Latest Updates
-
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूर नियम -
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
डायबिटीज होने से पहले शरीर में दिखने लगते हैं Pre-diabetes के ये लक्षण, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Mangla Gauri Vrat 2026: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व -
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश
अचानक से लगने लगती है आपको भूख? ईटिंग डिसऑर्डर के अलावा हो सकती है ये बीमारियां
क्या आपको इन दिनों अचानक से भूख लगने लगती हैं? आपने अभी कुछ समय पहले ही खाना खाया था लेकिन आपको फिर से भूख लग गई। बार-बार भूख लगना सही संकेत नहीं है। कुछ स्थितियों में ही बार-बार भूख लगा करती है। जरूरत से ज्यादा भूख लगना किसी बीमारी का अंदेशा भी हो सकता है।
लोग इससे जुड़े कारण जानने की जगह ओवर ईटिंग करने लगते हैं जिससे पांचन तंत्र कमजोर होने लगता है। अगर आपको भी खाना खाने के बाद पेट खाली लगता है तो इस समस्या को नजरअंदाज न करें।

इसके पीछे के कारणों को जानने की कोशिश करें। आज हम आपको बार-बार भूख लगने के उन्हीं कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं।
इटिंग डिसॉर्डर
इटिंग डिसॉर्डर जैसे कि बुलिमिया, अत्यधिक भूख के कारण बनते हैं। बुलिमिया में अनियंत्रित ढंग से खाने की समस्या होती है। आमतौर पर जितना खाते हैं उससे कम। बहुत अधिक खाने की ये अवस्था आगे जाकर उल्टी की शिकायत में भी बदल सकती है। एक और इटिंग डिसॉर्डर लगातार खाते रहने का भी है। ये बचपन से ही शुरू हो जाता है जब बच्चा उदास होकर खाने का रुख करता है।
तनाव
कई बार जरूर से ज्यादा तनाव लेने के कारण भी भूख लगने लगती है। इससे बचने के लिए जीतना हो सके उतनी कम चिंता करनी चाहिए। तनाव को कम करने के लिए सुबह- शाम योगा करें।
जल्दी-जल्दी खाना
कुछ लोग खाना जल्दी-जल्दी खाते हैं। बिना चबाएं खाना खाने से यह पचता नहीं है। इससे पेट संबंधित समस्याएं होने लगती है। एेसे में बहुत जरूर है कि खाना हमेशा चबा-चबा कर ही खाएं ताकि इसको पचने में कोई समस्या न हो। खाना जितना जल्दी और अच्छे से पचेगा उतनी ही भूख कम लगेगी।
पीएमएस
पीएमएस यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम का एक सामान्य लक्षण खाने की इच्छा होना है। ये सिंड्रोम मेंस्ट्रुअल साइकिल के दूसरे चरण में होता है और एक दो दिन तक रहता है। इस दौरान खाने की क्रेविंग होना बहुत ही सामान्य सी बात है।
पेट के कीड़े
कई बार अत्यधिक भूख लगना इस ओर भी संकेत करता है कि आपके पेट में कीड़े हो। कीड़े आपके शरीर से आवश्यक पोषक तत्व का अवशोषित कर लेते है जिसके कारण पेट खाली लगता है।
कार्बोहाइड्रेड की ज्यादा खुराक लेने से
रात को कभी कभी ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेड खाने से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिसकी वजह से शरीर में इंसुलिन नामक हार्मोन स्त्रावित होता है और इस वजह से भूख और खाने को लेकर क्रेविंग बढ़ने लगती है।
गर्भावस्था
इस समय महिला को पहले की अपेक्षा ज्यादा भूख लगती है। प्रेगनेंसी के दौरान ये सामान्य सी बात है। इसमें घबराने जैसी कोई बात नहीं है क्योंकि इस समय गर्भ में पल रहे बच्चों को वही खाना लगता है जो उसकी मां खाती है। इसी कारण से गर्भावस्था में बार-बार फूड क्रेविंग होती हैं।
पूरी नींद न लेना
हर व्यक्ति को 7 से 8 घंटे की नींद लेनी जरूरी होता है। तभी आप मानसिक और शारीरिक तौर पर फिट रहते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति ऊर्जावान बना रहता है। पूरी नींद लेने से पेट ठीक रहने के साथ ही बार- बार भूख भी नहीं लगती। नींद पूरी नहीं होने के वजह से शरीर में एनर्जी की कमी होने लगती है और एनर्जी की पूर्ति के लिए भूख लगने लगती है। इसलिए पूरी नींद लेना जरुरी होता है।
प्रोटीन और फाइबर की कमी के कारण
भोजन मे प्रोटीन और फाइबर की कमी होने के वजह से पेट पूरी तरह नहीं भरता है। इस वजह से कई बार ज्यादात्तर भूख का अहसास नहीं होता है। प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन से शरीर को एनर्जी मिलती है। जिसके वजह से भूख नहीं लगती है।
हाइपरथाइरॉइडिज्म
हाइपरथाइरॉइडिज्म में भी भूख ज्यादा प्रभावित होती है। थायरॉइड मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने के लिए काम करता है इसलिए ओवरऐक्टिव थायरॉइड से हारपरएक्टिविटी, इन्सॉमिया या लगातार भूख लगना जैसी समस्याएं हो जाती हैं। हालांकि ज्यादा खाने के बावजूद भी वजन ज्यादा नहीं बढ़ता क्योंकि ओवरएक्टिव थायरॉइड की वजह से कैलोरी बहुत जल्दी बर्न होती हैं।
दवाइयों के सेवन से
कुछ दवाइयों की वजह से भी अधिक भूख लगने की समस्या हाइपरफेजिया हो सकती है। कोर्टिकोस्टेरोइड्स, साइप्रोफेटेडाइन और ट्राईसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट दवाओं का सेवन करने वाले लोगों को ये समस्या हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications