Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता
स्ट्रोक से बचना है तो रोजाना खाएं एक अंडा
हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि हर दिन एक अंडे का सेवन करने से स्ट्रोक यानि दौरा पड़ने का खतरा, 12 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक बड़े अंडे के सेवन से शरीर में 6 ग्राम प्रोटीन की मात्रा में बढ़ोत्तरी हो जाती है और एंटीऑक्सीडेंट ल्यूटिन और जियाक्साथिन भी बढ़ जाता है, अंडे के अंदर वाले हिस्से में ये सबसे ज्यादा पाया जाता है।
Jabong November Coupons 2016! Get Upto 70% Off on Clothing (Both Men & Women)
साथ ही अंडे में विटामिन ई, डी और ए भी पाया जाता है। किए गए शोध में यह भी कहा गया है कि इसके सेवन से तनाव और चिंता में भी कमी आती है। ये प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होते हैं, साथ ही इनके सेवन से शरीर का रक्तचाप भी संतुलित बना रहता है।

ये सारी जानकारी यूएसए मिशिगन के रमुख शोधकर्ता अलेक्जेंडर डोमिनिक ने दी है। किए गए इस अध्ययन के लिए, टीम ने एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-एनालिसिस को आयोजित किया था जिसे 1982 से लेकर 2015 तक किया गया।
इस अध्ययन में दिल के रोगियों और स्ट्रोक के रोगियों की क्रमश: 2,76,000 और 3,08,000 लोगों को शामिल किया गया था और उन पर किए गए सर्वे के आधार पर इन निष्कर्षों को निकाला गया।

इन निष्कर्षो को अमेरिकी कॉलेज ऑफ न्यूट्रीशियन के जर्नल में प्रकाशित किया गया था। साथ ही इसमें सभी शोधकर्ताओं के द्वारा दी गई जानकारियों को भी शामिल किया गया।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
