Latest Updates
-
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
वजन कम करने वाले सावधान! कम फैट वाली डायट लेना है खतरनाक
अगर आप वजन कम करने के लिए कम फैट वाली डायट ले रहे हैं, तो आप एक बड़ी गलती कर रहे हैं। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कम फैट वाली डायट लेना वास्तव में हानिकारक हैं।
अध्ययन के लिए, कनाडा के मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 18 विभिन्न देशों के 135,335 प्रतिभागियों को शामिल किया था।
अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि सबसे कम सैचुरेटेड फैट लेने वालों को मृत्यु का जोखिम 13 फीसदी अधिक था, जबकि अधिक फैट वाली डायट लेने वालों को समयपूर्व मृत्यु का जोखिम 23 फीसदी कम था। अध्ययन के अनुसार सैचुरेटेड फैट से स्ट्रोक का जोखिम भी कम होता है।

प्रतिभागियों पर 2003 से 2013 तक निगरानी रखी गई। उनके डायट पैटर्न को बारीकी से नजर रखी गई थी। प्रतिभागियों को तब कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा जैसे कुछ खाद्य समूहों से मिली ऊर्जा की मात्रा के आधार पर विभाजित किया गया।
फॉलो अप के दौरान, मृत्यु दर और हृदय रोग का मूल्यांकन किया गया। इस रिपोर्ट में 5,796 मौतें और 4,784 प्रमुख कार्डियोवास्कुलर डिजीज के मामलों की सूचना दी गई।
शोधकर्ताओं के अनुसार रोटी और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट के साथ फैट को बदलने का एक कारण हो सकता है क्योंकि लोग शरीर की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्राप्त करने में सक्षम नहीं थे।
अध्ययन के मुताबिक, अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट खाने से समय से पहले मौत का जोखिम 28 फीसदी होता है। इस अध्ययन को मूल रूप से जर्नल द लान्सेट में प्रकाशित किया गया था।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
