Latest Updates
-
दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश का अलर्ट: 19 राज्यों में IMD की चेतावनी, घर से निकलने से पहले पढ़ें ये जरूरी गाइड -
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
मोटापे से परेशान महिलाओं में खाना खाने की लालसा अधिक क्यों होती है?
आप ने अक्सर चटोरी महिलाओं को ये कहते हुए सुना होगा कि वे अपने खाने की आदत पर नियंत्रण नहीं पा सकती। एक अध्ययन से पता चला है कि मोटापे से ग्रस्त महिलाओं का मस्तिष्क खाना खाने के बाद या पेट भरा हुआ होने पर भी उन्में खाने के प्रति लालसा को बढाता है।
इस अध्ययन के दौरान, खाना खाने के बाद मोटी महिलाओं की तुलना में दुबली महिलाओं के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स व पॉस्टिरीएर सिंगुलेट कोर्टेक्स की गतिविधि में काफी बदलाव नज़र आया।
अमरीका के पश्चिमी टेक्सास के विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर, नैन्सी पुज़्ज़ीफैर्री का कहना है, "चटोरी महिलाओं में भोजन के बाद व भोजन से पहले, खाने के लिए उत्सुकता बनी रहती है। ऐसा लगता है जैसे उनमें खाने के प्रति एक लालसा है।"

इसके अलावा, दुबली महिलाओं में भोजन करने के बाद, तस्वीरों को देख कर खाना खाने की लालसा 15 फीसदी कम रही जबकि मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में यह गिरावट केवल 4 फीसदी दर्ज की गई।
पुज़्ज़ीफैर्री का कहना है, "पेट भर जाने पर दुबली महिलाएं भोजन करना बंद कर देती हैं या केवल उस व्यंजन को चखती हैं जिनकी उनमें लालसा है। जबकि मोटी महिलाओं के लिए ऐसा करना मुश्किल है, अतः इन्हें अपने वजन के स्तर को बनाए रखने ने मुश्किल होती है।
हाल ही में, 'ऑबेसीटी' नामक पत्रिका में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ था, इस अध्ययन में टीम ने 15 चटोरी महिलाओं (जिनका बॉडी मास इंडेक्स 35 से अधिक था) की एवं 15 दुबली महिलाओं (जिनका बॉडी मास इंडेक्स 25 से कम था) के रवैये व मस्तिष्क की गतिविधियों की तुलना की। इनकी मस्तिष्क की गतिविधियों को फंग्शनल मेगनेटिक रिसोनेंस इमेजिंग (एफ.एम.आर.आई) की सहायता से मापा गया।
नौ घंटे भूखा रखने के बाद, दोनों समूहों के प्रतिभागियों को अपने भूख व परिपूर्णता के स्तर को रेट करने के लिए कहा गया, इसके बाद व्यंजनों की तस्वीरों को दिखाते हुए उनके मस्तिष्क की स्कैनिंग की गई। दूसरे राउंड में, खाना खाने के बाद दोनों समूहों के प्रतिभागियों को अपने भूख व परिपूर्णता के स्तर को रेट करने के लिए कहा गया, इसके बाद व्यंजनों की तस्वीरों को दिखाते हुए उनके मस्तिष्क की स्कैनिंग की गई
। इस अध्ययन से यह सामने आया कि दुबले वे मोटे समूह के प्रतिभागियों में तुप्ति का स्तर समाना था लेकिन मोटापे से ग्रस्त महिलाओं का मस्तिष्क “भूख” को लेकर निरंतर सक्रिय रहा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications