की परत होती है जो गर्भाशय की दीवारों पर इकठ्ठा होने लगती हैं और यह हार्मोनल की सक्रियता की वजह से होती है। बाद में यह टयूमर बन जाता है और इलाज ना होने पर यह कैंसर का रूप ले लेता है।
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अगर फाइब्रॉयड का आकार बड़ा हो चुका है तो डॉक्टर्स इसका इलाज या तो दवाइयां दे कर करते हैं या फिर माइक्रो सर्जरी दृारा। पर अगर फाइब्रॉयड को प्राकृतिक तरीके से ठीक करना है तो उसके लिये कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिये जो फाइब्रॉयड के आकार को सिकोड़ दे। इन आहारों के नियमित सेवन से लीवर अत्यधिक इस्ट्रोजेन को शरीर से बाहर निकालेगा जिससे हार्मोन बैलेंस होगा और फाइब्रॉयड समाप्त होगा।

लहसुन
कच्ची लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कि ट्यूमर को बढ़ने से रोकते हैं।

ब्रॉकली
ब्रॉकली हरी रंग की, फाइबर से भरी और बिना कैलोरी की होती है। ब्रॉकली में एक तरह का इंजाइम होता है जो कि ट्यूमर के ग्रोथ को रोकने में मददगार होता है।

साल्मन मछली
ठंडे पानी की मछली साल्मन के अंदर ढेर सारा अच्छा फैट होता है जो कि शरीर से भारी मात्रा में इस्ट्रोजेन को निकलने से रोकता है। इस मछली में सूजन कम करने के भी गुण हैं।

गुग्गुल
गुग्गुल कफ, वात, कृमि और अर्श नाशक होता है। इसके अलावा इसमें सूजन और जलन को कम करने के गुण भी होते हैं। गर्भाशय से जुड़ें रोगों के लिए गुग्गुल का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। गर्भाशय में फाइब्रॉएड की समस्या होने पर आप गुग्गुल को सुबह-शाम गुड़ के साथ सेवन करना चाहिए। अगर रोग बहुत जटिल है तो 4 से 6 घंटे के अन्तर पर इसका सेवन करते रहना चाहिए।

अदरक की जड़
गर्भाशय में रक्त के प्रवाह और परिसंचरण को बढ़ावा देने में इस्तेमाल किया जाता है। बढा हुआ सर्कुलेशन गर्भाशय, अंडाशय या फैलोपियन ट्यूब की सूजन को कम करने में मदद करता है।

प्याज
प्याज में सेलेनियम होता है जो कि मासपेशियों को राहत प्रदान करता है। इसका तेज एंटी-इंफ्लमेट्री गुण फाइब्रॉयड के साइज को सिकोड़ देता है।

कच्ची सब्जियां
कच्ची सब्जियों में फाइबर होता है, जो कि शरीर में हार्मोन को बैलेंस करने में काफी मदद करता है।

ढेर सारा पानी
पानी पीने से शरीर से फैट, टॉक्सिन और अत्यधिक हार्मोन बाहर निकल जाता है।

हल्दी
हल्दी सूजन को कम करती है। साथ ही यह लीवर से विशैले पदार्थो को निकालने में मदद करती है। अगर लीवर में ऐसे ही विशैले पदार्थ भरे रहेंगे तो आपका लीवर अत्यधिक इस्ट्रोजेन को नहीं निकाल पाएगा और इस वजह से आप कभी अपने हार्मोन को बैलेंस नहीं कर पाएंगी।

दालें और बींस
राजमा, बींस, मटर आदि खाने से शरीर को एक तरह का कैमिकल जिसे फोटोइस्ट्रोजेन कहते हैं, मिलता है। यह फाइब्रॉयड को सिकोड़ता है।

सिट्रस फल
सिट्रस फलों में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह शरीर को अंदर से साफ करता है और यूट्रस में फाइब्रॉयड को बनने से रोकता है।

बादाम
बादाम में ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं जो कि यूट्रस की लाइनिंग को ठीक करते हैं। फाइब्रॉयड ज्यादातर यूट्रस की लाइननिंग पर ही होते हैं।

सूरजमुखी बीज
सूजरमुखी बीज में काफी सारा अच्छा फैट और फाइबर होता है। यह फाइब्रॉयड को बनने से रोकते हैं तथा उसके साइज को भी कम करते हैं।



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