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8 महीने तक सिर्फ गाजर का जूस पी कर महिला ने कैंसर को दी मात
हम सभी जानते हैं कि कैंसर जिसको हो जाता है, वह ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं बचता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक महिला ने कैंसर को 8 महीने तक गाजर का जूस पी कर मात दे दी? ही हां, चौंकिये नहीं यह बात सच है।
एन कैमरून नामक महिला, को 2012 से पेट का कैंसर (colon cancer) था, जो कि तीसरे चरण में प्रवेश कर चुका था। उनके लिये यह बड़ी ही दिल दहला देने वाली बात थी क्योंकि 2005 में उनके पति का फेफड़े के कैंसर से देहांत हो चुका था। यह देख कर उन्होने निर्णय लिया कि उन्हें महंगा और दर्द भरा कीमोथैरेपी इलाज नहीं करवाना है क्योंकि इससे उनके पति को काफी पीड़ा हुई थी।

उन्होने बताया कि, "मुझे जून 2012 में पेट के कैंसर के लिए आपरेशन करवाने को कहा गया, लेकिन मैंने कीमोथेरेपी चिकित्सा लेने से इनकार कर दिया। मैं ठीक महसूस कर रही थी, मगर 6 महीने बीतते ही कैंसर मेरे फेफड़ों तक फैल चुका था और यह अपने चौथे चरड़ पर था।"
कुछ ही समय बाद कैमरून को एक आदमी के बारे में पता चला जिसे स्किन कैंसर था और उसने अपना कैंसर रोज़ ढाई किलो गाजर का जूस पी कर खतम कर लिया। कैमरून से सोंचा क्यूं ना इस चीज को आजमाया जाए और रिजल्ट देखा जाए।
8 हफ्तो के बाद कैमरून का ट्यूमर फैलने से रूक गया। उसका ट्यूमर और लसीका ग्रंथी सिकुड़ने लगी। 4 महीने बाद उनके टिशू नॉर्मल हो गए। 8 महीने बाद टोमोग्राफी पीरीक्षण से पता चला कि उनका कैंसर पूरी तरह से खतम हो गया है।
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ब्रिटेन की न्यू कैसल यूनिवर्सिटी में किए गए एक शोध के अनुसार, गाजर में पॉलीएसिटिलीन पाया जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर ट्यूमर का विकास रोकने में सहायता करता है। इसके अलावा गाजर में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स के अलावा बीटा कैरोटीन, अल्फा कैरोटीन, कैल्शियम एवं अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।
कैमरून एक लेखिका हैं और उन्होने इस अपने इस जादुई एक्सपीरिसंय के बारे में Curing Cancer with Carrots नामक किताब में भी लिखा है। दोस्तों, अगर आप या आपके रिश्ते में भी किसी को कैंसर की बीमारी का पता चले तो हमेशा अपना दिमाग खोल कर काम लें। हो सकता है कि जो चीज़ दूसरे को फायदा पहुंचा सकती है, वह आपको न पहुंचाए। मगर एक बार तो प्राकृतिक इलाज कर के देखना ही चाहिये।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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