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देसी नुस्खे से कीजिये पेट के कीड़ों का खात्मा
इस आर्टिकल में हम आपको इन परजीवियों के अटैक से बचने के तरीके बता रहे हैं। इनसे बचने का प्राकृतिक तरीका है जिसमें किसी तरह की दवाई की ज़रूरत नहीं है।
हम आपको कुछ ऐसी ही औषधियाँ बता रहे हैं जिनसे बिना किसी साइड इफेक्ट के इन परजीवियों से छुटकारा पाया जा सकता है। ये परजीवी आपका खाना खाकर आपको भूखा रख सकते हैं। इनमें से कुछ आपकी लाल रुधिर कोशिकाओं पर निर्भर रखते हैं जो कि आपको एनीमिया जैसी बीमारी दे सकते हैं। कुछ आपके शरीर में अंडे देकर आपको बेचैन और असहज कर सकते हैं।
शरीर के अंदर इन परजीवियों का पनपना कई बातों पर निर्भर करता है। इसका कारण है स्वच्छता नहीं रखना, कमजोर इम्यून सिस्टम और साफ सफाई पर ध्यान नहीं देना।
कुछ मामलों में, ये परजीवी शरीर में कई सालों से रहते हैं लेकिन उनके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। तो, आप है ना उत्सुक जानने को। आइये हम बताते हैं ऐसी औषधियाँ जिनसे इन परजीवियों को खत्म किया जा सकता है।

1. लहसुन :
लहसुन आपके शरीर से फुंगी, परजीवी और वाइरस को खत्म करता है। लहसुन, शरीर में मौजूद सूक्ष्म जीवों को खत्म करने और उनको मारने की क्षमता रखता है। यह परजीवियों को मारने की एक बढ़िया औषधि है।

2. काले अखरोट :
ये आंतों और खून को साफ करने में फायदेमंद हैं। इसका इतेमाल फुंगी को और साथ ही साथ परजीवियों को मारने में भी किया जा सकता है।

3. नागदौन (वार्मवुड) :
इसकी पत्तियाँ और फूल पेट की समस्याओं को दूर करने में मददगार हैं। आंत के कीड़ों को खत्म करने और रोगाणुओं व संक्रमण का इलाज करने में भी ये कारगर है। गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

4. लौंग :
लौंग आंत के अंदर कीड़ों के अंडों को खत्म करती है। इसके लिए ये एक मजबूत औषधि है। लौंग को यदि नागदौन के साथ मिला दिया जाये तो ये बैक्टीरिया, वाइरस, फुंगी और रोगाणुओं को मार सकती है। परजीवियों को मारने के लिए ये एक शानदार औषधि है।

5. अजवायन के फूल (थाइम) :
ये थाइमस ग्रंथि के लिए लाभकारी हैं। ये इम्यूनिटी पावर को बढ़ाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। अजवायन के फूलों का तेल परजीवियों और रोगाणुओं को मारने में कारगर है।

6. अजवायन की पत्ती का तेल :
इनमें एंटी-ओक्सीडेंट्स होते हैं जो कि फ्री रेडिकल्स से हुये नुकसान को ठीक करते हैं। यह वाइरस, बैक्टीरिया और फुंगी को खत्म करता है। यह आंत को साफ करने और परजीवियों को मारने में मददगार है। इस काम के लिए ये एक शानदार औषधि है।

7. चाइनीज गोल्डथ्रेड (कलाबत्तू) :
यदि आप पेट के कीड़ों से निजात पाना चाहते हैं तो ये आपके लिए बेहतरीन औषधि है। बाइटीरिया, यीस्ट और प्रोटोजोआ के इन्फेक्शन के इलाज की ये एक चाइनीज औषधि है। इसमें रोगाणुरोधी तत्व भी होते हैं। यह एक शानदार प्राकृतिक परजीवी नाशक है।

8. डायटोमेसियस अर्थ (एक तरह की खरपतवार) :
ये मिथाइल, मर्करी, ई-कोली, एंटी-टॉक्सिन, सिंथेटिक ड्रग और पेस्टिसाइड को का अवशोषण करने में कारगर है। यह आंतों से परजीवियों को खत्म करती है, वानस्पतिक संतुलन को ठीक करती है और वाइरस का खात्मा करती है। ध्यान रखें ये पाउडर फेफड़ों में जलन पैदा कर सकता है।



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