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पेट के अल्सर वाले मरीज़ बिल्कुल ना खाएं ये 8 चीज़ें
पेट के अल्स को पेप्टिक अल्सर भी कहते हैं, जो कि पेट की परत पर या फिर छोटी आंत के ऊपरी पोर्शन पर छाले कर रूप ले लेते हैं। शोध के हिसाब से भारत में 90 लाख से ज्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।
पेप्टिक अल्सर या गैस्ट्रिक अल्सर अमाशय या छोटी आंत के ऊपरी हिस्से में होता है। यह तब बनता है, जब भोजन पचाने वाला अम्ल अमाशय या आंत की दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है। पेप्टिक अल्सर पेट या ड्यूडिनल में होता है। यह दो प्रकार का होता है, पहला गैस्ट्रिक अल्सर और दूसरा ड्यूडिनल अल्सर।

अल्सर होने पर पेट दर्द, जलन, उल्टी और उसके साथ ब्लीडिंग होने लगती है। कुछ समय बाद अल्सर के पकने पर यह फट भी जाता है। इसे परफॉरेशन कहते हैं। अल्सर की वजह से पेट में जलन, दांत काट ने जैसा दर्द आदि होता है। अगर आप खाना खाने के बाद कई घंटों तक अपना पेट खाली रखते हैं तो आपको यह दर्द हो सकता है। यह दर्द रात और सुबह के समय ज्यादा हेाता है। यह दर्द कुछ मिनट तक रह कर कई घंटो तक रहता है।
क्या हैं इसके लक्षण-
- जी मिचलाना
- उल्टी आना
- भूख ना लगना
- वजन कम होना
आज आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं जिनका आपको सख्ती से परहेज करना है। स्वस्थ खान-पान और तनावमुक्त जीवनशैली आपके स्वास्थ में बहुत अंतर ला सकती है। फिर भी अगर आपकी तकलीफ बढती जा रही है तो डॉक्टर से सलाह लेकर ज़रूरी इलाज करवाएं जिससे यह बीमारी और ना बढ़े।

1. कॉफ़ी:
कैफीन के सेवन से आपके पेट में एसिड की मात्र बढती है। इस कारण पेट के अलसर के मरीज को कॉफ़ी से परहेज़ करना चाहिए ताकि आपके पेट में एसिड की मात्र ना बढ़े। साथ ही आपके स्वास्थ में जल्दी सुधार हो। ना सिर्फ कॉफी बल्कि जिस चीज में कैफीन होती है जैसे साफ्ट ड्रिंक या चॉकलेट आदि आपकी हालत खराब कर सकती है।

2. मिर्च-मसालेदार भोजन:
कई शोधों से यह पता चला है कि मसलेदार भोजन से अलसर बढ़ते हैं और स्थिति और खराब हो जाती है। छालों में जलन होती है। अतः मसालेदार भोजन से परहेज़ करें।

3. बेक किये हुए खाद्य पदार्थ:
बेक किये हुए खाद्य पदार्थों में ट्रांस वसा की मात्रा बहुत होती है इस कारण यह पेट के एसिड को बढाता है। इसे अलसर में जलन होती है। अतः ऐसे पदार्थों से परहेज़ ज़रूरी है।

4. सफ़ेद ब्रेड:
यह भी एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिससे अलसर की स्थिति और बिगड़ सकती है। अतः अपने भोजन से सफ़ेद ब्रेड को पूरी तरह से हटा देना स्वास्थकर होता है।

5. लाल मांस:
जिन लोंगो को अल्स है उन्हें लाल मांस नहीं खाना चाहिये। रेड मीट में काफी सारा फैट और प्रोटीन होता है जो कि पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। यह जितनी देर पेट में रहता है उतनी देर एसिड रिलीज करता है और पेट की लाइननिंग को खराब करता है। अतः हर हाल में लाल मांस से परहेज़ ज़रूरी है।

6. शराब:
शराब पीने से आपको अल्स हो सकता है लेकिन वहीं जिन्हें अल्स पहले से ही है उनके लिये शराब जहर के समान है। शराब का अत्यधिक सेवन आपके पाचन तंत्र को खराब कर देता है और एसिड का लेवल बढा सकता है।

7. डेयरी उत्पाद:
डेयरी उत्पाद फैट से भरे होते हैं। इन्हें या तो पूरी तरह से हटा दें या फिर इनका थोड़ा कम सेवन करें। अलसर की स्थिति में हालत और भी बिगड़ सकती है। अतः जब तक अलसर ठीक ना हो जाये, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों से दूरी बना ले।

8. चावल, गेहूं और रोटी
ये सभी स्टार्च से भरे आहार हैं जिसका सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिये। इन्हें पचाना काफी मुश्किल होता है जिससे पेट में एसिड की मात्रा बढा जाती है।



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