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खाने पीने की इन चीजों में सबसे ज्यादा होता है बैक्टीरिया पनपने का खतरा
क्या आप जानते हैं कि ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें खाने से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ये खाद्य पदार्थ रोग उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया, वायरस और विषाणुओं से दूषित होते हैं।
क्या आप जानते हैं कि ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें खाने से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ये खाद्य पदार्थ रोग उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया, वायरस और विषाणुओं से दूषित होते हैं। बेहतर है कि आप इन खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
अधिक मात्रा में इन्हें खाने से जी मिचलाना, मरोड़ और सुस्ती आ जाती है जिससे आप फूड पॉइज़निंग के शिकार हो सकते हैं।
इन खाद्य और पेय पदार्थों में अधिक मात्रा में परजीवी छिपे होते हैं। इन पदार्थों को खाने से पहले आप यह जान लें कि कहीं इनमें खतरनाक रोगाणु तो नहीं हैं साथ ही यह भी सुनिश्चित कर लें कि आपका रेफ्रिजरेटर ठीक से काम कर रहा है या नहीं और खाने से पहले हाथों को ज़रूर साफ़ कर लें।
खाने पीने की ये चीजें कई कारणों से दूषित हो सकती हैं। खाने से पहले सही तरीके से हाथ न धोना, अधिक दूषित भोजन, स्टोरेज और कुकिंग टेम्परेचर, इसके अलावा जानवरों का अपशिष्ट भी भोजन को दूषित करने का कारण हो सकता है।
हमारे हाथों के रोगाणु भोजन में पहुंचकर इसे दूषित कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम उन महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थों के बारे में बताएंगे जिनके प्रदूषित होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है इसलिए या तो इन्हें बिल्कुल ना खाएं या फिर खाने से पहले इन्हें बहुत अच्छे से साफ़ कर लें।

#1- रेड मीट-
कच्चे और अधपके मांस में साल्मोनेला, ई-कोलाई और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया अधिक मात्रा में उत्पन्न होते हैं। इसलिए मीट को खाने से पहले इसे अच्छी तरह से पका लेना चाहिए। यह भी सुझाव दिया जाता है कि बाहर रेस्टोरेंट में नॉनवेज खाने से परहेज करें क्योंकि वहां साफ़ सफाई का ठीक से ख़याल नहीं रखा जाता है।

#2- अंडे:
अंडा खाने से पहले यह जान लें कि इसमें साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया तो नहीं मौजूद है। बाजार से अंडा खरीदने से पहले अच्छी तरह देख लें कि कहीं यह पहले से क्रैक तो नहीं है। इसके अलावा उन अंडों को ना खाएं जिनके एक्सपायरी डेट गुज़र चुकी हो।

#3- अनपॉस्च्युरेटेड डेयरी प्रोडक्ट्स:
ऐसे डेयरी प्रोडक्ट्स के लिस्टेरिया, साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया से प्रदूषित होने की ज्यादा संभावना होती है। ये सारे बैक्टीरिया अनपास्च्युराइज्ड दूध में ही पाए जाते हैं। इसलिए हमेशा बाज़ार से पैस्चराइज़्ड मिल्क खरीदें जिससे उनमें इस तरह के बैक्टीरिया मौजूद ना हों।

#4- दूषित पोल्ट्री उत्पाद:
बाजार से चिकन खरीदने से पहले आप पता कर लें कि चिकन में बैक्टीरिया तो नहीं है। यह साल्मोनेला प्रजातियों से दूषित हो सकता है। बनाने से पहले इसे साफ़ पानी से अच्छे से धोएं और फिर अच्छे से पकाकर खाएं जिससे बैक्टीरिया पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। यह उन खाद्य पदार्थों में से एक है जो आसानी से दूषित हो जाता है।

#5- पत्तेदार साग:
कई शोधो में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि काटकर रखी हुई हरी पत्तेदार सब्जियों में बैक्टीरिया के संक्रमण का ख़तरा बहुत ज्यादा रहता है। इसलिए सब्जियों को बनाने से पहले अच्छे से धोएं और फिर काटकर तुरंत बना लें। कभी भी सब्जियों को काटकर ज्यादा देर तक खुलें में ना रखें।

#6- बीज वाली सब्जियां:
फलीदार या बीज वाली सब्जियों में भी सोल्मोनेला प्रजाति के बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं। इसलिए खीरे या जैलपीनो जैसी सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरफ साफ़ पानी से धोएं और कभी भी बाज़ार से कटी हुई सब्जियों को ना खरीदें।

#7- सीड्स और स्प्राउट्स:
सीड्स और स्प्राउट्स को आम तौर पर बढ़ने के लिए गर्म और आद्रता की आवश्यकता होती है इससे इनमें बैक्टीरिया उत्पन्न होने की ज्यादा संभावना रहती है। दूषित रेडिश स्प्राउट्स में ई-कोलाई मौजूद होते हैं और इसे खाने से पेट की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यह भी बैक्टीरिया द्वारा दूषित होने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है।

#8- बेबी फूड:
अधिकतर बेबी फूड्स में लेड मिला होता है जो बच्चे के ध्यान, बिहेवियर और उसके सीखने की क्षमता को प्रभावित करती है साथ ही युवाओं में कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (हृदय प्रणाली) और इम्युन सिस्टम को खतरा पैदा करता है। बच्चों को इससे बचाने के लिए कुछ ख़ास फ्रूट जूस और फलीदार सजियों का सेवन कम कराएं।

#9- फल:
फलों का सेवन वैसे देखा जाए तो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है लेकिन फलों में भी साल्मोनेला स्पेसीज और लिस्टेरिया स्पेसीज के बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं। इसलिए डॉक्टर हमेशा यह सुझाव देते हैं कि फलों को खाने से पहले इन्हें अच्छी तरह से धो लेना चाहिए और काटने के बाद इन्हें ज्यादा देर तक खुलें में ना रखें।

#10- डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ:
डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ सही तरीके से स्टेरलाइज्ड नहीं होते जिसके कारण बोटूलिज्म नामक बीमारी हो सकती है जिसमें श्वसन तंत्र बुरी तरह प्रभावित हो जाता है और चीजों को निगलने में तकलीफ होने लगती है। इसलिए डिब्बाबंद चीजों का कम से कम सेवन करें और खरीदने के पहले डेट ज़रूर चेक कर लें



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