क्या सच में खाने को 32 बार चबाना चाहिए? वर्ना क्या होगा?

By Super Admin
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खाना खाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इससे जुड़ी कई कहावतें, मिथक और सलाहें दुनियाभर में प्रचलित हैं। ज्यादातर मां बच्चों से कहती हैं वे खाना निगलें न बल्कि उसे धीरे-धीरे चबाएं। क्या यह पुरानी कहावत सच है कि एक निवाला 32 बार चबाने से आपका वजन कम होगा?

जब आप खाना चबाते हैं, तो वह बारीक टुकड़ों में बंट जाता है और मुंह की लार उसमें मिल जाती है। खाना पचने की शुरुआत लार से ही होती है। फिर यह पेट में जाता है, जहां एसिड इसमें मिलता है।

यह विघटित खाना आंतों में आगे बढ़ता जाता है। इस प्रक्रिया में पानी और पोषक तत्व आंतें अवशोषित कर लेती हैं और फाइबर का न पचने वाला हिस्सा और दूसरे पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। खाने को अच्छे से चबाना इस प्रक्रिया को अच्छी शुरुआत देता है और यह आगे भी ठीक तरीके से बढ़ती है।

 Should We Really Chew Our Food 32 Times?

चबाने का क्या महत्व है
खाने को सही तरह नहीं चबाने से पाचन प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। इसके अलावा डाइजेस्टिव एंजाइम खाद्य कणों को तोड़ने में सक्षम नहीं हो पाते हैं।

कंसल्टेंट न्यूट्रिशनिश्ट डॉक्टर रुपाली दत्ता के अनुसार, खाने को सही तरह क्यों चबाना चाहिए, इसके दो महत्वपूर्ण कारण हैं। पहला भोजन को तोड़ना और दूसरा इसे लार के साथ अच्छी तरह मिलाना। यह पाचन के उचित कार्य के लिए महत्वपूर्ण है।

क्या खाने को सही तरह चबाने से वजन कम होता है?
डॉक्टर रुपाली के अनुसार, दिमाग यह सोचने में 20 मिनट लेता है कि पेट भर गया है। इसलिए अगर लोग जल्दी-जल्दी चबाते हैं, तो वो अधिक खाना खा लेते हैं। लेकिन जब खाने को उचित तरीके से चबाते हैं, तो खाने की अवधि बढ़ जाती है, जिस वजह से आप ज्यादा खाना नहीं खा पाते हैं। इसलिए ज्यादा खाने से बचने के लिए खाने को सही तरह चबाएं। जाहिर है धीरे-धीरे चबाने से खाने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है, जिससे आपको वजन घटाने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाने से आपका पाचन भी बेहतर रहता है।

32 बार चबाने की धारणा कब शुरू हुई
32 नंबर होरस फ्लेचर नामक एक व्यक्ति से आया है, जो 1800 के दशक के दौरान स्व-घोषित आहार विशेषज्ञ था। उन्होंने कुछ प्रयोग किए जो कि पूरी तरह से चबाने के महत्व को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, 32 बार चबाने दांतों की संख्या से जुड़ा हुआ है।

कई बार चबाने से भोजन को तरल पदार्थ की तरह बदल जाता है, जो कि किसी भी स्वाद से रहित नहीं है। फ्लेचर के अनुसार, यह निगलने का आदर्श समय होता है।

यद्यपि यह संख्या सिर्फ हमारी स्मृति में चबाने के महत्व को बताती है, लेकिन तथ्य यह है कि चबाने की प्रक्रिया में कई पोषण, जैविक और स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

English summary

क्या सच में खाने को 32 बार चबाना चाहिए? वर्ना क्या होगा? | Should We Really Chew Our Food 32 Times?

Some say it is a far-fetched lore, and others claim it is just another one of the hundreds of food-related myths.
Story first published: Thursday, June 15, 2017, 14:45 [IST]
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