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इन प्रकृतिक उपचार से करें पेट के अल्सर का इलाज
पेट का अल्सर या फिर कहें पेप्टिक असर एक आम समस्या बनती नज़र आ रही है। इसमें पेट में घाव बन जाता है, जिसे अल्सर कहते हैं। जिन लोगों की लाइफस्टाइल खराब है या फिर जो लोग ज्यादा चाय, कॉफी, शराब, अधिक खट्टे, मसालेदार तथा गर्म चीज़ों का सेवन करते हैं उन्हें इसकी ज्यादा संभावना रहती है।
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यदि अल्सर का उपचार न किया जाये तो ये और भी विकराल रूप धारण कर लेता है। एक रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि 10 लोगों में से कम से कम किसी 1 को अल्सर की परेशानी जरुर होती है।
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पर आप को घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आज हम आपको कुछ प्राकृतिक उपचार बताएंगे जिनकी सहायता से आपको पेट के अल्सर से जल्द छुटकारा मिलेगा।
नोट: अगर पेट का अल्सर ज्यादा बढ़ गया है तो उसे तुंरत ही डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि घरेलू नुस्खे थोड़ा देर में असर दिखाते हैं।

चूड़ा (पोहा)
चूडे़ और सौंफ को बराबर मात्रा में मिक्स कर के चूर्ण बनाएं। 20 ग्राम चूर्ण को 2 लीटर पानी में सुबह घोल कर रखिए और रात तक पूरा पी जाएं। यह घोल नियमित रूप से पियें, अल्सर में आराम मिलेगा।

छाछ
छाछ की कढ़ी रोजाना मक्की की रोटी के साथ खाने पर आराम मिलता है।

हींग
हींग को पानी में मिला कर नियमित रूप से पियें, आराम मिलेगा।

पत्ता गोभी
पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में लेकर जूस बना बना कर सुबह-शाम एक-एक कप पियें।

सहजन के पत्ते
इसके पत्तों को पीस कर दही के साथ पेस्ट बना कर सेवन करें। इसे दिन में एक बार खाएं।

कच्चा केला
कच्चे केले की सब्जी में 1 चुटकी हींग मिला कर खाएं।

जीरा
1 चम्मच जीरा, 1 चुटकी सेंधा नमक तथा दो रत्ती घी में भुनी हींग का चूर्ण बना कर सुबह शाम भोजन के बाद खाएं। ऊपर से मठ्ठा पियें

पान का पत्ता
पान के हरे पत्तों का आधा चम्मच रस प्रतिदिन पीने से पेट के घाव व दर्द में लाभ होता है।

अनार का रस
अल्सर के रोगी को अनार के रस तथा आँवला मुरब्बा सेवन से लाभ होता है।

मुनक्का
चार मुनक्के तथा दो छोटी हरड़ पीसकर सुबह खाने से पेट की जलन तथा उल्टी समाप्त होती है।



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