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इतने तेल! आखिर किस तेल में पकाएं खाना, क्या है हेल्दी

एक ही तेल को कई बार गर्म करके , उसी में बार बार खाना पकाने से वह तेल ट्रान्सफैट बन जाता है, इससे बचे। सभी प्राकृतिक तिलहन से बने तेल खाना स्वास्थ्य की दृष्टि से ठीक है।

सरसों, तिल, मूंगफली, नारियल के कच्ची घाणी से निकले तेल ही सबसे अच्छे होते हैं। कैंसर फैलाने वाले फास्फोरिक एसिड, हेक्जीन और कास्टिक सोड़ा रिफाइण्ड अधिक मात्रा में होते हैं । इसलिए रिफाइण्ड तेल हानिकारक होते है। कृत्रिम तरिके से निकाले गये तेल सभी नुकसानदेह है। कच्ची घाणी व एक्सपेलर से निकले तेल खाना चाहिए। इसीलिए आपको यह जानना बहुत जरुरी है कि आपके लिए कौनसा तेल स्वस्थ्य वर्धक है। आइये जानते हैं ऐसे ही तेलों के बारे में।

1. मूंगफली तेल
मूंगफली का तेल और तेलों के मुकाबलें कई ज्यादा लाभकारी होता है। ये तेल कैंसर से लड़ने में मदद करता है और पाचन क्रिया में सुधार लाता है। यही नहीं इसमें पाल्मिलिक एसिड, ओलिक एसिड, स्टेरिक एसिड और लिनोबनानेलिक एसिड पाएं जाते है जो शरीर को दुरुस्त बनाते है।

2. सरसों का तेल
सरसों के तेल में बीटा कैरोटीन, फैटी एसिड, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा इसमें 1:2 के रेश्यो में छह प्रतिशत ओमेगा-3 फैट (एन-3) और 15 प्रतिशत ओमेगा-6 (एन-6) सहित दो आवश्यक फैट होते हैं। ये हृदय के लिए बहुत लाभकारी माने जाते हैं, क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित करते हैं।

3. जैतून का तेल
जैतून के तेल में फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है जो हृदय रोग के खतरों को कम करती है। मधुमेह रोगियों के लिए यह काफी लाभदायक है। शरीर में शुगर की मात्रा को संतुलित बनाए रखने में इसकी खास भूमिका है। इसलिए आहार में इस तेल का प्रयोग किया जाता है।

4. नारियल तेल
नारियल तेल में फैट की मात्रा नहीं होती है। नारियल तेल से बने व्यंजन, पकवान खाने से भूख नियत्रंण में रहती है। नारियल तेल वजन मोटापा नियत्रंण / वजन कम करने में मदद करता है। नारियल की चटनी खाने में स्वादिष्ट और पौष्टिक गुणों से भरपूर है। नारियल का तेल इडली और ठोसा आदि में इस्तेमाल की जाता है।

5. पाम ऑयल
इस में मौजूद टोकोट्राइनौल्स विटामिन ई का महत्त्वपूर्ण स्रोत है। यह कैंसर, ब्लड डिसऔर्डर आदि से तो बचाव तो करता ही है, त्वचा व प्रजनन हेतु भी अच्छा है। पाम ऑयल में मौजूद बीटा केरोटिन के कारण इस का रंग लाल होता है। यह विटामिन ए का महत्त्वपूर्ण स्रोत है, जो अल्जाइमर, हृदय रोग, मोतियाबिंद, आर्थराइटिस और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से हमारी रक्षा करता है।

6. बादाम का तेल
बादाम के तेल का रोजाना प्रयोग करने से हमारा शरीर तंदरूस्त रहता है। बादाम खाने से दिमाग तेज होता है। बादाम के तेल का रोजाना प्रयोग बुद्धि और नसों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। यह पेट की तकलीफों को दूर करने के साथ आंत का कैंसर होने से बचाता है। बादाम तेल के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। यानी यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा है।

7. अखरोट का तेल
अखरोट के तेल में मोनोसैचुरेटिड फैट्स भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड्स जैसे सिनोलिक एसिड, अल्फा फिनोलिक एसिड और एराकिडोनिक एसिड भी काफी मात्रा में मिलती हैं। इसका नियमित सेवन खून में बुरे कोलेस्ट्रोल को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है। अखरोट में प्रचुर मात्रा में विटामिन ई मौजूद होता है। विटामिन ई शरीर को हानिकारक ऑक्सीजन से सुरक्षा देता है।

8. तिल का तेल
तिल के तेल की तास्सिर गर्म होती है इसलिए इसका इस्तेमाल सर्दियों में बहुत होता है। यह कैल्शियम का बहुत अच्छा स्तोत्र है इसलिए इसे खाने से हड्डियों और दंत मजबूत होते हैं। यह पाचन की प्रक्रिया में सुधार, दिल के स्वास्थ्य में वृद्धि, शिशु स्वास्थ्य की रक्षा,और कैंसर को रोकने में मदद करता है।

9. अलसी का तेल
अलसी की तरह अलसी के बीजों में मौजूद ढेर सारा तेल भी अनेक प्रकार की औषधियों का भण्डार है। इसमें विटामिन ई और ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें अनेकों तत्व जैसे पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, लोहा, कॉपर, जिंक, प्रोटीन, विटामिन बी आदि भी पाये जाते हैं।

10. वनस्पति तेल
वनस्पति तेल को घी की तुलना में ज्यादा स्वास्थ्य वर्धक माना जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसमें ओमेगा-3 जैसे तत्त्व होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी माने जाते हैं। अब वनस्पति तेल का एक और फायदा सामने आया है। इसमें कहा गया है कि प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों के लिए वनस्पति तेल,घी या अन्य पशु उत्पाद तेल की जगह वनस्पति तेल का इस्तेमाल करें और कैंसर को फैलने से रोकें। वनस्पति तेल के इस्तेमाल से आपकी उम्र भी बढ़ जाएगी।



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