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जानिए डेस्क पर लंच करना क्यों है बैड आइडिया?
लोग रोज ऑफिस में 12 घंटे तक बिता रहे हैं और वह भी तनाव से भरे हुए। हालत यह है कि समय के अभाव में लोग सीट पर बैठे-बैठे ही अपना लंच, ब्रेकफास्ट लेते हैं।
अगर आपका डेली रुटीन भी ऐसा ही है, तो आपका वजन बेतहाशा बढ़ता रहेगा। एक रिसर्च से पता चला है कि वे लोग, जो सिर्फ बैठे रहने वाली जॉब करते हैं, उन लोगों का वजन भागदौड़ वाली जॉब करने वाले लोगों की तुलना में 3.3 पर्सेंट ज्यादा होता है। जाहिर है, वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण कम ऐक्टिव होना है।

ब्रेक लें
बेहतर होगा कि आप लंच के लिए 20 से 30 मिनट का समय निकालें। अक्सर ऑफिस में इससे ज्यादा ही समय मिलता है। आप इसका उपयोग लंच के लिए ही करें, न कि गप्पें मारने या किसी दूसरे काम के लिए।

दिमाग को चाहिए फ्रेश वाइब्स
जब आपके मस्तिष्क और शरीर एक अलग स्थान पर जाते हैं, तो वे एक अलग खिंचाव को अवशोषित करते हैं जो आपके काम से संबंधित सामान के अलावा होता है। यह आपको बहुत अधिक रिफ़्रेस करता है और जब आप वर्कस्टेशन पर वापस लौटते हैं तो आपको बेहतर महसूस कराने में मदद करता है।

सहकर्मियों से रिश्ता बेहतर होता है
जाहिर है जब आप अपने सहकर्मियों के साथ बैठकर लंच करते हैं, तो आपके बीच विभिन्न विषयों पर बातचीत होती है, जिससे आपके रिश्ते बेहतर होते हैं। लंच के बाद आप उनके साथ घूमने भी जा सकते हैं, जिससे कुछ कैलोरी भी बर्न होती है।

दिमाग और शरीर के लिए मूवमेंट जरूरी
लगातार सीट पर बैठकर काम करने और उसके बाद वहीं पर लंच करने से आपको थकावट हो सकती है। संभव है आपके काम मीम भी दिल ना लगे। इसलिए बेहतर है कि लंच में अपनी सीट से उठें। इससे दिमाग और शरीर का मूवमेंट होता है।

सीट पर सलीके से खाना होता है
जाहिर है जब आप सीट पर लंच करते हैं, तो आपको खाने से ज्यादा इस चीज का ध्यान रखना होता है कि आप कैसे खा रहे हैं। लेकिन जब कैंटीन में जाते हैं, तो आपको केवल अपने खाने पर ध्यान देना होता है। इससे आपका पेट भी भरता है और संतुष्टि भी मिलती है।

म्यूजिक का आनंद लें
जब आप कैंटीन में लंच करने जाते हैं, तो वहां थोड़ा म्यूजिक सुनें। जाहिर है यह काम अपनी सीट पर तो नहीं कर सकते हैं।



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