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रात में सोने से पहलें कभी भी ना खाएं ये 7 चीजें, नहीं तो उड़ जाएगी नींद
बिना सोचे समझे कुछ भी कभी भी खा लेने की आदत आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है. सबसे ख़ास बात कि इसका हमारी नींद पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
ज्यादातर लोग अपनी खाने-पीने की गलत आदतों की वजह से ही अनियमित निद्रा के शिकार हैं। रात का खाना हल्का और आसानी से पचने वाला होना चाहिए। अधिक वसा और प्रोटीन वाले भोजन पचने में काफी समय लगता है और इससे हमारी नींद प्रभावित होती है।
अगर आप डिनर में पिज्जा खाने की प्लानिंग कर रहे हों तो इस आइडिया को भूल जाएं क्योंकि रात में पिज्जा खाने के बाद गहरी नींद नहीं आती है।
कुछ खाद्य पदार्थों को खाने से अच्छी नींद आती है जबकि कई खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो पूरी तरह से हमारी नींद खराब कर देते हैं। चूंकि जब हम सो रहे होते हैं तब हमारा शरीर फिजिकल एक्टिविटी से मुक्त होता है। लाइट और हेल्दी डिनर करने से वजन संतुलित रहता है और हमारी नींद प्रभावित नहीं होती है।

पानी-
कुछ लोग सोने से पहले या आधी रात को जगकर खूब पानी पी लेते हैं। शरीर में पानी की पूर्ति के लिए अधिक मात्रा में पानी पीना जरूरी है लेकिन रात की बजाय दिन में ज्यादा पानी पीना चाहिए। दिन में पसीने और फिजिकल एक्टिविटी के कारण तरल पदार्थ के रुप में पानी शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन रात में पसीना कम होता है और तरल पदार्थ भी बहुत कम निकलता है। इसके अलावा रात में अधिक पानी पीने से आपको बार-बार पेशाब के लिए भी उठना पड़ सकता है।

कॉफी :
लोग जागते रहने और खुद को एलर्ट रखने के लिए कॉफी पीते हैं। कॉफी में कैफीन होता है जो एक कॉमन स्टीमुलेंट है और यह ज्यादातर कार्बोनेटेड पेय पदार्थों में पाया जाता है। कैफीन या कॉफी पीने के कई घंटे बाद भी हमारे सेंट्रल नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता रहता है। कैफीन के प्रति संवेदनशील लोग रात को सोने से पहले कॉफी पीने के बाद ठीक से सो नहीं पाते हैं। कैफीन का स्टीमुलेटिंग इफेक्ट खत्म होने में आठ घंटे से भी ज्यादा लगता है। लंच से पहले भी कॉफी पीने से परहेज करना चाहिए। डाइट सोडा और अन्य एनर्जी ड्रिंक में भी कैफीन होता है इसलिए इसे शाम के समय नहीं पीना चाहिए।

हाई प्रोटीन और वसा युक्त भोजन :
कुछ खाद्य पदार्थ जल्दी पच जाते हैं लेकिन अधिक वसा और प्रोटीन युक्त भोजन पचने में काफी समय लगता है। यद्यपि कुछ खाद्य पदार्थों को खाने से काफी समय तक भूख नहीं लगती है। रिसर्च के अनुसार रात में सोने से पहले अधिक प्रोटीन युक्त भोजन करने से हमारी नींद प्रभावित होती है। अधिक प्रोटीनयुक्त भोजन में कम मात्रा में ट्रिप्टोफैन एमीनो एसिड पाया जाता है जो सेरोटोनिन का प्रीकर्सर होता है। अन्य बड़े एमीनो एसिड में ट्रिप्टोफैन के कम अनुपात के कारण सेरोटोनिन की मात्रा बढ़ती है जिससे शरीर शांत रहता है।

एसिडिक फूड :
सोने से पहले एसिडिक और स्पाइसी खाना खाने से आपकी नींद तो प्रभावित होती ही है रात में आपको बेचैनी भी महसूस हो सकती है। लगभग 10 प्रतिशत युवा एसिडिटी की समस्या से पीड़ित हैं लेकिन उन्हें इसके बारे में सही जानकारी नहीं है। एसिड रिफ्लक्स के सामान्य लक्षण गले से खट्टी डकारें आना और चेस्ट में जलन होना आदि हैं। रिफ्लक्स के कारण पेट में बुलबुला बनने लगता है जो आहार नली और गले में पहुंच जाता है। लेटने से यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। लाल मिर्च और टबैस्को जैसे मसाले कैप्सैनिन से उनके मेटाबोलिज्म प्रापर्टी को बढ़ा देता है जिससे कि सेंसेटिव लोगों में जलन होने लगती है। स्पाइसी या फ्राइड फूड और टोमैटो सॉस ज्यादा एसिडिक होता है इसलिए इन्हें रात में नहीं खाना चाहिए।

पिज्जा :
आधी रात को पिज्जा खाने से वजन बढ़ता है। पिज्जा में चीज और टोमैटो सॉस होता है जिससे आपकी नींद प्रभावित हो सकती है। चीज में मौजूद फैट और टोमैटो सॉस में मौजूद एसिड अपकी अच्छी नींद को भी प्रभावित कर सकता है। एसिडिक फूड खाने से एसिड रिफ्लक्स होता है खासकर तब जब आप इसे सोने से पहले खाते हैं।

चॉकलेट :
वैसे तो चॉकलेट काफी स्वादिष्ट होता है लेकिन रात में खाने से आपकी नींद प्रभावित हो सकती है। चॉकलेट केक या कुकीज से बना होता है जिसमें काफी मात्रा में चीनी होती है जिससे आपकी नींद खराब हो सकती है। चीनी के अतिरिक्त ज्यादातर चॉकलेट्स में कैफीन की मात्रा भी होती है। लेकिन यह नींद के अलावा आपके शरीर और दिमाग के केमिकल प्रोसेस को भी प्रभावित करती है। हालांकि विभिन्न चॉकलेट बार में कैफीन की मात्रा भिन्न होती है, यह औसतन 2 औंस होता है। 70 प्रतिशत डार्क चॉकलेट बार में 79 मिलीग्राम कैफीन की मात्रा होती है जो कि आठ औंस कप कॉफी का आधा हिस्सा होता है।

एल्कोहॉल :
रिसर्च के अनुसार एल्कोहॉल आपके सामान्य नींद के क्रम को खराब कर सकता है। हालांकि एल्कोहॉल लेने से जल्दी नींद आती है लेकिन गहरी नींद नहीं आती है। आधी रात को वाइन पीने से आप सुकून महसूस कर सकते हैं और आपको जल्दी नींद भी आ सकती है लेकिन वास्तव में यह हमारे शरीर को आरईएम चक्र ( रैपिड आई मूवमेंट) को रोक देता है। इसलिए रात को सोने से कुछ घंटे पहले एल्कोहॉल से परहेज करें।



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