Latest Updates
-
Met Gala 2026: सोने की साड़ी और हीरे जड़ा ब्लाउज पहन रेड कार्पेट पर उतरीं ईशा अंबानी, बनाने में लगे 1200 घंटे -
Bada Mangal 2026 Upay: ज्येष्ठ के पहले बड़े मंगल पर करें ये आसान उपाय, हनुमान जी दूर करेंगे सभी संकट -
39 की उम्र में शादी करने जा रही हैं हुमा कुरैशी? जानें कौन है उनका होने वाला दूल्हा -
Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी आज, जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
Bada Mangal Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से प्रियजनों को दें बड़े मंगल की शुभकामनाएं -
Bada Mangal 2026 Wishes: संकट मोचन नाम तुम्हारा...पहले बड़े मंगल पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 5 May 2026: साल का पहला 'बड़ा मंगल' आज, बजरंगबली की कृपा से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत -
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: कितने पढ़े-लिखे हैं असम के CM हिमंता बिस्व सरमा? नेट वर्थ जानकर दंग रह जाएंगे आप -
Thalapathy Vijay Family Tree: क्या है थलापति विजय का असली नाम? जानें उनकी पत्नी, बच्चों और फैमिली के बारे में
वजन कम करने वाले सावधान! कम फैट वाली डायट लेना है खतरनाक
अगर आप वजन कम करने के लिए कम फैट वाली डायट ले रहे हैं, तो आप एक बड़ी गलती कर रहे हैं। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कम फैट वाली डायट लेना वास्तव में हानिकारक हैं।
अध्ययन के लिए, कनाडा के मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 18 विभिन्न देशों के 135,335 प्रतिभागियों को शामिल किया था।
अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि सबसे कम सैचुरेटेड फैट लेने वालों को मृत्यु का जोखिम 13 फीसदी अधिक था, जबकि अधिक फैट वाली डायट लेने वालों को समयपूर्व मृत्यु का जोखिम 23 फीसदी कम था। अध्ययन के अनुसार सैचुरेटेड फैट से स्ट्रोक का जोखिम भी कम होता है।

प्रतिभागियों पर 2003 से 2013 तक निगरानी रखी गई। उनके डायट पैटर्न को बारीकी से नजर रखी गई थी। प्रतिभागियों को तब कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा जैसे कुछ खाद्य समूहों से मिली ऊर्जा की मात्रा के आधार पर विभाजित किया गया।
फॉलो अप के दौरान, मृत्यु दर और हृदय रोग का मूल्यांकन किया गया। इस रिपोर्ट में 5,796 मौतें और 4,784 प्रमुख कार्डियोवास्कुलर डिजीज के मामलों की सूचना दी गई।
शोधकर्ताओं के अनुसार रोटी और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट के साथ फैट को बदलने का एक कारण हो सकता है क्योंकि लोग शरीर की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्राप्त करने में सक्षम नहीं थे।
अध्ययन के मुताबिक, अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट खाने से समय से पहले मौत का जोखिम 28 फीसदी होता है। इस अध्ययन को मूल रूप से जर्नल द लान्सेट में प्रकाशित किया गया था।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications